Cli

नेतन्याहू ने ट्रंप की डील कर दी फेल, होर्मुज पर ताला!

Uncategorized

नमस्कार मेरा नाम सौरभ शुक्ला और आप देख रहे हैं न्यूज़ 18 ईरान ने एक बार फिर होमो जलडमरू मत को बंद कर दिया है। साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोलशनरी गार्ड कॉर्प्स आयानी आईआरजीसी नेवी की तरफ से जहाजों को चेतावनी दी गई है कि वे इसके करीब ना आए।

अगर कोई जहाज होरमुज के नजदीक आने की कोशिश करेगा तो एक्शन लिया जाएगा। वहीं आईआरजीसी नेवी ने होरमुस को बंद करने का कारण भी बता दिया है। आईआरजीसी ने लेबनान में इजराइल की कारवाई और युद्ध विराम के वादों को पूरा ना करने का हवाला देते हुए इसे बंद किया है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। आईआरजीसी नौसेना का कहना है कि इजराइल समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इजराइल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है। जबकि अमेरिका ने समझौते के दौरान कहा था कि इजराइल अब लेबनान पर हमले नहीं करेगा। जब तक लेबनान पर हमले बंद नहीं होते तब तक होरमुज बंद रहेगा।

वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी मीडिया को बताया है कि अमेरिका के साथ बातचीत करने वाला एक प्रतिनिधि मंडल जल्द स्विट्जरलैंड जाएगा ताकि यह मांग की जा सके कि इजराइल अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें और लेबनान पर हमले बंद करें। आईआरजीसी ने होमूस बंद करने के कदम को अपनी प्रतिक्रिया का पहला चरण बताया है। ईरानी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इजराइल की आक्रमकता जारी रहती है तो और कदम उठाए जा सकते हैं।

ईरान ने साफ संकेत दिया है कि लेबनान पर हमलों के जवाब में वह इजराइल पर सीधे हमलों के विकल्प भी चुन सकता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर इजराइल नहीं माना तो ईरान एक बार फिर उन पर हमले शुरू कर सकता है। इससे पहले बुधवार को ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते में साफ तौर पर कहा गया है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद हो जाएगी। इसके बावजूद लेबनान में इजराइल के लगातार हमलों से शांति समझौते पर खतरा मंडराता दिख रहा है।

ऐसे में होम जलडमरूम मत को खोलने की खोफड़ा के सिर्फ 3 दिन बाद ही अब इसे फिर से बंद कर दिया है। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने भी कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि वे कुछ ही दिनों में ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जाएंगे। उसके बाद सभी मसले हल हो जाएंगे। होमू जलडमरू मध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह खाड़ी देशों से दुनिया के एक बड़े हिस्से तक तेल और गैस की सप्लाई में मदद करता है। भारत को भी समुद्री रास्ते से काफी मात्रा में तेल और गैस मिलती है। इसलिए होरमज जलडमरू मध्य में रुकावट की नई आशंका से भारत और पूरी दुनिया में ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *