बड़ी खबर अजमेर से है जहां नीट पेपर लीक का दावा किया गया है। नीट यूजी की री एग्जाम से ठीक पहले एक छात्र से वीडियोकॉल पर प्रश्न पत्र दिखाकर मांगे गए 300 पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में कई सवाल क्या नीट री एग्जाम से पहले फिर पेपर लीक की कोशिश हुई है? क्या सच में वीडियो कॉल पर छात्रों को प्रश्न पत्र दिखाकर पैसे मांगे जा रहे हैं? और क्या परीक्षा से ठीक पहले कोई बड़ा ठगी सक्रिय हो गया है? दरअसल देश भर में लाखों छात्र आज नीट यूजी री एग्जाम देने जा रहे हैं।
लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले राजस्थान के अजमेर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता को बढ़ा दिया है। दावा कियाजा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉल के जरिए एक छात्र को प्रश्न पत्र दिखाया और बदले में ₹00 की मांग कर दी।
अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। नीट यूजी परीक्षा पहले ही पेपर लीक विवाद की वजह से चर्चा में रही। इसी कारण आज दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। लेकिन री एग्जाम से ठीक पहले अजमेर से सामने आए इस नए मामले ने कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि परीक्षा में शामिल होने वाले एक छात्र केपास एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसके पास नीट प्री एग्जाम का असली प्रश्न पत्र मौजूद है। पेपर मौजूद है। इतना ही नहीं उसने वीडियो कॉल के दौरान कुछ पन्ने भी उसे दिखाए और कहा कि अगर छात्र₹00 दे दे तो पूरा पेपर उपलब्ध कराया जा सकता है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएवी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और एवीपी सदस्य कृष्ण सिंह ठाकुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह मामला कानून तक पहुंचा। शिकायत के साथ कॉल की रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध जानकारी भी पुलिस को सौंपी गई।
इसी के साथ आपको बता दें कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस एक्टिव हो गई। जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है जो कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर भुगतान के लिए इस्तेमाल किए गए क्यूआर कोड और इसी के साथ वीडियो कॉल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। अजमेर के एडिशनल हिमांशु जागिद ने बताया कि पुलिस हर एंगलसे मामले की जांच कर रही है। हर एक एंगल से पड़ताल चल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो कॉल में दिखाया गया प्रश्न पत्र असली था या सिर्फ छात्रों को भ्रमित करने के लिए इस्तेमालकिया गया था। कोई फर्जी दस्तावेज था। पुलिस के शुरुआती आकलन में यह मामला पेपर लीक से ज्यादा एक बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट की ओर इशारा करता दिखाई दे रहा है।
आशंका है कि परीक्षा का तनाव झेल रहे छात्रों को निशाना बनाकर उनकोटारगेट कर कर उनसे पैसे ऐठने की कोशिश की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि नीट परीक्षा पहलेभी पेपर लीक विवाद का सामना कर चुकी है। ऐसे में परीक्षा से पहले इस तरह के दावे छात्रों के बीच भ्रम और डर को पैदा कर सकते हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि वीडियो कॉल में दिखाया गया कथित प्रश्न पत्र असली था या फिर नहीं। लेकिन पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
इसी बीच प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से [संगीत] अपील की है कि वो किसी भी तरह के पेपर बेचने, प्रश्न पत्र दिलाने या परीक्षा में सफलता या झांसा देने वाले लोगों के झांसे में ना आए। ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। जो यह मामला अजमेर से सामने आया है। क्या यह सचमुच पेपर लीक की कोशिश थी या फिर परीक्षा से पहले छात्रों को ठगने की एक नई चाल थी? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
तो नीट री एग्जाम सेपहले अजमेर से यह मामला सामने आया और इसने कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं जो जांच के बाद सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। सच्चाई सामने आने का इंतजार है। तो अब देखना होगा कि जांच में क्या कुछ सामने आता है।