ब्रॉट टू यू बाय कैंडिडेट कैंडिडेट डस्टिंग पाउडर चार स्किन प्रॉब्लम्स का एक एक्सपर्ट सशन कैंडिडेट डस्टिंग पाउडर हटा खुजली लगा कैंडिडेट हां तिलक सलावा बंद करवाया मोशन खान इसलिए लगाओ इसको लगाओ तिलक के लेंस कार्ड का एक ऐड निकला है जिसमें साफ लिखा हुआ है कि कलावा तिलक जेनयू तुलसी माला और रुद्राक्ष नहीं यूज़ कर सकता यहां का स्टाफ। लेकिन हिजाब यूज़ कर सकता है। तो क्या मतलब है? शरिया लागू करवाना है क्या? भारत देश में शरिया लागू करवाना है क्या? मुसलमानों ने तो पाकिस्तान ले लिया। अब यहां क्या क्या पीटना है भाई? छाती क्यों पीटा जा रहा है?
वीडियो मुंबई के एक लेंस कार्ड शोरूम का है। ये जो महिला रिलीजियस पुलिसिंग करती नजर आ रही हैं। इनका नाम है नाजिया इलाही खान। बीजेपी नेता हैं। नाजिया को लगता है कि वह किसी भी दफ्तर में घुसकर वहां धार्मिक विभेद को हवा दे सकती हैं। नाजिया को लगता है कि उन्हें किसी ने यह अधिकार दिया है कि वह कहीं भी जाकर हिंदू मुस्लिम के नाम पर डांड डपट कर सकती हैं। नाजिया को लगता है कि वह किसी भी पब्लिक प्लेस पर लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर उनके थॉट्स को अपने हिसाब से मोल्ड कर सकती हैं। कानून को हाथ में ले सकती हैं।
वह काम कर सकती हैं जो असल में कार्यपालिका का होना चाहिए। यह सब नाजिया को लगता है। यह सच नहीं है। डोंट बी लाइक नाजिया। फिर से देखिए ये वीडियो। चोर कौन है? क्या नाम है आपका? इसलिए बंद करवाया। नाजिया शोरूम में जाकर उसके हेड का नाम पूछती हैं। फिर धर्म के आधार पर आरोप लगाती हैं कि शोरूम का हेड भारत में शरिया कानून लागू करना चाहता है। पहले कायदे से हेड को हड़काती हैं और फिर हिंदू धर्म के एंप्लाइज को लाइन में खड़ा करके उन्हें तिलक लगाती हैं।
जोर से चिल्लाकर सवाल करती हैं कि जब तुम्हारा हेड अपने रोजे से कॉम्प्रोमाइज नहीं करेगा तो तुम अपने धर्म से कैसे कॉम्प्रोमाइज कर सकते हो? संक्षेप में कहें तो धर्म के नाम पर उकसा रही हैं। तुम मोहसिन खान हो। तुम सबको मोसिन खान बनाओगे और तुमको हेड बना करके रखा गया है मोसिन खान को बुलाओ हिंदू कितने हैं यहां पर इधर आइए मैं तो मुस्लिम हूं इसलिए मैंने भी लगाया मैं मुस्लिम हूं और कौन है हिंदू यहां पर की जय मोहसिन खान है ये ये अपना नमाज छोड़ता है क्या ये अपना रोजा छोड़ता है क्या? ये अपने इस्लाम से कोई भी कॉम्प्रोमाइज करता है क्या? आप क्यों कर रहे हैं?
आप क्यों करेंगे? तिलक लगा के आइएगा। आप चेक किया जाएगा दोबारा। सोशल मीडिया पर किसी कंपनी की पॉलिसी की आलोचना करना एक बात है। लेकिन शोरूम जाकर हंगामा करना अलग बात है। कोई पुलिस नहीं, कोई कोर्ट या फिर वकील नहीं। सीधे कुछ साथियों के साथ नाजिया लेंस कार्ड गई और हेड पर कन्वर्जन तक के आरोप लगा दिए। अपना वीडियो खुद नाजिया ने शेयर किया। साथ में लिखा यह एक स्ट्रेटजी चल रही है। लेंस कार्ड के मालिक को तुरंत गिरफ्तार करो और जांच करो। क्या लेंस कार्ड का किसी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध है? नाजिया अपने के पर गौरवान्वित है। लेकिन भारत का कानून इस पर गौरवान्वित नहीं हो सकता। नाजिया का आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर मोहसिन खान नाम के मुस्लिम व्यक्ति को हेड बनाया है। सोशल मीडिया पर नाजिया खुद को बीजेपी की अल्पसंख्यक नेता बताती हैं। हेट स्पीच के आरोप में नाजिया कई बार चर्चा में आ चुकी हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2021 में उन्हें गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उनके ऊपर 6 लाख की धोखाधड़ी का आरोप था। लेंस कार्ड कंट्रोवर्सी के बारे में भी रिमाइंड करा देते हैं क्योंकि यह सब बवाल शुरू वहीं से हुआ था और उन पर भी जो आरोप लगे हैं वह गंभीर हैं। विवाद की शुरुआत हुई थी एक एक्स पोस्ट से। 15 अप्रैल को शेफाली वैद्य नाम के एक्स यूजर ने लेंस कार्ड को टैग करते हुए कुछ फोटो शेयर की। इन तस्वीरों को लेंस कार्ट स्टाफ यूनिफार्म एंड ग्रूमिंग गाइड का हिस्सा बताया गया। तस्वीर में दिखाए गए नियम के हिसाब से कंपनी की वर्कर्स एक पर्टिकुलर लेंथ का हिजाब पहन सकती हैं। लेकिन किसी भी कलर की बिंदी, स्टोन या फिर कलावा नहीं पहन सकती। सिंदूर को लेकर भी नियम बताया गया कि इसे मिनिमम लगाना है और इस तरह से लगाना है कि माथे पर ना आए।
इसी तरह के और भी कई नियमों का जिक्र किया गया। इस फोटो को शेयर करते हुए यूजर ने लिखा पीयूष बंसल अपने वर्कर्स को यही बताते हैं कि हिजाब ओके है लेकिन बिंदी तिलक या कलावा ओके नहीं है। यह ऐसी कंपनी है जो हिंदू बहुल देश भारत में है जिसके अधिकतर वर्कर्स और कस्टमर हिंदू हैं। यह नियम लेंस कार्ट स्टाइल गाइड के पेज नंबर 11 में लिखा है। ऐसे ही और भी कई सारे कमेंट्स आए तो पीयूष बंसल ने जवाब भी दिया। पीयूष ने लिखा कि हर साल नियमों में बदलाव होता है। हमारी कंपनी में अलग-अलग धर्म के हजारों लोग काम करते हैं। कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं होता। पीयूष ने लिखा कि मैं बताना चाहता हूं कि यह डॉक्यूमेंट हमारे वर्तमान दिशा निर्देशों को नहीं दिखाता। हमारी पॉलिसी में धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है। हम नियमित रूप से अपने दिशा निर्देशों को रिव्यू करते रहते हैं। हमारी ग्रूमिंग पॉलिसी समय के साथ विकसित हुई है और इसके पुराने नियम आज हमारी पहचान को सही ढंग से नहीं दिखाते।
आपको जो कंफ्यूजन हुआ है उसके लिए हम माफी चाहते हैं। पीयूष बंसल के बयान पर और भी काउंटर हुए। सोशल मीडिया पर हिजाब और बिंदी की जो बहस थी वो लंबी चली। जिसके बाद 18 तारीख को लेंस ने एक और स्टेटमेंट दिया। लिखा कि अगर किसी भी पॉलिसी से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई है तो हम माफी मांगते हैं। हम और बेहतर करेंगे और आपका विश्वास जीतते रहेंगे। साथ में एक डॉक्यूमेंट भी शेयर किया जिसमें लिखा है कि कंपनी वर्कर्स के लिए बिंदी, सिंदूर और तिलक भी अलाउ है। मतलब कंपनी में अब यह चीजें भी अलाउ कर दी गई हैं। तो यह था लेंस कार्ड का हिजाब वर्सेस बिंदी का पूरा विवाद। इसी विवाद को लेकर नाजिया लेंस कार्ड गई थी। पॉलिसी कैसी है इसका समर्थन या फिर विरोध किया जा सकता है। लेकिन किसी व्यक्ति या धर्म विशेष को टारगेट करना गलत है। बाकी आपकी जो राय है कमेंट करके बता सकते हैं। इस खबर में इतना ही। मेरा नाम है विभानी। देखते रहिए दर्क।