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नहीं सोचा था असरानी ऐसा भी कर सकते है, चौंका देगा ये किस्सा।

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हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। जब उन्होंने सुना तो उनको बहुत अच्छा लगा तो उन्होंने बोला टाइटल क्या रखा है? तो मैंने रखा सर टाइटल इज हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। तो उठ गए।

कैमरे के बाहर आपने उनको नहीं देखा है। कैमरे के बाहर वो आदमी इतना एंटरटेन करता है। इतना एंटरटेन करता है मजा आ जाता है। जे को लव स्टोरी हिट करेगी या मिस्ट्री। दोनों चीजें बैलेंस रखी है कि मुझे जेंजी भी चाहिए। फुल मसाला सबको हां सबको टारगेट किया है। हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। आ रही है 12 जून को।

डायरेक्टर है राकेश सावंत, प्रोड्यूसर भंवर सिंह पुंडीर एंड ऑफ कोर्स द लेजेंडरी एक्टर जिनकी कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। मुस्ताक खान। वेलकम एवरीवन। सबसे पहले तो सर मैं बहुत ज्यादा शुक्रगुजार हूं क्योंकि इस टीम की वजह से, इस वंडरफुल टीम की वजह से हम असरानी साहब को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देख पाएंगे। थैंक यू सो मच फॉर दैट एंड वेलकम। तो सबसे पहले मेरा फिल्म के डायरेक्टर से सवाल है।

राकेश सावंत जी से सवाल है कि जब आप इस फिल्म को लेकर असरानी साहब के पास गए थे और उन्हें आपने बताया होगा कि हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। ये हम फिल्म का टाइटल रख रहे हैं। उनका सबसे ज्यादा फेवरेट और सबसे ज्यादा जो मशहूर डायलॉग है जिसकी वजह से वो जाने भी जाते हैं। एक छवि आ जाती है। तो उनका रिएक्शन कैसा था?

पहले तो मैं शुक्रगुजार हूं मेरे प्रोड्यूसर का भवर सिंह पुंडीर जी का जिन्होंने मुझे मौका दिया इस फिल्म को शुरू करने का और उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी स्क्रिप्ट चाहिए जिसमें मैं और असरानी जी साथ में काम करें और मैंने एक स्क्रिप्ट सुनाई सर को और बू जी को बहुत पसंद आई और मैं चाह रहा था कि यही स्क्रिप्ट जब मैं असरानी जी को सुना हूं तो उनको क्या लगे तो उन्होंने जब स्क्रिप्ट सुनी एंड लकीली वो पूरी कहानी सुनाई मैंने सर आप ये रोल कर रहे हैं आप अपनी लाइफ में कभी आपने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर का रोल किया नहीं।

तो एज अ पुलिस ऑफिसर आपने शोले में किया है और जब आप ये फिल्म करोगे तो इट विल बी डिफरेंट फॉर यू। एक एक अलग एरा होगा, एक अलग लुक होगा क्योंकि आपने आज तक एक एज एन इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर आपने कोई फिल्म नहीं की है सर। तो जब उन्होंने सुना तो उनको बहुत अच्छा लगा। तो उन्होंने बोला टाइटल क्या रखा है? तो मैंने कहा सर टाइटल इज़ हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। तो उठ गए। ये रिएक्शन था उनका। अ सही में यह टाइटल है।

बोला हां सर यह टाइटल है। और बोला अरे यार यह तो मेरे मन की बात बहुत सालों बाद 75 के बाद यह बात फिर से रिटर्न आ रही है। इट्स एन अमेजिंग स्क्रिप्ट बोले एंड बड़ा मजा आएगा इस फिल्म को इस फिल्म में काम करने के लिए। जिसमें आपको फुल एंटरटेनमेंट जिसे कहते हैं जिसे मेरी सिस्टर राखी सावंत कहती है एंटरटेनमेंट। एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट।

राखी सावंत पर आऊंगी। जी जी उस उस बात को रखते हुए ये पूरी फिल्म पब्लिक के लिए बनाई गई है। उनको देख के लिए बनाई गई है जो असरानी साहब को पर्दे पे देखना चाहते हैं। तो मैं वी मिस हिम अ लॉट वी मिस हिम अ लॉट एंड टुडे ये फिल्म करने के बाद मैं बहुत खुशनसीब हूं कि इसमें उन्होंने डबिंग भी की है। पूरी फिल्म की डबिंग उन्होंने की है जहां पर अ सब कह रहे थे कि भूत बंगला उनकी आखिरी फिल्म है।

लेकिन भूत बंगला में उनका किरदार बहुत छोटा सा है। इसमें बहुत बड़ा किरदार फ्लेजेड रोल है। या ये दो घंटे की फिल्म है जिसमें पूरा का पूरा रोल सारे कररेक्टर्स पैरेलल है। किसी का कम किसी का ज्यादा नहीं है और बड़ा मजा है सर के साथ काम करने का। एंड आज हम लकी हैं कि 12 जून को पूरी दुनिया हिंदुस्तानी नहीं पूरी दुनिया में जितने असर जी के फैंस हैं उनके जो फॉलोअर्स हैं, उनके जो लवर्स हैं उन्हें ये फिल्म हम पेश करने की कोशिश करेंगे।

सर मैं मुस्ताक जी से एक सवाल करना चाहूंगी। सर इस फिल्म में कई दिग्गज कलाकार हैं। जरीना जी हैं, मिलिंद हैं और ऑफ कोर्स आप तो हैं ही एंड असरानी जी तो हैं ही। तो सर जब हम एक ऐसी स्टार कास्ट के साथ काम करते हैं और हम सीखते हैं आप हर फिल्म से कुछ लेकर जाते हैं। तो सर क्या आपने इस सेट पर इतनी जो स्टार कास्ट थी और इतने दिग्गज कलाकार हैं ये? तो क्या ऐसा इनका एक्टिंग का स्किल होगा या फिर क्या आपने ऑब्जर्व किया होगा हर एक इंसान से जिसमें जिसको आपने इमबाइब किया हो क्योंकि हर एक्टर हर फिल्म सेट से कुछ ना कुछ तो सर लेकर जाता है

इस सेट से मुस्ताक खान क्या लेकर थे इस फिल्म में पेमेंट के साथ-साथ बहुत पेमेंट सर टाइम पर रहा है ना बिल्कुल ये उसके लिए सर पेमेंट ये ये इससे बात नहीं कर देते ये ये सीधा बात है और इस बारे में जो भवरजीत है बिल्कुल के इन्होंने कभी मायूस नहीं किया है। बोले मैं हूं ना बस टेंशन मत लो। तो मैं ये कहना चाह रहा था यासमीन जब एक्चुअली हम लोग बहुत लालची होते हैं।

हम लोग एक्टर्स जो होते हैं ना जब भी हमको कोई प्रोड्यूसर बोलता है या डायरेक्टर बोलता है यार आपको ये फिल्म में मेरा काम करना है ये करना है ये करना है। तो हम सबसे पहले ये पूछते हैं यार और बाकी आर्टिस्ट कौन है? एक्साक्ट्ली सही बताऊं। अच्छा मैं तो सबसे पहले ये पूछता हूं यार कैरेक्टर अ लॉट ऑफ गुड एक्टर्स इन हां या या नहीं और मैं खास करके मैं ये नहीं पूछता हीरो कौन है? हीरोइन कौन है? मैं ये पूछता हूं यार साथ में साथी कलाकार कौन-कौन है हमारे? कररेक्टर एक्टर्स कौन-कौन है? और उसके बाद जब पता चला असरानी साहब अब मजा आ जाता है।

असरानी मतलब बोले साहब क्योंकि असरानी साहब का मैं आपको एक बता दूं बता एक असरानी साहब सिर्फ कैमरे के सामने वो एक्टिंग नहीं करते थे। एंटरटेन नहीं करते थे। कैमरे के कैमरे के बाहर आपने उनको नहीं देखा है। सर आई वांटेड टू बट कैमरे के बाहर वो आदमी इतना एंटरटेन करता है। इतना एंटरटेन करता है तो मजा आ जाता है। तो और उस उस आदमी से इतना सीखने को मिलता है कि यू हैव टू बी वैरी सिंसियर अबाउट योर कररेक्टर वर्क एंड ही वाज़ ही वाज़ अ वर्कोलिक हम ही वाज़ अ वर्कोलिक इतना मतलब मेहनत से काम करता था वो आदमी किस तरह से वो लाइनें अपनी याद करते थे और वो मजा है कि कोई उनको जब वो प्रैक्टिस कर रहे हैं।

जब लाइनें अपनी लर्न कर रहे हैं तो कोई उनको छेड़ नहीं सकता। उनसे कोई बात नहीं कर सकता था। तो बहुत कुछ सीखने को मिला। सिंसियरिटी, अपने काम के प्रति वफादारी ये सारी चीजें छोड़ के गए और बस मैं उनके यही कहना चाहता हूं दर्शकों से कि आपको उन्होंने 1975 में आपने उनकी फिल्म देखी होगी। उसके पहले भी वो आ गए थे। एक बहुत बड़े वो कलाकार थे और टीचर भी रहे। वो एक्टिंग की टीचिंग भी उन्होंने किए। उन इंस्टिट्यूट से उन्होंने अपने अपना डिप्लोमा लिया। फिर यहां बॉम्बे में आए। स्ट्रगल किया। छोटे-छोटे रोल किए। एक-एक सीन किए।

लेकिन उनका एक सीन भी जो है ना आप भूल नहीं सकते और अगर आप कभी पता नहीं आप तो शायद उस वक्त आपने जन्म भी नहीं लिया होगा। उनकी फिल्म थी एक मिली। एक फिल्म थी मिली और उस फिल्म में उन्होंने जो एक एंट्री की है वो यादगार रह जाती है। सर अब हम प्रोड्यूसर साहब पर आएंगे। सर इस फिल्म में जैसे कि मैंने ट्रेलर देखा था। दिग्गज कलाकार भी हैं जिनके पास एक्सपीरियंस है वो सब भी हैं और कुछ फ्रेश चेहरे भी हैं। तो एज अ प्रोड्यूसर क्या ये आपने सोच का डिसीजन लिया कि बैलेंस अप्रोच रखते हैं। फ्रेश चेहरों को भी मौका देते हैं और दिग्गज कलाकारों की जो आर्ट है उससे भी हम कॉम्प्रोमाइज नहीं करेंगे।

तो इससे फाइनेंस यस बिल्कुल ठीक कहा। कैसे कनेक्टेड है और बजो हमारा थोड़ा कनेक्टेड था बजट होने की वजह से हमने सोचा कि नए स्टार कास्ट के साथ-साथ फिर भी आपने कॉम्प्रोमाइज नहीं किया। दैट्स अ वंडरफुल वंडरफुल थिंग। जी जी जी बिल्कुल नए चेहरे के साथ ही जितने भी बाकी कलाकार संभाजी हुई हैं। और ये जैसे अभी बताया राकेश जी ने आपने सुना कि असरानी जी की लास्ट फिल्म है। तो जब भी ये नाम आएगा कि असरानी जी की लास्ट फिल्म कौन सी थी? अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। जिसके साथ ही सबसे ज्यादा है। तो हमारा नाम भी वंडरफुल साथ साथ रहेगा। व्हाट अ ट्रिब्यूट और ट्रिब्यूट उनके साथ काम करने का अनुभव सीखने को मिला। बड़ा अच्छा लगा। हम शुरू रमेश सिप्पी जी ने किया था शोले से उसका जो एंड किया है सो नाइस। देखिए बोल दिया मुस्ताक भाई ने। हमारी और तीन फिल्में आ रही है। तो आज ये जो फिल्म है जो असर जी के साथ जो एक लेजेंड है ही इज़ अ ही इज़ अ बुक। ही इज़ अ टीचर।

मैंने जो सीखा है उनसे मैं तो इतना ही कहना चाहूंगा जैसे मैंने फिल्म की थी राजेश खन्ना जी के साथ में। मेरी पहली फिल्म थी आई वास 21 जब मैंने राजेश खन्ना जी को डायरेक्ट किया था फिल्म वफा में। वो पूरी फिल्म करने के बाद जो उनसे सीखा ही इज़ अ डिफरेंट टाइप ऑफ एरा एंड असरानी जी इज़ अ डिफरेंट डिफरेंट टाइप ऑफ़ एरा। असरानी जी के साथ कॉमेडी है। इमोशंस है। हिमसेल्फ एन एरा इज़ ही इज़ एन एरा ही इज़ एन एन एन एन एन एन एन एन एन एन एरा मतलब उनके साथ काम करके मतलब ही इज़ अ डिक्शनरी ऑफ़ परफॉर्मेंस। इज़ अ डिक्शनरी ऑफ़ ये पूछना चाहूंगी कि जैसे मैंने ट्रेलर देखा जी। उसमें लव स्टोरी भी चल रही है। मर्डर मिस्ट्री चल रही है जिसे सॉल्व कर रहे हैं सब। जी। तो आपको क्या लगता है जेजी को लव स्टोरी हिट करेगी या मर्डर मिस्ट्री? मैंने दोनों चीजें बैलेंस रखी है कि मुझे जजी भी चाहिए और आसानी की जो लवर्स हैं उनके जो फॉलोअर्स हैं जो 50, 60 और 30 एंड यस यस। तो फुल मसाला एंटरटेनमेंट सबको टारगेट किया। हां, सबको टारगेट किया है।

ये जो लोग असरानी जी को लास्ट टाइम एज अ हीरो देखना चाहते हैं। एज अ परफॉर्मर देखना चाहते हैं तो आप जरूर ये फिल्म देखें। आपको वो सारी चीजें मिलेगी जो आपने असानी जी की शोले में देखी थी। आपने असानी की बहुत सारी फिल्में कैरेक्टर्स में होगी। लेकिन एज अ हीरो जैसे वो गुजराती फिल्मों में हीरो थे तो उनकी फिल्म को बहुत सराया जाता था वहां पर। तो वर्ल्ड वाइड जो गुजराती फैंस है वर्ल्ड वाइड जो असरानी फैंस हैं उनके लिए एक तड़का होगा। इट विल बी अ ट्रीट इट विल बी ट्रिब्यूट ट्रिब्यूट टू असरानी ट्रिब्यूट वर्थ सर मैं आपसे पूछना चाहूंगी जब आप सेट पर थे क्योंकि ये असरानी सर के कुछ लास्ट प्रोजेक्ट्स में से एक रहे थे और उस वक्त वो बहुत ज्यादा बीमार थे और हमने जैसे रिपोर्ट्स में भी पढ़ा जब उनके निधन के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। कई हद तक बहुत सारी बीमारियों से वो जूझ रहे थे। तो सर सेट और जब मैंने ट्रेलर देखा कट टू सो एनर्जेटिक सच मतलब व्हाट अ वंडरफुल परफॉर्मेंस है एंड डायलॉग डिलीवरी ऑन पॉइंट उन मतलब जहां उन्हें शाउट करना है।

जहां उन्हें आराम मतलब एनर्जी इतनी ज्यादा थी एंड कट टू जब हम जब उनका निधन हुआ और हम खबर बना रहे थे ही वाज़ सफरिंग सो ये कैसे हुआ कैसे हो रहा था सर ये आप सेट पर थे तो सर आपका एक्सपीरियंस क्या था? मतलब वो किस तरह इस चीज को पॉसिबल बना पा रहे थे? इट्स सच अ अनबिलीवेबल थिंग। यस मेरी ये फिल्म की शूटिंग तो हम काफी टाइम हो गया था। मैं उनके अंतिम सांस लेने के कुछ मेरे ख्याल है एक या दो महीने पहले उनके साथ मैं राजस्थान। राजस्थान के जयपुर में उनके साथ एक शो में किया था। उनके साथ मैंने स्टेज शेयर किया था। तो मैं जब होटल में पहुंचा तो ऑटो ने बोला कि असरानी साहब भी आए हैं। क्या बात है? मैंने कहां है? बोले ये बाजू के रूम में। मैंने कहा यार चलो आइए आइए मिलते मिलते मिलते मिलते हैं।

आप बिलीव करेंगे तो हम लोगों को एक टाइम था कि हमको 6:00 बजे यहां से निकलना है। यहां से निकलना है। है ना? आप एनर्जी की बात कर रहे हैं ना। ऐज की बात कर रही है ना? तो हम मैं तो तैयार ही नहीं हुआ था। मैं तो तैयार ही नहीं हुआ था और ये था कि हमको सब साथ में निकलना है शो के लिए इवेंट के लिए। तो उसने बोला कि हसनी साहब ये रूम है 203 में। तो मैंने कहा अच्छा अच्छा चलो चलो। तो अब जैसे ही उन्होंने नॉक किया कौन है? आवाज आई अंदर से। कौन है? कौन है? जी मैं भास्कर भास्कर आई एम रेडी। वाओ। आई एम रेडी। तो दरवाजा खोलो। चलिए। रियली? अरे ये फैक्ट बता रहा हूं मैं आपको। ही वास मौत के डेढ़ या दो महीने पहले की बात। और क्या ऐज रही उनकी कब? किसी को नहीं पता था। सीरियसली आप लोगों को नहीं पता था। ही सफरिंग फ्रॉम वो जब डबिंग कर रहे थे तब मैं बता रहा हूं डबिंग करते और ये किस्सा एक महीने से डेढ़ महीने से मैं आपको बता रहा हूं ना नॉक किया सिर्फ नोक उसने किया वो सिर्फ मेरे को ना मिलाना चाह रहा था कि मुशा भाई भी आए हुए हैं तो उधर से आवाज आई नॉक किया कौन है।

बस भास्कर भास्कर भास्कर भास्कर आई एम रेडी ओ वाओ आई एम रेडी जा रहा गाड़ी गाड़ी खा कौन है कहां ऐ मुस्ताक चलो तुम भी चलो चलो आई एम अंग्रेजी ये ओह माय गॉड ये फैक्ट बताओ ऐसे बोला था उन्होंने ऐसा कोई है एक्टर इतना वो और वो आदमी पूरा कपड़े वपेड़े सूट सूट पहन कर के बोले मैं रेडी हूं भाई चलो अदरवाइज यही शूट पे होता था सबसे पहले पहुंच जाते थे वो शूट पे और एंड में जाते-जाते भी इतनी एनर्जी देती थी सब में के हर आर्टिस्ट बोलता था कि हम वेट कर रहे हैं आसानी सेट पे आ जाए सर अच्छा आज उनका कमाल होता तो एक सेंस भी था ना उनका टाइमिंग जो होती है ना वो कमाल की थी। अगर जैसे कोई साइलेंस है, कुछ साइलेंस चल रहा है, कुछ बातचीत चल रही है। अचानक कहीं से कोई आवाज कौन है? कौन रखा है? क्या हुआ? इसको मार के कौन गिरा? कौन गिरा रे? कौन गिरा? लेके आ। ही वास लाइक दैट। यू वास् लाइक दैट। जोश 80 82 83 या 86 या समथिंग आदमी 84 85 आदमी आवाज नहीं निकलती नहीं यार ये था सर हम प्रोड्यूसर साहब से पूछना चाहेंगे कि आपको सबसे ज्यादा परेशान किस एक्टर ने किया है? परेशान किसी एक्टर ने नहीं किया। किसी ने नहीं किया।

एवरीबडी वास सो हम तो सुनते हैं कि प्रोड्यूसर्स के पास ऐसे डिमांड की लिस्ट आती है। कि हमें यह चाहिए, हमें वो चाहिए, हमें वैनिटी चाहिए, हमें होटल रूम अलग से चाहिए और वीआईपी वीआईपी ट्रीटमेंट चाहिए। नहीं नहीं हम तो इनसे आके पूछते थे सर चाय चाहिए। इनफैक्ट यही है। हम रहे सर आपको किसी ने परेशान नहीं किया। हम जहां शूटिंग कर रहे थे। हमने देहरादून में शूटिंग की। क्योंकि हम कितने एक्टर्स का देखते हैं और खबरें आती हैं कि उनका यह है, उनका वो है। मेरी पूरी यूनिट ऐसी थी कि क्योंकि इतनी बड़ी स्टार कास्ट है। फैमिली। इतनी बड़ी स्टार कास्ट है। एक भी एक्ट एक्टर ने आपको परेशान नहीं किया। एक तो अच्छा कोई एक कोई हीरो, कोई हीरोइन, कोई भी कोई दो।

मतलब पूरी यूनिट ऐसी थी कि इट वास लाइक अ फैमिली। एंड वी हैड अ यूनिट ऑफ़ अराउंड 120 पीपल 120 और गैप नहीं लिया हमने। बैठ गया और फिनिश किया। स्टार्ट टू फिनिश। सो सर असन साहब कि आपकी कौन सी फेवरेट मेमोरी है एज अ प्रोड्यूसर? क्योंकि जब आप उनसे मिले होंगे, आपने उनको कास्ट किया, तो क्या फेवरेट मेमोरी आपकी है? क्योंकि सब आपकी फिल्म है और यह फिल्म रिलीज़ होने वाली है। वैसे तो उनकी तो हर चीज़ फेवरेट एक सबसे ज्यादा जो आपके ज़हन में बार-बार आती है कि वाओ राकेश के बारे में ही थी। उन्होंने अपने सेक्रेटरी को मेरे पास भेजा था कि जरा एक बार पूछो कि मैं मिलना चाहता हूं। मतलब तो वो मुझे बुलाने पूछने आया था कि वो मिलना चाहते तो मैंने कहा मैं उठ के सिरसा चला तो राकेश के बारे में उन्होंने कुछ मेरे को बोला था तारीफ की थी और उन्होंने कहा तारीफ तो ऑफर्स मतलब बुराई नहीं की थी तारीफ की थी तारीफ तो बता सकते तारीफ की थी सुन सकता है।

हां अच्छा हां हां मैंने जिन डायरेक्टर्स के साथ शुरू किया था करियर अब मेरे अंतिम कैरियर में मेरे को ऐसा ही बंदा तुमने मिलवाया ओ उनका पहला डायरेक्टर मालूम कौन था? ऋषिकेश मुखर्जी। वाव आप जानते नहीं जानते। आपको पता नहीं जानते। बताया कि बहुत लेबोरियस है। मुखर्जी वाज़ अ ग्रेट ग्रेट ग्रेट डायरेक्टर एज वेल एस एडिटर। एंड ही मेड अ फिल्म लाइक मतलब आप क्या बोलते हैं? हां वो तो सर कुछ फिल्में आप मुझे रेकमेंड कीजिए। आई विल विल वॉच। आप देखिए चुपके-चुपके। मिली चुपके चुपकेपके चुपके चुपके छुपके चुपके चुपके अमिताभ बच्चन और उनके साथ जो नहीं ये बात नहीं है क्लिप्स देखें आप जो है ना ऐसा नहीं कर रही है आप आप ना अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र जी से जो उन्होंने कॉमेडी करवाई है वाओ आई विल सर आई विल आप देखिए वो फिल्म सर जब मैं फिल्म को लेकर रिसर्च कर रही थी तो मैंने ये नोटिस किया कि फिल्म पिछले महीने रिलीज हो रही थी 12 ऑफ मई आई गेस 28 लास्ट मंथ वो रिलीज़ होनी थी।

नाउ इज़ लाइक एक्सटेंडेड। तो सर इस चीज़ का क्या रीज़न है? क्या एक्चुअली हमारी रिलीज़ जो थी 28 को थी लेकिन और आई थिंक नहीं सेंसर बोर्ड ने कहा कि ये हम और एक बार देखना चाहते हैं। उनको बहुत पसंद आता। उनको वो कुछ कैरेक्टर से नहीं एक्चुअली सेंसर बोर्ड आजकल बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट हो गए हैं क्योंकि मनोज वाजपेयी जी की एक फिल्म आई थी भैया जी उसमें कुछ प्रॉब्लम्स हुई थी और एक भोजपुरी फिल्म है पंडिताइन उसमें कुछ प्रॉब्लम हुई तो हमारा कैरेक्टर का जो रोल है मिलिंद गुना जी उसमें ठाकुर है तो उन्होंने मुझे बुलाया और मुझे पूछा कि एक कोई ठाकुरों के बारे में से कुछ बुराई तो नहीं है क्योंकि हमारे प्रोड्यूसर साहब खुद ठाकुर है और उन्होंने फिल्म पूछा मुझे बुलाया इसके बाद उन्होंने बोला कि कोई प्रॉब्लम नहीं है तो अब जाके हमारी फिल्म सेंसर हुई है और 12 तारीख को रिलीज़ होगी। अदरवाइज हमारी 28 को ही रिलीज़ होने वाली थी।

लेकिन ये बहुत मेरे लिए लकी हूं कि अगर 12 को गई तब जाके मैं आज यहां पर आ पाया। अगर पिक्चर रिलीज़ हो जाती तो शायद मैं यहां पर आने का मुझे मौका भी नहीं मिलता। सर मैंने वही रिसर्च किया था तो फिर वो लास्ट मंथ होनी चाहिए। तो आई वास लाइक के ऐसा क्या हुआ? मतलब सेंसर बोर्ड सेंसर के आज के टाइम पे सेंसर इज़ वेरी स्ट्रिक्ट। और ये होना भी चाहिए। क्योंकि क्योंकि ऑडियंस के पास एंड प्रोडक्ट जो जाता है वो परफेक्टली अच्छा है। और और किसी की फैमिली को या किसी को ना हर्ट करते हुए फिल्म बनाई जाए। ना जाति पर ना कोई विवाद हो। ऐसी फिल्म बनाए जहां पर एंटरटेनमेंट हो। आप अपनी फैमिली के साथ एंजॉय करें। वही कोशिश हमने की है। हम तो पूरी कोशिश यही है कि बस पब्लिक एंजॉय करें। स्पॉइलर दिए बिना मिस्ट्री खोले बिना फिल्म को एक लाइन में आप बताइए कि ये फिल्म किस बारे में? मतलब इसमें मेन जो यूएसपी है जो इसकी स्टोरी है। बस स्पॉइलर नहीं चाहिए हमें क्योंकि हम जाके देखेंगे। इसकी यूएसपी आप मुझे बताएंगे असरानी जी का आइटम सॉन्ग है। सीरियसली जो आज तक किसी ने नहीं बनाया है। ये आपके लिए आइटम सॉन्ग है यस यस यस यस आइटम सॉन्ग है असानी जी का और असानी जी जो नाचे हैं और दो लड़कियों के साथ भवर जी ये ट्रेलर में नहीं है।

या आपको ये ये यही सरप्राइज चैनल्स के लिए है। नहीं ये यही सरप्राइज चैनल्स के लिए है। तो हमने अभी आप ये गाना आपको मिल जाएगा बहुत आज ही लाइव हुआ है और वायरल हुआ है। तो ये गाना हम लोगों के लिए असरानी जी नाचते हुए गाते हुए फर्स्ट टाइम एन आइटम सॉन्ग विद टू गर्ल्स आप देखो आप सोचोगे कि जो एनर्जी और जो उन्होंने मजे लिए और गाने शूट करते और उन्होंने कहा और उनका उनका यही कहना था असरानी जी का कि राकेश पूरी फिल्म इतनी जबरदस्त है। क्या एक आइटम सॉन्ग हो जाए? तो मुझे लगा कि शायद राखी के लिए बोल रहे होंगे। मैंने बोला सर अभी तो फिल्म तो कम्प्लीट है राखी के लिए। बोला राखी के लिए नहीं मेरे लिए। मेरे लिए मैं नाचूंगा। आई वांट टु आइटम सॉन्ग। तो इट वाज लाइक समथिंग वैरी वेरी यूनिक। तो मैंने प्रोड्यूसर साहब से बोला प्रोड्यूसर बोला एवरीथिंग इज डन। मैंने बोला सनी जो वो डेट डेट डेट सब दे दूंगा। पैसे? फ्री। वाओ। नो मनी।

आप सिर्फ गाना शूट करो। काम करो। मेरे को गाना करना है। पैसे भी बच गए। गाना भी शूट हो गया। फिल्म आप लोगों ने उनके साथ बनाई। हम्म। प्रमोशन उनके बिना हो रहा है। हां ये तो तो दैट इज सच अ इमोशनल थिंग। इट्स वैरी हर्टिंग। अगर अगर वो साथ में होते वो सब होते साथ में तो शायद आज और और मजा आता। और मजा आता और यही है बार-बार। और ये जो इंटरव्यू या जो भी आप कह रहे हैं ये जो है प्रमोशन है। फिर ये एक ही होता एक दिन में। एक ही होता। हां वो फिर छोड़ते नहीं है। सर आपसे सवाल है कि हम अंग्रेजों के ज़माने के जेलर हैं। असरानी साहब तो हैं ही इस फिल्म को ऑडियंस क्यों देखने जाए? उसका सर एक अच्छा सा हमें आपकी तरफ से स्टेटमेंट चाहिए। देखिए साहब इसमें असरानी साहब तो है ही डेफिनेटली। उन्होंने इतना अच्छा रोल किया है और राकेश ने यह भी बोला कि उन्होंने डांस भी किया है, नाचा भी है।

इसके अलावा फिल्म में बहुत सारी चीजें हैं। अच्छा कंटेंट है, कहानी है, सारे आर्टिस्टों ने अच्छा काम किया है और सबसे अच्छा बताऊं इसका लोकेशन कमाल है। यूके लुक्स लाइक अ वेकेशन ओनली। यूके जो है ना यूके जो है आप समझ रहे हो ना? यूके हां यूनाइटेड यूनाइटेड नहीं उत्तराखंड उत्तराखंड इतना खूबसूरत दिखाया हुआ है इसमें तो वो देख के बहुत मजा आएगा तो बहुत सारी चीजें हैं समझे बहुत सारे मैटर्स है इस फिल्म को देखने के लिए सर आपको क्या सबसे ज्यादा इंप्रेस किया स्क्रिप्ट में के साइन कर दी देखो मैं तो साइन कर देता हूं क्योंकि मैंने राकेश के साथ बहुत सारी फिल्में की है मैंने तो मैं ज्यादा बस बस ये है कि भैया जो भी हो देखते हैं कि हां कौन बना रहा है कौन जो भी होगा अब जो भी होगा अच्छा ही होगा। अब जैसे महेश भट्ट की जो भी फिल्में होती थी तो भट्ट साहब के साथ मैंने कुछ 17 18 फिल्में की राइट तो वहां थोड़ी मैं पूछता था भट्ट साहब के भाई या तो वो या तो ये उन्होंने फोन आया बुलाओ उसको साहब को सर आई लव यू एंड वेलकम हां या थैंक यू थैंक यू सर वो डायलॉग मैं सुनना चाहूंगी प्लीज ओह माय गॉड वो माय फेवरेट डायलॉग ओ मैं आपको बाहर सुना दूंगा कैमरे के बाद मेरी एक टांग मेरी एक टांग बिलकुल भी नकली नहीं है काफी जगह और आई लव हॉकी थैंक यू थैंक यू थैंक यू वैरी मच वो मैंने काफी सुना दिया मैं आपको बाद में सुना दूंगा बट बट मैं इस फिल्म के बारे में जरूर बोलूंगा कि भाई प्लीज मैं जनता से मेरी रिक्वेस्ट है आई विश प्लीज कि आप ये फिल्म देखिए।

बहुत अच्छी फिल्म बनी है और आप एंजॉय करेंगे। आप मायूस नहीं होंगे। सर डेट के साथ, लोकेशन के साथ आप बताइए के कब रिलीज हो रही है। हम देखना है ताकि ऑडियंस आए। जी। खींची चली आए। जी। हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं। आ रही है 12 जून को हर थिएटर में ऑल इंडिया ऑल वर्ल्ड। प्लीज देखिए असरानी जी को मुस्ताक जी को पूरी टीम को इस फिल्म के द्वारा हम यही कहना चाहते हैं कि थिएटर में जाके देखिए। बड़े पर्दे पे फिल्म देखिए आप मजा लोगे। हम अंग्रेजों के जमाने के चेयर हैं।

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