नाना पाटेकर को दर्शकों ने पर्दे पर कई बार पुलिस अधिकारी, फौजी और सख्त मिजाज किरदारों में देखा, लेकिन उनकी जिंदगी का एक हिस्सा फिल्मों से कहीं अलग था। 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना का भारतीय सेना से गहरा जुड़ाव रहा। यह रिश्ता केवल किसी फिल्म की शूटिंग या किरदार निभाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने बाकायदा कड़ी सैन्य ट्रेनिंग ली थी और हथियार चलाने का अनुभव भी हासिल किया था।
इतना ही नहीं, 1999 में जब कारगिल युद्ध चल रहा था, तब वह सैनिकों के बीच पहुंच गए थे। इसके लिए उन्हें उस समय के रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से खास इजाजत लेनी पड़ी थी। बाद में नाना ने खुद उस दौर से जुड़े कई किस्से साझा किए थे।नाना पाटेकर का सेना के साथ जुड़ाव उनकी 1991 में आई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ की तैयारी के दौरान मजबूत हुआ। इस फिल्म में उन्होंने मेजर प्रताप चौहान का किरदार निभाया था। खास बात यह है कि नाना इस फिल्म के निर्देशक भी थे। किरदार को पर्दे पर असली दिखाने के लिए उन्होंने केवल फौजी वर्दी पहनकर अभिनय नहीं किया, बल्कि असली सैन्य ट्रेनिंग भी ली।
बेलगाम में ली कड़ी ट्रेनिंगफिल्म की तैयारी के लिए नाना पाटेकर ने मराठा लाइट इन्फैंट्री के बेलगाम स्थित रेजिमेंटल सेंटर में ट्रेनिंग ली थी। उस समय की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कठिन शारीरिक ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा था। इस दौरान उन्होंने सेना की दिनचर्या और अनुशासन को करीब से समझा। उनकी यही तैयारी बाद में ‘प्रहार’ में मेजर प्रताप चौहान के किरदार में भी दिखाई दी।
टेरिटोरियल आर्मी से भी जुड़ा नामनाना का सेना से रिश्ता फिल्म पूरी होने के बाद खत्म नहीं हुआ। बाद में उनका जुड़ाव टेरिटोरियल आर्मी से भी रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें टेरिटोरियल आर्मी के अधिकारी के रूप में पहचान मिली और बाद में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक भी दी गई। नाना कई मौकों पर भारतीय सेना के प्रति अपने सम्मान के बारे में खुलकर बात करते रहे थे।
कारगिल युद्ध में गए थे नानासाल 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध शुरू हुआ तो नाना पाटेकर सैनिकों के पास जाना चाहते थे। उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से संपर्क किया और सैनिकों के साथ जाने की इजाजत मांगी।नाना ने 2024 में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में जॉर्ज फर्नांडिस ने उनसे कहा कि कोई आम नागरिक इस तरह सीधे सेना के साथ नहीं जा सकता। लेकिन नाना ने इसके जवाब में अपनी सैन्य ट्रेनिंग के बारे में बताया।नाना पाटेकर ने रक्षा मंत्री को बताया था कि वह कमांडो ट्रेनिंग कर चुके हैं और उन्हें हथियार चलाने का अनुभव है। उन्होंने यह भी बताया कि वह राइफल शूटिंग में राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा ले चुके हैं। इसके बाद उन्हें सैनिकों के साथ जाने की अनुमति मिल गई। नाना के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने करीब 60 दिन सेना के जवानों के बीच बिताए।