दिल्ली के जंतरमंतर में लगभग 1 महीने चले सीजेपी के प्रोटेस्ट का असर अब बीजेपी के कार्यकारिणी में भी देखने को मिला है। उत्तराखंड भाजपा की अगर बात करते हैं तो उत्तराखंड भाजपा की युवा मोर्चा की टिहरी जिले की मंडल अध्यक्ष मनिका राणा को उनके पद से हटा दिया गया है। उसके उनके जगह जो है शुभम निगी को यह जिम्मेदारी फिलहाल सौंपी है। हुआ क्या कि मनिका राणा दिल्ली में जंतरमंतर में चल रहे प्रोटेस्ट पर पहुंची थी। जहां पर छात्रों के समर्थन में वो नजर आई।
उन्होंने एक वीडियो भी अपलोड किया। उस वीडियो में जो है कई बातें उन्होंने प्रोटेस्ट के बारे में की थी। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ बीजेपी ने उसका संज्ञान लिया और उसके तुरंत बाद जो है मणिका को उनके पद से यानी कि अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। पहले मणिका ने क्या कहा देखिए इस वीडियो में। अभी बज रहे हैं पौ:45 और मैं हूं डॉक्टर आर एम एल हॉस्पिटल में। पौ:45 बज रहे हैं और अभी भी बहुत बड़ी संख्या में जो स्टूडेंट्स हैं वो यहां आ रहे हैं और स्टूडेंट्स सिर्फ ऐसे नहीं है कि जिन्हें खरोश लग या कुछ ऐसे लग रहा है। लिटरली उनका सिर फटा है। बहुत सारे स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनके साथ कोई नहीं था आने वाला। तो वो खुद या तो चल के आए हैं या बस लेकर आए हैं। टॉवल से या गमछे से पूरा सिर पकड़ के पूरा वो खून से लथपथ हो रखा है। यहां आए हैं। हम हमें एक पेशेंट मिले थे रास्ते में तो हम उन्हें यहां लेके आए एंबुलेंस में। एंबुलेंस के अंदर कोई डॉक्टर तो दूर की बात है। कोई अटेंड भी नहीं था।
उसमें बेसिक इक्विपमेंट्स भी कुछ नहीं थे। ना फर्स्ट [संगीत] एड था कुछ नहीं था। जैसे तैसे यहां लाया गया जो वहां पे हुई है ना चीजें वारदात हुई हैं बहुत ही ब्रूटल हुआ है। बहुत ही ब्रूटल दिल्ली पुलिस ये क्लेम कर रही है कि किसी तरह का वायलेंस नहीं है जो सरासर गलत है। हमने अपनी आंखों के सामने देखा लिटरली उन्होंने इतनी बार टियर गैसेस छोड़ी हैं। एक आपको एक चीज बताती हूं कि यहां हॉस्पिटल में सिर्फ स्टूडेंट्स नहीं आ रहे हैं। अभी भी आ रहे हैं। सिर्फ स्टूडेंट्स इसमें ये आरएएफ वाले अ सॉरी आरपीएफ वाले एंड पुलिस फ़ दिल्ली पुलिस ये सब लोग आ रहे हैं। इवन कांस्टेबल से लेके सब इंस्पेक्टर टू एसीपी ये लोग आ रहे हैं। उनके भी बहुतों के सिर पे चोट है। किसी का यहां से पूरा होंठ है वो छिला हुआ है। होंठ ही गायब हो रखा है। सिर पे लगी है। आंख सूझी हुई है। बच्चों के भी स्टूडेंट्स के तो यहां पे ना एक टाइम ऐसा आ गया था कि जितने नंबर में यहां स्टूडेंट्स अभी एडमिट किए जा रहे हैं उतने ही नंबर में दिल्ली पुलिस वाले और ये फोर्स वाले इन्हें भी एडमिट किया जा रहा है। मतलब नंबर देख रहे हो सेम है। जिन्होंने मारा वो भी एडमिट हुए हैं।
जिन जिन्हें मारा गया है वो भी एडमिट हुए और बहुत ही बुरी कंडीशन में अभी हमारी एक फ्रेंड से बात हुई है। तो उस फ्रेंड ने हमें बताया कि वो अभी इस टाइम पे 1 घंटे पहले की बात है। वो एक घंटे पहले कन्नौट प्लेस के किसी बिल्डिंग में छुपे हुए हैं। मतलब लिटरली ऐसा माहौल है अभी पहली बार ऐसा लग रहा है कि मतलब हम शायद अपने देश में नहीं रह रहे हैं। हमने कोई क्राइम किया है। हम कहीं से भाग के आए हैं। और मतलब पता नहीं क्या है। सोचिए क्या हालत हो गई उनकी जो हमें छुप के उसे मैसेजेस कर रहे हैं। छुप-छुप के और बता रहे हैं कि हम किसी बिल्डिंग में छुपे हुए हैं। कुछ करा है और ये चीजें बहुत जगह हो रही हैं। मतलब और अभी ना सभी लोगों को ना एंटीनेशनलिस्ट करार दे दिया जाएगा। कम्युनलिज्म की सॉरी कम्युनिस्ट है, एंटीनेशनलिस्ट है। ये ताने तो सुन रही है इंक्लूडिंग मी मैं भी। तो ये चीजें आती रहेंगी। और जिन्हें आप एंटीनेशनल कह रहे हैं ना उसमें सभी स्टूडेंट्स नहीं स्टूडेंट्स के माता-पिता हैं। हाउसवाइफ्स आई हैं। घर में पढ़े लिखे लोग आए हैं। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस बहुत सारे लोग आए हैं लेकिन हमें पता नहीं जो ये हो रहा है व्हाट शुड आई कॉल अ शेम ऑन डेमोक्रेसी ब्लैक डे कुछ भी कह सकते हैं। तो जैसा मनिका ने इस वीडियो में कहा उसके तुरंत बाद एक्शन लेते
हुए बीजेपी ने मनिका को इस पद से हटाया है। लेकिन इससे एक बात तो साफ़ है कि कहीं ना कहीं जो अंतरकलह है वह बीजेपी के अंदर देखने को ज़रूर मिल रही है। और जो इस तरह की अह राजनीतिक चीज़ें होती हैं क्योंकि मणिका जो है जंतरमंतर के प्रोटेस्ट में पहुंची। वहां पर उन्होंने जो वीडियो साझा किया उससे कहीं ना कहीं बीजेपी के अगेंस्ट बोलने का उन्होंने काम किया था। तो कहीं ना कहीं बीजेपी ने उन्हें पद से पद मुक्त फिलहाल किया है। इसके अलावा सूत्रों से खबर यह भी है कि लगभग 10 और ऐसे भाजपा के कार्यकर्ता हैं जो कि बीजेपी के रेडार पे हैं। उनसे भी जब जल्दी ही जवाब मांगा जा सकता है। जल्दी उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा सकता है क्योंकि इसी तरह की बयानबाजी और इसी तरह की वीडियो शेयरिंग जो है उनके द्वारा भी की गई है। फिलहाल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बीजेपी की पूरी नजर है और जो भी कार्यकर्ता इस तरह का घटनाक्रम करते हुए नजर आया है उस पर बीजेपी जो है अपनी नजर बनाए हुए है। अब यह जो मामला है यह किस ओर बढ़ता है क्योंकि अभी फिलहाल पद से हटाया गया है। इसके साथ ही जो आने वाले 2027 के चुनाव हैं उसमें यह काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है क्योंकि अपनी कार्यकर्ताओं को हटाना कहीं ना कहीं बीजेपी के लिए घातक साबित जरूर हो सकता है। अब क्या देखने को मिलेगा यह देखने वाली बात होगी। एबीपी गंगा खबर आपकी जुबान आपकी।