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सिर्फ एक तस्वीर ने कैसे तबाह कर दी थी मंदाकिनी की जिंदगी?

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कि अ कि 1985 में आई फिल्म राम तेरी गंगा मैली के झाड़ने वाले सीन ने रातोंरात नीली आंखों वाली मंदाकिनी को स्टार बना दिया राज कपूर की इस फिल्म में उनके बेटे राजीव कपूर के साथ ही बाइस साल की बेहद खूबसूरत मंदाकनी मंदाकिनी ने इस फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था रात को पूर्ण पहले इस फिल्म के लिए डिंपल कपाड़िया को चुना था लेकिन बाद में उन्हें लगा कि डिंपल कपाड़िया में पहाड़ी लड़कियों वाली मासूमियत और भोलापन नहीं है फिर यास्मिन जो सिर्फ का ऑडिशन हुआ पर राज कपूर को की भोली सी सूरत भागवत यास्मिन जो सिर्फ राम तेरी गंगा मैली के लिए चुन लिया गया यह स्पंज और सिर्फ का नाम बदलकर बनता अपनी रख दिया है मैं अपनी डेब्यू फिल्म से ही मंदाकिनी बॉलीवुड में छा गई थी इसके बाद मंदाकिनी ने कई फिल्मों में काम किया उस वक्त मंदाकनी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत हीरोइनों में से एक मानी जाती थी लेकिन एक तस्वीर ने मंदाकिनी की जिंदगी पूरी तरह से बदल दीजिए जितनी तेजी से मंदाकिनी ने कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ी थी उतनी तेजी से नीचे गिर गई यह तस्वीर थी दुबई में क्रिकेट मैच के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और अंधाधुंध इस पिक्चर में दोनों को साथ में बैठे देखा गया था इसके बाद बॉलीवुड के गलियारों में दोनों के रिश्तों को लेकर गॉसिप तेज़ हो गई कहा जाता है जब दाउद ने फिल्म राम तेरी गंगा मैली देखी थी तब वह बंदा अपनी की खूबसूरती के दीवाने हो गए थे इसके बाद दाऊद ने बॉलीवुड स्टार्स के लिए एक पार्टी रखी और पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात होगी में सुधार दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी दोनों को अक्सर पार्टियों में साथ देखा गया कुछ छपी रिपोर्ट के मुताबिक मंदाकिनी की फिल्मों में दाउद पैसा लगाता था इतना ही नहीं कई प्रड्यूसर और डायरेक्टर पर मंदाकिनी को अपनी फिल्म में लेने के लिए दाऊद की तरफ से प्रेशर भी दिया जाता था यह पुस्तक हॉलीवुड एक सफल प्रोड्यूसर जावेद सिद्धकी की हत्या हो गई थी रिपोर्ट के मुताबिक गांव नहीं जावेद सिद्धकी का बॉर्डर करवाया था क्योंकि उन्होंने अपनी फिल्म में मंदाकिनी को लेने से मना कर दिया था कहा जाता है उस वक्त मंदाकिनी मॉडल शूट के सिलसिले में अक्सर दुबई जाती थी और दाउद के विला में जाकर रुकती थी दोनों वह साथ में घूमते-फिरते भी थे दोनों के रिश्तो की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं के मुंबई बम धमाकों के बाद दाउद भारत का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल बन गया और से भारत छोड़ दिया इसके बाद मंदाकिनी से पुलिस ने पूछताछ की क्योंकि कथित तौर पर वह दाउद इब्राहिम की गर्लफ्रेंड हालांकि बाद में बंद अपने को क्लीन चिट मिल गई थी अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से मंदाकिनी के कनेक्शन का असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा अंधाधुंध पूरी तरह से बदल गई बहुत तेजी से मंडावली में आसमान की ऊंचाइयों को छुए लेकिन अचानक रुपहले परदे से कहीं कामयाब होगी हम गुस्सा 2005 में इंटरव्यू में मंदाकिनी ने अपना पक्ष रखा और कहा कि विदेश करने जाती थी और उसी दौरान उनकी मुलाकात हुई थी जैसे और बॉलीवुड स्टार्स की लेकिन ना वह कभी उनकी गर्लफ्रेंड थी और ना ही उनके बीच कोई रिश्ता था वह सब है कि आज बंदा अपनी सामान्य जिंदगी जी रही है मुंबई के अंधेरी में यारी रोड पर अपने परिवार के साथ रहती है उन्होंने साल 1995 में डॉक्टर काजू रिनपोचे से शादी कर ली थी उनके पति दलाई लामा के फ्लोर है दोनों मिलकर तिब्बती और श्री केंद्र चलाते हैं ऐसा ही नहीं अंधाधुंध योगा भी सिखाती है है और कुछ इस तरह खूबसूरत नीली आंखों वाली मंदाकिनी कि फिल्मी करियर का अंत हो गया इस एपिसोड में बस

लेकिन आज वही बेहद खूबसूरत अदाकारा क्यों सिर्फ तस्वीरों में ही सिमट कर रह गई। [चीखने की आवाज़] ना भुलाना कभी हमको ना भुलाना और क्यों आगे चलके एक तस्वीर ने इस अदाकारा का नाम खतरनाक अंडरवर डॉन दाऊद इब्राहिम से जोड़ दिया नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं नमस्कार आज के इस [संगीत] अपने शो में हम बात करने वाले हैं खूबसूरत मासूम और चुलबुली सी एक लड़की की जिसके झरने में नहाते हुए दिए एक सीन की बदौलत बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण को बिगाड़ दिया था। और कैसे कपूर खानदान में इनकी वजह से फूट पड़ गई थी, और कैसे यह अपने छोटे से फिल्मी सफर में सफलताओं के शिखर पर पहुंची, [संगीत] कैसे यह एक दिन बॉलीवुड से अचानक गायब हो गई।

[संगीत] जी हां, हम बात कर रहे हैं सुपरस्टार एक्ट्रेस मंदाकिनी की। यह कैसे मेरठ से मुंबई तक पहुंची और कैसे फिल्मों में इनकी शुरुआत हुई। कुछ तो बनकर दिखलाएंगे। वो करिश में कर [संगीत] जाएंगे। मंदाकिरी का जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ था। मंदाकिनी का असली नाम यासमीन जोसेफ है। मंदाकिनी के पिता जोसेफ एक ब्रिटिशर्स [संगीत] थे और मां का ताल्लुक मुस्लिम धर्म से था। मंदाकिनी को नीली-नी आंखें और चेहरे की मासूमियत के चलते बहुत छोटी सी उम्र में ही फिल्मों में काम करने का मौका मिल गया। लेकिन उनका यह फिल्मी सफर इतना आसान भी नहीं था। फिल्म मजलूम से पहले मंदाकिनी को तीन फिल्म निर्माताओं के द्वारा नकार दिया गया था जिसका सबसे बड़ा कारण था इनका नाम जो उस समय के हिंदी फिल्मों के लिए सही नहीं बैठ रहा था। सच और पास आओ ना। इसीलिए जब मंदाकिनी ने मजलूम फिल्म के ऑडिशन को पास किया तो फिल्म की प्रोड्यूसर रंजीत बरके ने इनका नाम बदलकर पहले माधुरी रखा। लेकिन माधुरी नाम से पहले ही एक और हीरोइन थी। तो फिर इनका नाम सोचा गया और सोच समझ कर इनके आकर्षण के हिसाब से इनका नाम मंदाकिनी रखा गया और इस तरह यह यासमीन जोसेफ से बन [संगीत] गई बॉलीवुड की मंदाकिनी। कोहरे की चादर लपेटे हूं। पानी [संगीत] में खुद को समेटे हूं। मंदाकिनी जब अपनी पहली फिल्म मजलूम में काम कर रही थी तो उस दौरान महान फिल्म मेकर राज कपूर की नजर इन पर पड़ी जो फिल्म राम तेरी गंगा मैली से अपने सबसे छोटे बेटे [संगीत] राजीव कपूर को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि इस फिल्म के लिए पहले डिंपल कपाड़िया को पसंद किया गया था। यह वही डिंपल कपाड़िया थी जो

[संगीत] अपनी पहली फिल्म बॉबी से फिल्म इंडस्ट्री में एक जाना माना चेहरा बन चुकी थी। लेकिन डिंपल कपाडिया एक पहाड़ी लड़की के किरदार में फिट नहीं बैठ रही थी। इसीलिए जब राज कपूर ने मंदाकिनी को देखा तो उनका भोला भाला चेहरा उन्हें अपनी फिल्म के लिए बिल्कुल सही लगा और राज कपूर ने मंदाकिनी से बात की और अपनी फिल्म के बारे में बताया। मंदाकिनी ने भी बिना सोचे समझे तुरंत फिल्म के लिए हां कर दी थी। और इस तरह मंदाकिनी को अपने करियर की सबसे बड़ी फिल्म मिल गई। लाया मेरा पहाड़ों में राम तेरी गंगा मैली फिल्म जब रिलीज हुई तो इस फिल्म ने कामयाबी के सभी रिकॉर्ड्स को तोड़ दिया और बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए आयाम बनाए। इस फिल्म ने मंदाकिनी को रातोंरात एक सुपरस्टार बना दिया। फिर बात चाहे इनकी मासूमियत की हो या फिर इस फिल्म में दिए गए इनके कुछ बोल्ड सीन्स की। मंदाकिनी के द्वारा निभाया गया किरदार या इनको झरने में सफेद लिबास में नहाना और ट्रेन में बच्चे को दूध पिलाना दर्शकों के लिए इस फिल्म का केंद्र बन गई थी मंदाकिनी। हालांकि इस फिल्म के कई दृश्य के लिए राज कपूर और मंदाकिनी दोनों की बहुत आलोचनाएं हुई। कुछ लोगों ने राज कपूर को अश्लील कहा, तो किसी ने राज कपूर को फिल्मों में नंगता परोसने वाला फिल्म मेकर कहा, लेकिन कारण चाहे कुछ भी हो, मंदाकिनी इस फिल्म से बॉलीवुड का एक बड़ा नाम बन चुकी थी। राजीव कपूर को लॉन्च करने के लिए बनाई गई इस फिल्म से मंदाकिनी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर नॉमिनेशन भी प्राप्त हुआ था। इसके बाद मंदाकिनी को कई बड़े अभिनेताओं के साथ मुख्य भूमिकाओं में फिल्मी पर्दे पर देखा गया जिसमें [संगीत] साल 1987 में आई फिल्म डांस डांस में मिथुन चक्रवर्ती के साथ काम करने का मौका मिला और उसके बाद कहा है कानून में आदित्य पंचोली और प्यार करके देखो में गोविंदा जैसे बड़े नामों के साथ काम करने का मौका मिला। मंदाकिनी को 1987 में रिलीज फिल्म लोहा और 1986 की फिल्म आग और शोला में देखा गया जिसमें [संगीत] कई बड़े अभिनेताओं ने भी काम किया था। लेकिन कोई भी फिल्म उतनी सफलता हासिल नहीं कर पाई थी [संगीत] जो मंदाकिनी की पहली फिल्म को हासिल हुई थी। सच है याद। अब बात करते हैं इनके निजी जीवन की। मंदाकिनी की शादी 1990 में पूर्व बुद्धिस्ट कगोर पिंचोरे ठाकुर से हुई थी। जिनसे मंदाकिनी को बच्चे भी हुए। बेटे का नाम राबिल और बेटी राबजे इनाया है। हमारी तेरी बात जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया। धीरे-धीरे फिल्म निर्माताओं के जेहन से भी मंदाकिनी की वो छवि दूर होने लगी, जो उन्होंने फिल्म [संगीत] राम तेरी गंगा मैली में देखी थी। इसीलिए इसका नतीजा यह हुआ कि मंदाकिनी को फिल्म तेजाब जैसी बड़ी फिल्म में छोटा सा किरदार निभाने का मौका मिला। कमांडो और तकदीर का तमाशा जैसी फिल्मों में भी मुख्य भूमिका में उन्होंने काम किया। मंदाकिनी ने अपने फिल्मी सफर में कुछ तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था।

जिसमें सिंहासनम और भार्गव राम दूध शामिल हैं। इसके अलावा मंदाकिनी ने साल 1990 में मिथुन चक्रवर्ती की बंगाली फिल्म अंधा विचार में एक [संगीत] स्पेशल अपीयरेंस में भी वह नजर आई थी। साथी मिठा ना कोई रब [संगीत] तेरा शुक्रिया शुक्रिया। राज कपूर की फिल्म राम तेरी गंगा मैली हो गई ने बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट कमाल धमाल मचाया। तो इस फिल्म से मिली शोहरत और नाम ने कपूर खानदान में फूट भी [संगीत] डाल दी। जिस वजह से खानदान में भारी गृह कलेश शुरू हो गए। दरअसल इस फिल्म से राज कपूर अपने बेटे राजीव कपूर को लॉन्च कर रहे थे। लिहाजा कहानी और स्टार कास्ट को बड़ी मेहनत के साथ चुना गया था। इस फिल्म की कहानी एक लड़की के जीवन और समाज के द्वारा किए गए जुल्म, बेइज्जती के इर्द-गिर्द थी। जिसके चलते राजीव कपूर को इस फिल्म में अपना एक्टिंग स्केल दिखाने का मौका ना के बराबर ही मिला। बस फिर क्या था? राज कपूर के बेटे ने इन सब बातों के चलते अपने पिता को कसूरवार मानना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने किरदार को कमजोर तरीके से दिखाने के लिए भी अपने पिता को ही दोषी ठहराया। बताया जाता है कि मंदाकिनी को इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सभी वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहे थे। तो वहीं राजीव कपूर से फिल्म के सेट पर एक स्पॉटबॉय की तरह भी काम करवाया गया था। जिसका नतीजा यह हुआ कि फिल्म के बाद पिता और बेटे के बीच एक दरार पड़ गई। राजीव कपूर ने अपने पिता से बात करना बंद कर दिया था। बाप बेटे के बीच कड़वाहट इतनी ज्यादा हो गई थी कि साल 1988 में जब राज कपूर का निधन हुआ, तो राजीव कपूर उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचे। सामने से हट जाइए पिताजी। वरना दुनिया कही गई बेटे ने अपने बाप को मार डाला। इसके बाद साल 1994 में अचानक कुछ तस्वीरों के सामने आ जाने ने मंदाकिनी के करियर को खत्म कर दिया था। दरअसल यह तस्वीरें दुबई में खेले गए एक क्रिकेट मैच के दौरान की थी। इस फोटो में मंदाकिनी के साथ जो शख्स था वो था भारत का सबसे बड़ा भगोड़ा और खंखार अपराधी दाऊद इब्राहिम जिसको भारतीय सरकार ने आतंकवादी घोषित कर रखा है। इस फोटो में दाऊद इब्राहिम और मंदाकिनी हंसते हुए नजर आ रहे थे। इन फोटोस के सामने आने के बाद से मंदाकिनी की जिंदगी ही बदल गई। [संगीत] बॉलीवुड में इसके बाद इन दोनों को लेकर काफी बातें होने लगी। मंदाकिनी और दाऊद के रिश्ते की बात आग की तरह पूरे देश में फैल गई। [संगीत] इसके बाद लोगों का नजरिया मंदाकिनी के लिए बिल्कुल बदल गया। उनके बारे में कई तरह की बातें होने लगी। जिनमें से कुछ लोगों के द्वारा कहा गया कि [संगीत] मंदाकिनी दाऊद इब्राहिम की गर्लफ्रेंड है। तो कुछ ने कहा कि मंदाकिनी ने दुबई में जाकर दाऊद से शादी कर ली है। फिल्मी गलियारों में यह खबरें भी उड़ने लगी थी कि दाऊद के कहने पर ही बहुत से फिल्मों में मंदाकिनी को हीरोइन के तौर पर लिया गया था।

जिसमें फिल्म राम तेरी गंगा मैली का नाम भी शामिल था। इस फिल्म के बारे में कहा गया है कि इस फिल्म में डिंपल कपाडिया को छोड़कर मंदाकिनी को दाऊद के कहने पर ही कास्ट किया गया था। कुछ तस्वीरों और खबरों ने मंदाकिनी के करियर की रफ्तार को एकदम से खत्म कर दिया। जिसके चलते साल 1996 में आई फिल्म जोरदार के बाद यह अदाकारा फिल्मी दुनिया से गायब हो गई थी। जी नहीं और किसी को पता नहीं था। पता था तो सिर्फ मुझे या आपको? बताया जाता है कि दाऊद इब्राहिम फिल्मी दुनिया में अपना काला धन लगाता था। उसके बॉलीवुड में खासी दिलचस्पी थी। इसी सब के चलते दाऊद इब्राहिम ने एक बार फिल्मी सितारों को पार्टी दी। इस पार्टी में मंदाकिनी भी मौजूद थी। दाऊद मंदाकिनी की खूबसूरती पर मर मिटा था और यहीं से इन दोनों की बातचीत शुरू हुई। और इसके बाद मंदाकिनी अक्सर फिल्म की शूटिंग का बहाना बनाकर दुबई [संगीत] में दाऊद से मिलने जाया करती थी और दाऊद के घर जाकर रहा करती थी। जानकार बताते हैं कि मंदाकिनी ने दाऊद से रिश्ता बनाया था अपने करियर को ऊपर ले जाने के लिए। लेकिन हुआ एकदम उसका उल्टा। मंदाकिनी का दाऊद के रिश्ते की वजह से इनको फिल्मों में काम मिलना ही बंद हो गया और आगे चलकर के इसके खुलासे भी होने लगे। बताया जाता है कि मंदाकिनी को फिल्मों में काम दिलाने के लिए फिल्म मेकर्स को दाऊद धमकाता था। जिसकी वजह से कई फिल्में इनको मिली थी। बताया तो यह भी जाता है कि दाऊद ने [संगीत] एक फिल्म मेकर जावेद सिद्दीकी की हत्या तक करवा दी थी क्योंकि उन्होंने मंदाकिनी को अपनी फिल्म में लेने से इंकार कर दिया था। आपको बता दें कि जब मुंबई बम धमाकों में दाऊद का नाम सामने आया जिसके बाद से वह भारत छोड़कर भाग गया था और उसका नाम खूनखार अपराधी की लिस्ट में शामिल हो गया था। लिहाजा दाऊद से रिश्ता होने की वजह से कई बार पुलिस ने भी मंदाकिनी से पूछताछ की थी। मैं जो कहूंगी सच कहूंगी।

अपनी जिंदगी में चल रही आलोचनाओं और बुरे रवैया के चलते मंदाकिनी सदमे में जाने लगी। इसके बाद मंदाकिनी ने डॉन से सारे रिश्ते तोड़ [संगीत] लिए और फिल्मों को भी अलविदा कह दिया। मुन्ना मैं जा रही हूं कॉलेज छोड़कर। नहीं ये शहर छोड़कर। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मंदाकिनी के लालच और फिल्मों में आसानी से रोल पाने की ख्वाहिश ने उनका उनसे सब कुछ छीन लिया था। मंदाकिनी और डॉन के बीच क्या रिश्ते थे यह तो नहीं पता। लेकिन मंदाकिनी को इन सबकी भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। देखिए मैं तकदीर की नचाई बेबस औरत हूं। हाथ जोड़ती हूं आपके। मुझे बर्बाद मत कीजिए। अपने 11 साल के फिल्मी सफर में 44 फिल्मों में उन्होंने काम किया। मंदाकिनी फिलहाल दलाई लामा के एक अनुयाई के तौर पर अपने पति के साथ मुंबई में तिब्बती योग क्लासेस और तिब्बती मेडिसिन सेंटर संभालती हैं। अपनी पहली फिल्म से ही अपनी मासूमियत से सबको अपना दीवाना बना लेने वाली मंदाकिनी की पूरी जिंदगी को कुछ तस्वीरों में समेटने की कोशिश करें तो राम तेरी गंगा मैली में सफेद साड़ी में लिपटी मंदाकिनी नजर आती हैं। तो वहीं एक क्रिकेट मैच के दौरान दाऊद इब्राहिम के साथ आई फोटोस ने इनको सभी भारतीयों की नजरों में गिरा दिया था। बात करें आज के समय की तो 22 साल की वो खूबसूरत हीरोइन आज 58 साल की हो गई हैं। जहां उनको पहचान पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हमको ना भुलाना कभी हमको ना भुलाना। आज का यह शो आपको कैसा लगा? मंदाकिनी को लेकर बनाया गया हमारा यह शो आपको कैसा लगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में आप हमें दे सकते हैं। नए-नए रोचक किस्सों [संगीत] के लिए आप हमारा चैनल सब्सक्राइब भी कर सकते हैं। धन्यवाद। [संगीत]

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