फ्लाई दुबई की जिस फ्लाइट को क्रैश करने का हमामी का सपना था वह पूरा नहीं हो सका। लेकिन उसके बारे में कई खुलासे सामने आए हैं। क्यों वो ऐसा करना चाहता था और क्या उसने पहली बार ऐसा किया था? उसके प्लान में कौन-कौन लोग शामिल थे? आखिर उसने यह सोच बनाई क्यों? इसको जानने के पीछे दरअसल हमने इसको लेकर एक रिसर्च करी और यह जानने की कोशिश की कि हमाम उल हमामी यानी वो आतंकी जिसने स्मिथ यानी जो भारतीय पायलट था उसको चाकू से गोदा या कहें कि कुल्हाड़ी से उस पर हमला किया और उसके बाद उसको जो क्रू मेंबर्स थे और दूसरे पैसेंजर्स थे उन्होंने काबू किया और किसी तरह 174 यात्री बच गए। लेकिन आप सोचिए अगर प्लेन क्रैश हो जाता तो एक भी नहीं बचता। हमामी के अब तमाम ये कहें कि आपराधिक इतिहास उसने कहां से पढ़ाई की? वो ऐसा क्यों हो गया? इसके बारे में एक-एक बात आपको बताता हूं।
सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि पूरा वाक्या क्या था? 30 सितंबर की बात है जब फ्लाई दुबई जिसमें 174 यात्री थे। हमामी कोपायलट था और उसने स्मिथ को कुल्हाड़ी से वार किया और उसके बाद फ्लाइट कई हजार किलोमीटर नीचे जाने लगी और एकाएक कहा जाए कि को पायलट्स आ गए और हादसा होते-होते बच गया। हंगामा मच गया। आरोपी को पकड़ा गया। उससे पूछताछ हुई तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। कौन था हमामी? क्या उसका मकसद था? पूरी कहानी आपको बताता हूं। लेकिन जो पूछताछ में शुरुआती तौर पर पता चला है वो यह पता चला है कि वो गाजा का बदला लेना चाहता था। यानी वो आतंकी घटना को अंजाम देना चाहता था और वो भी इजराइल के अंदर। उसका जो टारगेट था वो एयरपोर्ट तीन टारगेट्स थे।
पहला वो किसी ऊंची बिल्डिंग से इस विमान को टकराना चाहता था। दूसरा वो एयरपोर्ट पर उसका मकसद था कि विमान को गिरा दें। और तीसरा वो इसको किसी और बिल्डिंग से भी टकराना चाहता था। अब इसको लेकर एक-एक जानकारी सामने आ रही है। आप सोचिए जिसके पिता ओमानी नागरिक हो जिसकी माता सीरिया की रहने वाली हो। जो खुद यूएई में पैदा हुआ हो। जिसने कई सारी कंट्रीज में कई कंट्रीज में उसने पढ़ाई की। कई जगह उसने ट्रेनिंग की पायलट बनने की और कई जगह उसने स्टडी की। वो कट्टरपंथी कैसे बन गया? इसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल अमेरिका के वरिष्ठ नेता और उपराष्ट्रपति वस ने भी इसको लेकर कहा है कि अगर उसके आपराधिक इतिहास या कहें कि कट्टरपंती विचारधारा के बारे में पता था तो आखिर यूएई ने यानी फ्लाई दुबई ने उसको भर्ती क्यों किया?
8 महीने पहले वह भर्ती होता है और आप सोचिए इस खौफनाक मिशन के साथ इसको पूरा करने में जुट जाता है। लेकिन सबसे पहले मैं आपको बताता हूं कि हमामी का इतिहास क्या है? हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ये कहा जा रहा है कि ओमान के रहने वाले थे। उसकी माता सीरिया के रहने वाली थी। बाद में उसने ओमानी नागरिकता हासिल की। लेकिन उसने काफी वक्त यूएई में बिताया। उसके बाद आपको बताता हूं उसका जो करियर था वह कैसे आगे बढ़ा। 2018 से 19 के बीच में यह कहा जाता है कि न्यूजीलैंड में उसने फ्लाइट की ट्रेनिंग ली। न्यूजीलैंड पुलिस के अनुसार 2018 से मई 2019 तक वो वहां उसने ट्रेनिंग ली। अब बात करते हैं ऑस्ट्रेलिया की। ऑस्ट्रेलिया में उसने आरएमआईटी यूनिवर्सिटी मेलबर्न में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन पो वो अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाया। और यह कहा जाता है कि करीब 2015 से लेकर 17 तक वो ऑस्ट्रेलिया में था। यानी उसके बाद वो न्यूजीलैंड गया और उसके बाद यह कहा जाता है कि उसने कुछ वक्त ब्रिटेन में भी बिताया। वहां पर उसने एक यूनिवर्सिटी से एिएशन मैनेजमेंट का डिस्टेंस लर्निंग कोर्स किया और यह कोर्स कहा जाता है 2023 में पूरा हुआ।
लेकिन इस दौरान वो कोर्स तो कर रहा था डिस्टेंस लर्निंग का लेकिन साथ-साथ वो नौकरी भी कर रहा था और वो जो नौकरी कर रहा था वो कर रहा था ओमान एयर में। यह कहा जाता है कि उसने ओमान एयर में 7 साल तक ट्रेनिंग की और नौकरी भी की। 2024 में उसके बारे में ओमान एयरलाइंस को पता चल गया था कि वो चरमपंथी है। ऐसे में उससे उन्होंने नौकरी से हटा दिया था। कुछ वक्त वो खाली बैठा और करीब 8 महीने पहले फ्लाई दुबई में उसने बतौर पायलट ज्वाइन किया था और यहीं से वो अपना मकसद साधना चाहता था। आप सोचिए जिसके पिता ओमानी हो। माता सीरिया के रहने वाले जो ओमान भी गया हो जो यूएई गया हो जिसकी फ्लाइट को इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरेबिया में कराना पड़े उसका एक्सपोज़र कितना ज्यादा रहा लेकिन यह कहा जा रहा है जो उसके पास से एविडेंसेस मिले हैं वो ओसामा बिन लादेन और अल जवाहरी जैसे आतंकियों के को फॉलो करता था उनकी वीडियोस देखता था और उनसे रिलेटेड सामग्रियां पढ़ता था इसके बावजूद आप सोचिए उसको फ्लाई दुबई ने नौकरी दी इसके पीछे अब तहकीकात शुरू हो होंगे कि आखिर इसके पीछे वजह क्या थी? क्या जानबूझकर ऐसा किया गया? इसके पीछे कौन लोग थे जिन्होंने जो इसका मकसद साधने की तैयारी कर रहे थे? जैसे मैंने बताया उसने करीब ओमान एयर में जब नौकरी छोड़ दी थी। उसके बाद 2025 में उसने जो नौकरी छोड़ी थी उसके बाद उसने रॉयल एयर मेरो यानी मोरक्को की एयरलाइंस है.
उसको ज्वाइन किया था। यहां करीबन उसने 3 महीने का प्रशिक्षण लिया था। लेकिन उसने यहां नौकरी नहीं की औरकि वो सेलेक्ट नहीं हुआ था। जिसके बाद फ्लाई दुबई ने उसको ऑफर दिया था और उसके बाद 8 महीने से वो वही नौकरी कर रहा था। अब मैं आपको बताता हूं कि वह ओमान का रहने वाला था यानी हमामी। ये बात सही है कि वो यूएई में काफी वक्त रहा। लेकिन इजराइल ओमान और यूएई की दूरी कितनी है? करीब 500 कि.मी. इसके अलावा यूएई और इजराइल की जो दूरी है वो करीब 2100 कि.मी. है। इसके अलावा ओमान और जो फिलिस्तीन की दूरी है वो करीब 2000 कि.मी. है। ये यहां बताना इसलिए जरूरी है क्योंकि हमामी ने इन तमाम जगहों की यात्रा की। यह भी कहा जा रहा है कि उसने इजराइल की भी यात्रा की। लेकिन सवाल ये उठता है ना तो इजराइल की जो खुफिया एजेंसी है उसको इसकी भनक रही और ना ही यूएई ने या ये कहें कि जानबूझकर इस फैक्ट को छुपाया गया। तो फ्लाइट 1073 में 174 मुसाफिर थे। आठ क्रू मेंबर्स थे। इनमें से एक वो खुद भी था। यानी को पायलट हमामी। हमामी अकेला था जिसे पता था कुछ देर के बाद इस प्लेन में सवार सभी मुसाफिर और क्रू मेंबर मारे जाएंगे। यानी यह सारी जानकारी उसके पास थी। सबसे पहले उसने स्मिथ मच्छार को हम सबको पता है अटैक करने की कोशिश की और उसके बाद इस प्लेन को क्रैश करने के लिए जैसे मैंने आपको बताया था.
शुरुआत में तीन टारगेट उसने चुने थे। टारगेट मौके के हिसाब से थे। तीन टारगेट में पहला टारगेट था तेल अवीब का बेन गुरियन एयरपोर्ट। दूसरा तेलवी की कोई ऊंची बिल्डिंग और तीसरा जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस। यह सब हमामी इसलिए कर रहा था ताकि वो फिलिस्तीन में गाजा में इजराइल का जुर्म का बदला ले सके। यानी जैसे मैंने आपको शुरुआत में ही बताया था कि उसकी मंशा क्या थी? हमाम के पीछे कौन लोग हैं? उसे किसने ट्रेनिंग दी? किसने उसे हायर किया? कोई देश या कोई आतंकवादी संगठन जो हमाम का मददगार तो नहीं? ये तमाम जानकारी अब उससे निकाली जा रही है। दरअसल यूएई का जांच अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं और पूरी मंशा के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। जो अभी तक उसने फैक्ट्स बताए हैं जैसा कि मैंने आपको इनिशियली भी कुछ फैक्ट्स बताए वो आगे फिर बताता हूं। जैसे मैंने बताया हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमान के नागरिक थे। मास सीरिया की थी। शुरुआती पढ़ाई उसने यूएई में की। फिर एिएशन की पढ़ाई के लिए वो इंग्लैंड भी गया। कुछ वक्त उसने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी पढ़ाई की और न्यूजीलैंड में भी उसने पायलट की ट्रेनिंग की। यानी कई कंट्रीज में वो गया और उसके बाद ओमान एयर में उसने एक लंबे वक्त तक नौकरी करी। अब उसके पास से कई सारे डिजिटल एविडेंस मिले जिसमें मोबाइल, लैपटॉप और कई ऐसी तस्वीरें मिली जिससे यह पता चलता है कि वो अलकायदा से इंस्पायर्ड था। हमाम का यह सच और उसकी सोच जब ओमान एयर्स के अधिकारियों को पता चली थी। आप सोचिए तब उसकी जो प्लेन उड़ाने पर रोक लगा दी लेकिन इसके बावजूद फ्लाई दुबई ने उसको नौकरी पर रखा। उस वो उड़ा रहा था। और यही बात अब अमेरिका के जो उपराष्ट्रपति है उन्होंने भी मेंशन की है। अब दरअसल यूएई और इजराइल के रिश्तों के बारे में बात करते हैं। इनके राजनयिक रूप से रिश्ते सामान्य हैं। लेकिन हाल के वर्षों में उसमें कुछ तनाव आया है।
2020 में दोनों देशों ने एक रिकॉर्ड के तहत आधिकारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। 2021 में दोनों ने एक दूसरे के यहां दूतावास खोले थे। व्यापार, पर्यटन, तकनीक और निवेश में काफी सहयोग हुआ था। 2025 में बताया जाता है कि दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 3.21 अरब डॉलर था। यानी कि रिश्ते अच्छे थे, व्यापारिक रिश्ते भी थे। सुरक्षा और खुफिया मामलों की अगर बात करें तो संपर्क दोनों देशों का बना हुआ है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने सितंबर 2026 में कहा था कि दोनों देशों की सरकारी संस्थाओं के बीच सीधे संपर्क और खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था जारी है। लेकिन आपको बता दूं एक डिस्प्यूट भी है। गाजा युद्ध और इजराइल की जो सैन्य कारवाही को लेकर यूएई ने कई बार अपनी चिंता जताई है। विरोध जताया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यूएई मुस्लिम बहुल देश है। और यह कहा जाता है कि इजराइल जो मुस्लिम बहुल यानी गल्फ कंट्रीज हैं और खासकर अगर बात करें फिलिस्तीन की वहां पर किसी ना किसी तरीके से युद्ध करता रहता है और वहां पर यह मुद्दा काफी बड़ा है।
अब बात कर लेते हैं ओमान और इजराइल के रिश्ते के बारे में। इससे पहले मैंने आपको बताया यूएई और इजराइल के रिश्ते किस तरह के थे। लेकिन ओमान और इजराइल के रिश्ते यूएई और इजराइल जैसे नहीं है। दोनों के बीच औपचारिक राजनैतिक संबंध नहीं है। ओमान ने इजराइल के साथ सामान्य राजनैतिक संबंध स्थापित ही नहीं किए हैं। पहले सीमित संपर्क और व्यापारिक संबंध रहे थे। 1990 के दशक में दोनों के बीच व्यापार कार्यालय भी थे। लेकिन 2000 में फिलिस्तीनी संघर्ष के बाद बंद हो गए। 2018 में इजराइल के तत्कालीन प्रधानमंत्री नित्यनाहू ने ओमान का दौरा किया था और सुल्तान काबूस से मुलाकात की थी। ये दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संबंध था।
आपको बता दूं ओमान फिलिस्तीनी राज्य और दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है। हाल के वर्षों में उसने गाजा और वेस्ट बैंक से जुड़े इजराइली कदमों की कड़ी आलोचना की है। अगर आसान भाषा में समझा जाए तो ओमान इजराइल से बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं रखता। लेकिन यूएई की तरह इजराइल को मान्यता देकर सामान्य राजनीतिक संबंध स्थापित नहीं रखता है। यानी तल्खी है। और यह इसलिए बताना जरूरी था क्योंकि किस तरह से यूएई में वो बेस था हामामी और उसके बाद कैसे उसका ओमान से संबंध था और कैसे उसका संबंध अब इजराइल से भी हो रहा था। यानी यह साफ है कि जो आसपास की कंट्रीज है इजराइल जिस तरह की कारवाई फिलिस्तीन में कर रहा है इसको लेकर उनमें रोश है और कुछ ऐसे युवक हैं नौजवान हैं जो कट्टरपंथी सोच को अपना रहे हैं और इसी वजह से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि जैसे मैंने अभी कहा यह शुरुआती जांच है। सवाल यह भी उठता है कि फ्लाई दुबई ने उसको नौकरी पर क्यों रखा?
सवाल यह भी उठता है कि उसकी जांच क्यों नहीं की गई? सवाल यह भी उठता है कि अगर जांच की गई क्या जानबूझकर फिर भी उसको फ्लाइट उड़ाने की अनुमति दी गई। सवाल इजराइल की जो एजेंसी है खुफिया एजेंसी उस पर भी है यानी मोसा उसको इसके बारे में क्यों नहीं पता चला? आपको बता दें जब ये फ्लाइट यूएई से उड़ी थी तब यह फ्लाइट जॉर्डन तक गई वहां से वापस आई और उसके बाद ये कहा जा रहा है कि सऊदी अरेबिया में इसने इमरजेंसी लैंडिंग की। यानी ये सिर्फ एक मुल्क का मामला नहीं रहा। कई मुल्कों का मामला बनकर रह गया। और यह भी बात साफ है कि इसका एक्सपोज़र बहुत ज्यादा था। यह भी बात साफ है आरोपी कट्टरपंथी सोच का था। और यह भी बात साफ है कि उसने अलग-अलग जगहों पर पढ़ाई की और उसका मकसद या कहें कि उसके पीछे कुछ और लोग थे। अब इसकी तहकीकात शुरू हो गई।
दरअसल इस वीडियो के माध्यम से मैंने आपको बताने की कोशिश की शुरुआत में किस तरह से इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ रही है। यानी जिस तरह से हमामी का नाम सामने आया क्यों उसने इस कृत्य को अंजाम दिया? उसकी सोच किस तरह की है? किस तरह का डिजिटल एविडेंस उसके पास मिला। इसके अलावा ये बताने की कोशिश की कि अब इस मामले में आगे क्या कारवाई हो रही है। उससे पूछताछ की जा रही है। यू एजेंसीज के पास है वो। यह भी बताने की मैंने आपको कोशिश की कि उसका इतिहास क्या रहा?
कहां-कहां उसने नौकरी करी? उसके पिता क्या करते थे? माता क्या करती थी? यह भी बताने की कोशिश की इसके बाद कि यूएई, ओमान और इजराइल इनके संबंध क्या है? फिलिस्तीन से उसका क्या नाता है?