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मौत से पहले वकील के साथ ये हुआ

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मौत से ठीक पहले वकील प्रियांशु श्रीवास्तव के पिता ने उससे कुछ ऐसा कहा था जिसने उसे जान देने पर मजबूर कर दिया। जिस एक शब्द ने प्रियांंशु श्रीवास्तव की पूरी की पूरी जिंदगी खत्म कर दी। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव को अभी तक आप बखूबी जान गए होंगे। वही वकील जिसके पिता ने उसे बचपन में एक गिलास आम का जूस पीने पर निर्वस्त्र करके सभी के सामने बेइज्जत किया था। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव ने अपने आखिरी लेटर में बताया है कि एक बार उसने बचपने में गलती से अपने पिता की जेब से ₹1 चुरा लिया था जिसका आज तक उसे हर्जाना भुगतना पड़ता है।

आज तक उसे सभी के सामने उस ₹1 के लिए बेइज्जत किया जाता है और इसी वजह से उसने कानपुर कचहरी परिसर में सबसे ऊपर से कूद कर अपनी जान दे दी। जी हां, जब से प्रियांंशु श्रीवास्तव की जान गई है, तभी से पूरे देश के लोग प्रियांंशु श्रीवास्तव के लिए जस्टिस की डिमांड करते नजर आ रहे हैं। सभी का कहना है कि प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता जैसे पिता किसी को भी नहीं मिलनी चाहिए। प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता को कड़ी से कड़ी सजा भी होनी चाहिए। लेकिन अब इस केस में एक नया मोड़ निकल कर आ गया है। जी हां, अभी तक प्रियांंशु श्रीवास्तव का लेटर देखकर यही लग रहा था कि सारी की सारी गलती प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता की है। प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता ने प्रियांंशु को इतना ज्यादा प्रताड़ित किया कि वो अंदर से पूरी तरीके से परेशान हो गया। उसने अपनी जान देने की ठान ली। उसके पास बस लास्ट में एक ही ऑप्शन बचा कचहरी परिसर में छत पर से कूद जाना और उसने वही किया भी।

प्रियांंशु श्रीवास्तव जिस वक्त छत से कूदा था, उस वक्त वह छत पर बैठकर किसी से बातें भी कर रहा था। प्रियांंशु श्रीवास्तव ने कूदने से ठीक पहले अपना WhatsApp स्टेटस भी लगाया था। जिस WhatsApp स्टेटस पर यही सब लिखा था जो लेटर के अंदर लिखा हुआ मिला है। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव ने साफ तौर पर कह दिया था कि उसके पिता की वजह से वह अपनी जान दे रहा है। उसके पिता ने उसे बचपन से परेशान करके रख दिया है और अब उससे यह सब नहीं सहा जाता है। उसने पूरी जिंदगी यानी कि 23 साल तक यह सब सहा है। लेकिन अब अति हो चुकी है। बहुत ज्यादा हो चुका है। अब वो इस दुनिया में नहीं रहना चाहता है। लेकिन प्रियांंशु श्रीवास्तव ने इस लेटर के आखिरी शब्दों में यह भी लिखा था कि उसके पिता पर किसी भी तरीके की कारवाई ना की जाए। आप देख रहे हैं दोस्तों जातेजाते वक्त भी वो अपने पिता को बचा गया। वो अंदर से सोच कर देखिए कितना ज्यादा मजबूत होगा। कितना ज्यादा परेशान होगा।

उसने अपनी जान तो दे दी लेकिन आखिर में भी उसे यह याद रहा कि उसके परिवार पर किसी भी तरीके का दुख का बाढ़ नहीं टूटना चाहिए। लेकिन अब जो चीजें निकल कर आ रही है वो इस केस को पूरी तरीके से पलटती हुई भी नजर आ रही हैं। जी हां प्रियांंशु श्रीवास्तव की बहन से जब पुलिस ने जांच पड़ताल की जब पुलिस ने पूछताछ की तो फिर प्रियांंशु श्रीवास्तव की बहन ने बताया है कि लास्ट मौके पर यानी कि आखिरी दिन जब प्रियांंशु ने अपनी जान दी उस दिन पापा ने उसे डांटा था। जी हां, जब उससे पूछा गया कि तुम्हारे पापा ने प्रियांंशु श्रीवास्तव को आखिर डांटा क्यों था? आखिर डांटने के पीछे वजह क्या तो फिर इस बहन ने बताया कि प्रियांंशु श्रीवास्तव वकालत तो करता ही था लेकिन वकालत के साथ-साथ वह दूसरे काम भी करता था। जैसे कि किसी का आधार कार्ड बनवाना, किसी का पैन कार्ड बनवाना या फिर किसी का चालान भरवाना। और इसी पर पापा उसे हमेशा डांटते भी रहते थे। उससे पापा हमेशा कहते थे कि एक ही काम पर ध्यान दो। दो कामों पर ध्यान एक साथ मत लगाओ। और उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ था। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव को पापा ने दो-तीन लोगों का काम दिया था।

उनकी नौकरी लगनी थी, लेकिन प्रियांंशु श्रीवास्तव अपने दूसरे कामों में भी व्यस्त था। इसी की वजह से पिताजी ने प्रियांंशु से कहा था कि इन कामों पर पहले ध्यान लगाओ क्योंकि तुम्हारे दूसरे कामों की वजह से किसी और की जिंदगी खराब नहीं होनी चाहिए। अगर तुम इन डॉक्यूमेंट्स को पूरा करने में टाइम लगाओगे तो फिर जिन लोगों के ये डॉक्यूमेंट्स हैं, उनकी नौकरी नहीं लग पाएगी। उनका पूरा जीवन बर्बाद हो जाएगा। जैसे कि तुम्हारा इस वक्त बर्बाद है और इसी पर प्रियांंशु श्रीवास्तव को बहुत ज्यादा गुस्सा आ गया था। प्रियांंशु श्रीवास्तव ने कहा था कि आप हर बार मेरे साथ ऐसे ही करते हैं। लेकिन आज कुछ बहुत ज्यादा आपने बोल दिया है जो मेरे सहने की बस की नहीं है। इसी पर गुस्से में प्रियांंशु श्रीवास्तव घर से निकल गया। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव की माता ने भी उसे रोकने की कोशिश की थी। प्रियांंशु श्रीवास्तव की मां ने उससे कहा था कि तुम आज कचहरी मत जाओ। लेकिन प्रियांंशु नहीं माना। प्रियांंशु जबरदस्ती कचहरी चला गया। जिसके बाद प्रियांंशु वहां पर जाकर बैठ गया और छत पर पहुंचने के बाद उसने किसी से फोन पर बात भी की और WhatsApp स्टेटस भी लगाया। जैसे ही लोगों ने प्रियांंशु का WhatsApp स्टेटस देखा तो फिर लोग प्रियांंशु को कॉल और मैसेजेस करने लगे। जिन लोगों को भागकर वहां पर पहुंचने में आसानी थी, वह लोग कचहरी में भी पहुंच गए। लेकिन प्रियांंशु किसी को भी दिखाई नहीं पड़ रहा था और फिर प्रियांंशु ने कूदकर अपनी जान भी दे दी। जिसके [गला साफ़ करने की आवाज़] बाद एक जगह पर भीड़ लगी हुई दिखाई दी तो वहां पर आननफानन में प्रियांंशु का परिवार पहुंचता है और जैसे ही प्रियांंशु के मां-बाप उसे ऐसे पड़ा हुआ देखते हैं तो उसे हॉस्पिटल लेकर जाते हैं। लेकिन हॉस्पिटल में डॉक्टर्स कह देते हैं कि इसका ज्यादा खून बह चुका है जिसकी वजह से इसकी मौत हो चुकी है।

यह सुनकर प्रियांंशु की मां के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। प्रियांंशु के पिता यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर वह कैसे पिता रहे होंगे जिसकी वजह से उनके बेटे ने अपनी जान दे दी। जी हां, आप सभी के कमेंट्स भी मैंने पढ़े थे पिछली वीडियो में। आप सभी कहते नजर आ रहे थे कि ऐसे मां-बाप दुनिया में बहुत हैं। ऐसे मां-बाप किसी को भी ना मिले। लेकिन हमें यह समझना जरूरी होगा कि अगर प्रियांंशु श्रीवास्तव की अपने पिता से नहीं बनती थी तो फिर वह अपनी मां से बात करता। हो सकता है कि प्रियांंशु की मां प्रियांंशु को कोई अच्छी सलाह देती। यह भी हो सकता है कि प्रियांंशु को अलग रहने के लिए भी प्रियांंशु की मां कह देती क्योंकि प्रियांंशु की मां के लिए अपने बेटे की जान ज्यादा जरूरी थी। अगर प्रियांंशु जरा सी बात भी अपनी मां को बताता तो फिर प्रियांंशु को दूसरा कमरा लेकर देने की भी इजाजत हो सकता है कि प्रियांंशु की मां दे देती। क्योंकि अगर प्रियांंशु के अपने पापा से नहीं बनती थी। अपने पिता के साथ में उसकी पटरी नहीं खाती थी तो प्रियांंशु वकालत कर चुका था। प्रियांंशु अब अपने पैरों पर खड़ा होने ही वाला था। इसलिए प्रियांंशु अलग भी रह सकता था। प्रियांंशु अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू कर सकता था। प्रियांंशु के सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी। उसके पिता की जिंदगी निकल चुकी थी। लेकिन जिंदगी के ऐसे पड़ाव पर आने के बाद प्रियांंशु का इस तरीके का फैसला लेना सच में बहुत ज्यादा गलत साबित हुआ। प्रियांंशु तो अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ ही रहा था। जब उसने 22- 23 साल तक इन चीजों को सहा था तो प्रियांंशु इन चीजों को सहने के लिए नहीं बना था। प्रियांंशु को अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना था। प्रियांंशु को कुछ करना था। लेकिन अनफॉर्चूनेटली प्रियांंशु अब हमारे बीच नहीं है। प्रियांंशु के मां-बाप से लगातार बातचीत की जा रही है। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।

प्रियांंशु के केस में भी और भी नए अपडेट्स निकल कर आ सकते हैं। प्रियांंशु के केस में हो सकता है कि कोई ऐसी चीज भी निकल कर आ जाए जिससे यह पूरा का पूरा केस ही पलट जाए। अब आपको क्या लगता है कि प्रियांशु की जान उसके पिता की वजह से गई है या फिर इसकी जान जाने के पीछे कोई और भी बड़ी वजह हो सकती है और कमेंट सेक्शन में यह भी बताएं कि क्या सच में दुनिया में ऐसे मां-बाप मौजूद है जो अपनी ही औलाद को इस तरीके से ट्रीट करते हैं। बाकी और भी सारी खबरों के लिए बने रह द न्यूज़ फीवर के साथ। जो घटना है उसका हमें सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है। इसमें बहुत स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि अधिवक्ता जिनका नाम प्रियांंशु है वो उम्र लगभग 23 साल है। वो पांचवी मंजिल पे बैठे हैं और कुछ देर के बाद फोन पर बात कर रहे हैं और उसके बाद उनके द्वारा आत्महत्या कर ली गई। आत्महत्या करने के पूर्व उनके द्वारा अपने WhatsApp स्टेटस पर नोट भी डाला गया है जो कि यहां पर उपस्थित अधिकांश जो हमारे अधिवक्ता हैं उनके मोबाइल में उन लोगों ने उसका स्क्रीनशॉट का स्क्रीनशॉट भी सेव कर रखा है। तो अभी इन नोट को भी हम अध्ययन कर रहे

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