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जूस पीने पर पापा ने नंगा कर के…वकील का आखिरी नोट रुला देगा!

Hindi Post

मैंने बचपन में फ्रिज में से आम का जूस निकाल कर पी लिया था। उसकी वजह से मेरे पिता ने मुझे निर्वस्त्र करके घर से बाहर निकाल दिया। मैंने बचपन में गलती से ₹1 का सिक्का चुरा लिया था। जिसकी वजह से आज भी मेरे पिता मुझे सार्वजनिक तौर पर सभी के सामने बेइज्जत करते हैं। यह शब्द मेरे नहीं है बल्कि शब्द है कानपुर के एक वकील प्रियांंशु श्रीवास्तव के। प्रियांंशु श्रीवास्तव इस वक्त हमारे बीच इस दुनिया में नहीं रहे हैं। लेकिन जिस तरीके की वह बातें बता कर गए हैं और जिस तरीके से उनकी मौत हुई है वह सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आज के दौर में एक वकील एक पढ़ा लिखा लड़का अपने पिता के बारे में इस तरीके की बातें कैसे बता सकता है और उसके पिता उसके साथ इस तरीके की चीजों को अंजाम कैसे दे सकते हैं। आदाब नमस्कार सत श्रीाल पीस टू बी विद यू दोस्तों।

मेरा नाम है जुनेद भाटी और आप देख रहे हैं द न्यूज़ फीवर। आज हम बात करने वाले हैं कानपुर के केस की। कानपुर का यह केस जब से निकल कर आया है, इसने सभी के होश उड़ा कर रख दिए हैं। जी हां, यहां पर एक रजिस्टर्ड वकील रहते थे जिनका नाम था प्रियांंशु श्रीवास्तव। प्रियांंशु श्रीवास्तव कानपुर के ही कोर्ट में अपने पिता के साथ प्रैक्टिस कर रहे थे। लेकिन प्रियांंशु श्रीवास्तव के दिमाग के और दिल के अंदर जो चल रहा था, वह आज तक भी किसी के सामने नहीं आया था। प्रियांंशु श्रीवास्तव सभी के सामने मुस्कुराते थे, हंसते थे। लेकिन उनके दिल के अंदर एक दर्द था जो दर्द कई सालों से वो अंदर पल रहा था लेकिन वह किसी के सामने निकल कर नहीं आ रहा था लेकिन जब यह दर्द पूरी तरीके से भर गया जब प्रियांंशु श्रीवास्तव का दिल पूरी तरीके से भर गया तो उन्होंने अपनी जान दे दी और उन्होंने अपनी जान अपने घर पर नहीं बल्कि उसी अदालत के अंदर दी जिसमें वो अपने पिता के साथ प्रैक्टिस कर रहे थे। जी हां, प्रियांंशु श्रीवास्तव उसी कोच के चौथे माले से नीचे कूद गए जिसकी वजह से उनका सर फट गया और खून बुरी तरीके से बहने लगा। जैसे ही लोगों ने देखा तो वहां पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रियांंशु श्रीवास्तव को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल जाने के बाद डॉक्टरों ने प्रियांंशु श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जब प्रियांंशु श्रीवास्तव के फोन की जांच की जब पुलिस ने फोन की जांच पड़ताल की तो उसके अंदर से दो पन्नों का लेटर निकला। जी हां, उस लेटर में जो लिखा हुआ था उसने पुलिस को भी पूरी तरीके से चौंका दिया है। प्रियांंशु श्रीवास्तव ने इस लेटर के अंदर लिखा कि वह बचपन से ही अपने पिता के द्वारा सताए जा रहे हैं। उनके पिता उन्हें बचपन से मारते पीटते नजर आ रहे हैं। जब प्रियांंशु श्रीवास्तव स्कूल के अंदर पढ़ाई कर रहे थे और जिस सब्जेक्ट में उनका इंटरेस्ट था। लेकिन प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता ने उन्हें दूसरे सब्जेक्ट्स दिलवाए। जिनमें वह आगे चलकर कम मार्क्स लाए। जिनकी वजह से प्रियांंशु श्रीवास्तव को प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता ने बुरी तरीके से सबके सामने बेइज्जत किया और मारा पीटा। लेकिन यह सिलसिला सिर्फ स्कूल तक नहीं बल्कि कॉलेज तक भी जारी रहा। कॉलेज में जाने के बाद भी प्रियांंशु श्रीवास्तव को जबरदस्ती लॉ करने के लिए कहा गया। प्रियांंशु श्रीवास्तव ने जैसे तैसे लॉ कर लिया और प्रयागराज में जाकर अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन वहां भी प्रियांशु श्रीवास्तव एक अच्छी तरीके से नहीं कर पाई क्योंकि प्रियांशु श्रीवास्तव का जिस चीज में इंटरेस्ट था उसे प्रियांशु श्रीवास्तव के पिता ने कभी करने ही नहीं दिया। प्रियांंशु श्रीवास्तव वापस आए।

वकालत करने के बाद वह अपना 100% इस चीज में देते हुए नजर आ रहे थे। लेकिन प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता जरा सा भी थमने को तैयार नहीं थे। वह अदालत में सभी के सामने प्रियांंशु श्रीवास्तव को बेइज्जत करते थे। ऐसा लगता था कि प्रियांशु उनका सगा नहीं बल्कि सौतेला बेटा है। प्रियांंशु अपने मन मन में बहुत सालों तक इस चीज को पालता रहा। लेकिन जब हद हो गई तो प्रियांंशु श्रीवास्तव ने अपने फोन के अंदर नोट लिखने शुरू कर दिए और अपनी जान दे दी। इस नोट में प्रियांंशु श्रीवास्तव ने लिखा है कि उसकी लाश को उसके पिता को छूने भी ना दिया जाए। देख रहे हैं आप दोस्तों अपने पिता के लिए उन्होंने ऐसी चीज लिखी है जिसके बाद हर किसी का दिल पूरी तरीके से भर आ रहा है। सब यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि एक पिता आखिर अपने सगे बेटे के साथ ऐसा कैसे कर सकता है? प्रियांंशु श्रीवास्तव ने यह भी लिखा है कि उनके पिता को उनकी लाश छूने नहीं बल्कि जो मुखाग्नि होती है वह भी ना देने दिया जाए। जी हां, पूरी तरीके से उन्होंने अपने पिता पर सारे आरोप लगा दिए हैं और साफ तौर पर इस नोट्स को देखकर लग रहा है कि प्रियांंशु श्रीवास्तव बुरी तरीके से परेशान हो गए थे। बुरी तरीके से उन्हें प्रताड़ित किया गया था और अब इसी वजह से उन्होंने अपनी जान दे दी है। पुलिस अब इस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और जांच पड़ताल करती नजर आ रही है। इस पूरे मामले पर पुलिस का क्या कहना है आप वो भी सुनिए। कि एक व्यक्ति जो कि पेशेष अधिवक्ता है उनके द्वारा आत्महत्या कर ली गई है। तत्काल हमारी टीम यहां पे पहुंची रेस्पोंड की चौकी बवारी पहुंचे। मैं भी यहां पर पहुंचा हूं और जो घटना है उसका हमें सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है। इसमें बहुत स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि अधिवक्ता जिनका नाम प्रियांंशु है वो उम्र लगभग 23 साल है। वो पांचवी मंजिल पे बैठे हैं और कुछ देर के बाद फोन पर बात कर रहे हैं

और उसके बाद उनके द्वारा आत्महत्या कर ली गई। आत्महत्या करने के पूर्व उनके द्वारा अपने WhatsApp स्टेटस पर एक नोट भी डाला गया है जो कि यहां पर उपस्थित अधिकांश जो हमारे अधिवक्ता हैं उनके मोबाइल में उन लोगों ने उसका स्क्रीनशॉट का स्क्रीनशॉट भी सेव कर रखा है। तो अभी उस नोट को भी हम अध्ययन कर रहे हैं। बाकी जो बॉडी है तत्काल यहां से पोस्टमार्टम के लिए पोसला भेजा गया औरसला से फिर वो हाईलाइट जाएगी जहां पे उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। सर परिजनों से कुछ बात हुई आपकी? उनके फादर अभी उनसे मेरी बात हो रही थी तो फादर भी बहुत शॉक की कंडीशन में है। कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। बहाल जो भी उनके द्वारा लिखित में तहरीर दी जाएगी उस पे कारवाई अमल में लाई जाएगी। दोस्तों सुना आपने किस तरीके से पुलिस भी बताती नजर आ रही है कि शुरुआती जांच में सारे आरोप प्रियांंशु श्रीवास्तव के पिता के खिलाफ ही जा रहे हैं। लेकिन अभी जो प्रियांशु श्रीवास्तव ने ये नोट लिखा है इसकी जो हैंडराइटिंग है इसकी जांच की जाएगी और डिजिटल जो लेटर मिला है उसकी भी जांच की जाएगी ताकि साफ हो सके कि यह जो लेटर है यह प्रियांंशु श्रीवास्तव ने ही लिखा है या फिर इनकी जो मौत हुई है इसके पीछे कोई और भी वजह निकल कर आ सकती है। जी हां, ऐसा भी हो सकता है कि प्रियांंशु श्रीवास्तव के फोन के अंदर लिखकर किसी ने यह नोट डाल दिया हो

क्योंकि शुरुआती जांच में सारे आरोप प्रियांशु श्रीवास्तव के पिता के खिलाफ निकलते नजर आ रहे हैं। अब देखना बाकी यह होगा कि प्रियांशु श्रीवास्तव के पिता ही असली विलेन निकल सकते हैं या फिर इस केस में ऐसा मोड़ आ सकता है जो सभी को और बुरी तरीके से चौंकने पर मजबूर कर दे। कानपुर के इस केस के बारे में जो भी सुन रहा है पूरी तरीके से उसका दिल अंदर से तहल जा रहा है। वह यही सोचने पर मजबूर हो रहा है कि आखिर पिता बेटे का रिश्ता इतना बुरी तरीके से कैसे हो सकता है? कैसे एक बेटा कह सकता है कि मेरे मरने के बाद मेरे पिता को लाश को छूने भी ना दिया जाए। पूरी तरीके से उसने इंकार कर दिया है। उसने साफ तौर पर कह दिया है कि उसके पिता की वजह से ही उसकी जान गई है। अब इस केस पर आप क्या सोचते हैं? मेरे साथ कमेंट सेक्शन में साझा जरूर करें। बाकी और भी सारे अपडेट्स के लिए बने रहे द न्यूज़ फीवर के साथ। कि एक व्यक्ति जो कि पेशेष अधिवक्ता है उनके द्वारा आत्महत्या कर ली गई है। तत्काल हमारी टीम यहां पर पहुंची रेस्पोंड की चौकी प्रवारी पहुंचे। मैं भी यहां पर पहुंचा हूं और जो घटना है उसका हमें सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है। इसमें बहुत स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि अधिवक्ता जिनका नाम प्रियांंशु है वो उम्र लगभग 23 साल है। वो पांचवी मंजिल पे बैठे हैं और कुछ देर के बाद फोन पर बात कर रहे हैं

और उसके बाद उनके द्वारा आत्महत्या कर ली गई। आत्महत्या करने के पूर्व उनके द्वारा अपने WhatsApp स्टेटस पर नोट भी डाला गया है जो कि यहां पर उपस्थित अधिकांश जो हमारे अधिवक्ता हैं उनके मोबाइल में उन लोगों ने उसका स्क्रीनशॉट का स्क्रीनशॉट भी सेव कर रखा है। तो अभी उस उस नोट को भी हम अध्ययन कर रहे हैं। बाकी जो बॉडी है तत्काल यहां से पोस्टमार्टम के लिए पोसला भेजा गया औरसला से फिर वो हाईलाइट जाएगी जहां पे उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। सर परिजनों से कुछ बात हुई आपकी? उनके फादर अभी उनसे मेरी बात हो रही थी तो फादर भी बहुत शॉक की कंडीशन में है। कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। बहाल जो भी उनके द्वारा लिखित में तहरीर दी जाएगी उसप कारवाई अमल में लाई जाएगी।

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