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हरदोई स्कूल प्रिंसिपल पर लगा SC/ST एक्ट, भीड़ के सामने माफी मांग कर क्या बोलीं?

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मैम आपने जिस स्टोन में बात की थी ना आपकी कोनालिटी दैट वास नॉट वेरी मच एफिशिएंट लाइक अ प्रिंसिपल लाइक अ डिवोटेड एक भी कॉपी मिली जिसमें संदीप का लोगो है मैं अपनी जूते ये एक स्कूल की प्रिंसिपल मैम है लेकिन नाक रगड़ कर माफी मांगने की बात क्यों कर रही हैं ये जानने के लिए थोड़ा सा फ्लैशबैक में जाना पड़ेगा शट अप प्यार मोहब्बत छ घंटे चाहिए तुमको बात समझने के लिए छ घंटे चाहिए बच्चे लाके दीजिए प्लीज पहचानिए लाके दीजिए बच्चे को दिखा दे यहां से हटाओ इस तरह से नाम तुरंत हटाओ यहां से नाम को खरीदा श बात ऐसी है कि प्रिंसिपल ने पेरेंट्स की क्लास लगा दी थी एक तरह से भरपूर बेइज्जती की थी वीडियो वायरल हो गया सोशल मीडिया पर लोगों ने काउंसलिंग कर दी तो अब प्रिंसिपल माफी मांग रहे हैं। मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई का है।

24 अप्रैल को न्यू सनवीन स्कूल में एक प्रोग्राम था और इसी दिन एक स्टूडेंट के पेरेंट्स स्कूल बात करने के लिए पहुंचे थे। इंडिया टुडे से जुड़े प्रशांत पाठक की रिपोर्ट के मुताबिक पेरेंट्स की शिकायत थी कि उनके बच्चे के पास जो कॉपी है उसे इस्तेमाल करने से टीचर्स ने इंकार कर दिया क्योंकि वो स्कूल की कॉपी नहीं थी। यानी उस पर स्कूल का नाम नहीं छपा था। यह हरकत वैसे अधिकतर प्राइवेट स्कूल में होती है कि स्टूडेंट्स पर दबाव बनाया जाता है कि वह केवल स्कूल के लोगो वाली ही नोटबुक यूज़ करें। पेरेंट्स ने इस स्कूल में भी यही आरोप लगाया। स्टूडेंट की मां नीलम वर्मा ने दावा किया कि प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने उन्हें अनपढ़ गवार कहा। यह बात वो झूठ बोल रही हैं और फीस का कोई दबाव फीस अगर मैं दबाव बनाती तो 2 साल पहले से नहीं बनाती। तब तो मैंने कभी कुछ नहीं कहा। मैं सिर्फ कॉपी के मामले में कहने गई थी कि मैम मेरी बात सुन लीजिए। मैं 15 दिन में आपको यह कॉपी बच्चे को दिला दूंगी। लेकिन उन्होंने मेरी

बात नहीं सुनी। और बहुत बदतमीजी से बोलने लगी जाहिल गवार अनपढ़ और यहां चली आती है लिपस्टिक लगा के यहां चली आती हैं। बच्चे सड़क पर फेंके अपने यहां से निकाल लिया। बच्चे सड़क पे फेंके ये सब बोल झगड़े का क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रिंसिपल काफी ज्यादा ट्रोल हो गई। प्रिंसिपल का कहना है कि यह बहस फीस कम करने को लेकर उठी थी।

कॉपी के लिए नहीं। तमाम सफाई के बाद ही पेरेंट्स की शिकायत पर प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रिंसिपल पर गाली गलौज और एससी एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। साथ में स्कूल की मान्यता भी रद्द करने को नोटिस भेज दिया गया है। प्रिंसिपल के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्टूडेंट्स भी उतर आए। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स पर इस तरह से दबाव बनाना शर्म की बात है। प्राइवेट स्कूल में ऐसे मुद्दों पे अगर भड़काया जाएगा कि आप एनसीआरटी की किताब लेने की बजाय आप हमारे यहां भी किताब लीजिए। हमारे यहां से पुस्तकें खरीदी। हमारे हाथ से कॉपी खरीदी। तनवीम का बड़ा बड़ा जब तक उसमें लोगो नहीं होगा तब तक क्या बच्चा किताब नहीं पढ़ेगा। एक भी किताब दिखा दीजिए जिसमें कॉपी मैडम कॉपी एक भी कॉपी दिखाइए। संदीप का लोगो एक भी अगर एक भी लोगो वाली किताब आपको मिल जाती है।

मैं नाक रगडूंगी आप सबके। जिस प्रकार से आप मुझको बच्चों के जूते के फीते बांधते दिखेंगे। आप उनको खाना खिलाते देखेंगे। मैंने बहुत बहुत मेहनत से स्कूल खड़ा किया है। वो क्लिप बहुत कम समय की है। उसके तीन घंटे पहले क्या हुआ? उसके बाद में वो जो साथ में पुरुष दिखाई दे रहा है। उन्होंने बहुत अभ्रदता की टीचर के साथ में। पहले एक के साथ में की टीचर विषय ही क्यों बनता है भाई? वैसे प्रिंसिपल ने माफी मांग ली है लेकिन फिर भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एक टीम बनाई गई है जो अलग-अलग टीचर्स के बयान ले रही है। स्टूडेंट से बात कर रही है। बाकी आगे की जांच जारी है। इस खबर में इतना ही मेरा नाम है विभा। देखते रहिए द लेन टॉप।

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