हेमा मालिनी ने बताया कि लता मंगेशकर ने उनकी फिल्म ‘मीरा’ के लिए गाने से मना कर दिया था. लता जी ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपने भाई के लिए मीरा के भजन गाए थे और दोबारा नहीं गाना चाहती थीं.यूं तो हेमा मालिनी के लिए लता मंगेशकर ने कई गाने रिकॉर्ड किए हैं. मगर एक मौका ऐसा था जब स्वर कोकिला ने ड्रीमगर्ल के लिए गाने से मना कर दिया था. हेमा मालिनी तो शिद्दत से चाहती थीं कि लता जी ही उनकी आवाज बने, लेकिन लाख मनाने के बाद भी वह नहीं मानी. चलिए पूरा किस्सा बताते
‘रेडिफ’ से बातचीत में हेमा मालिनी ने लता मंगेशकर को लेकर बातचीत की थी. वह खुद को खुशनसीब मानती हैं कि उनकी डेब्यू फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में लता जी ने उनके लिए दो गाने गाए. एक सीखा नहीं सबक तू ने प्यार का और दूसरा नादान की दोस्ती जी की जलन. (हेमा मालिनी का मानना है कि ये बहुत बड़ी बात थी कि लता मंगेशकर एक नई नवेली एक्ट्रेस के लिए गाना गाए. वह उस वक्त अपने करियर के चरम पर थी. इसके बावजूद उन्होंने राजकपूर की फिल्म के लिए हेमा की आवाज बनने का फैसला लिया. आगे चलकर हेमा और लता मंगेशकर के बीच रिश्ता गहरा होता गया. न सिर्फ पर्सनली बल्कि प्रोफेसनली भी.
हेमा मालिनी ने लता मंगेशकर संग अपने रिश्ते पर कहा था, ‘लता जी की मेरे से और धर्म जी दोनों से बहुत बनती थी. मुझे उन्होंने कई बार कई अनमोल गिफ्ट्स भी दिए. इतना ही नहीं, कई बार तो उन्होंने अपनी पसंद की साड़ी भी मुझे भेजी. मैंने आजतक उन जैसी हस्ती नहीं देखी. जो इतनी टेलेंटिड और दयालु थीं.’
हेमा मालिनी और लता मंगेशकर वॉट्सऐप फ्रैंड्स भी रहे. दोनों एक दूसरे को कभी गाने भेजते तो कभी मिलने का प्लान बनाते. हेमा शुक्रगुजार करती हैं कि लता मंगेशकर ने उनके करियर में कई सुपरहिट गाने दिए. उनका मानना है कि वैसे तो उन्होंने कई हीरोइनों के लिए गाने गाए, लेकिन उनके लिए बेहद खास गीत गाए. जैसे दुनिया का मेला मेले में लड़की और दो नैनों में आंसू भरे हैं.
इसी इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने एक दुखद घटना को भी याद किया था. उन्होंने बताया था कि कैसे एक बार लता मंगेशकर ने उनके लिए गाने से मना कर दिया था. हेमा ने कहा, ‘गुलजार जब मीरा बना रहे थे तो मैं लीड रोल में थी. मेरे लिए ये फिल्म बहुत खास थी. इसके प्रोड्यूसर प्रेम जी थे जिन्होंने मेरे और धर्म जी के साथ कई हिट मूवीज का निर्माण किया. उनको मैंने ही मीराबाई पर फिल्म बनाने को कहा था और वह झट से मान भी गए थे.’