Cli

लखनऊ आग मामले में चौकाने वाला खुलासा, इन गलतियों की वजह से हुआ हादसा?

Uncategorized

बजे से। लखनऊ आग की वजह से पूरा देश इस वक्त सदमे में है। आखिर किसकी लापरवाही ने 15 बच्चों की जिंदगी छीन ली? कौन है जिम्मेदार? अलीगंज की इस इमारत में क्या-क्या खामियां थी? इसका पता कब लगाया जाएगा?

सीएम योगी ने सात दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद एसआईटी ने एक्शन शुरू कर दिया है। लखनऊ मामले की जांच कर रहे एडीजी प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि तय वक्त के अंदर जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

हर विभाग की जिम्मेदारी तय होगी। सभी पक्षों से पूछताछ करके रिपोर्ट तैयार होगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कारवाई जरूर की जाएगी।

तो आप देखिए यहां पर जांच बिठा ली गई है। लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार का बयान इसमें सामने आया। हर विभाग की जिम्मेदारी तय हम करेंगे। तय समय सीमा में ही जो जांच रिपोर्ट है वो हम मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए एसआईटी की टीम अब ग्राउंड पर पहुंच चुकी है। हर एक पहलू की हर एक चीज की अब जांच की जा रही है। अलीगंज में इस बिल्डिंग में आग कैसे लगी? कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं? क्या होना चाहिए?

इसके लिए एसआईटी की टीम यहां मौके पे पहुंच चुकी है। साथ में इस टीम में एडीजी जोन प्रवीण कुमार हैं और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात हैं। वो यहां मौके पे पहुंचे। इसके पहले फॉरेंसिक की टीम यहां पहले से ही थी और ये अब घटना स्थल पे पहुंची है। अंदर जो बिल्डिंग है उसमें ये लोग जा रहे हैं और जांच की जाएगी कि किस तरह से कौन लोग इसके जिम्मेदार थे।

क्या किया जाना चाहिए? अब ये टीम यहां पे है और बिल्डिंग के अंदर जा रही है। गंभीर बात इतने लोगों की जान इसमें चली गई इस हादसे में और लापरवाही हुई है क्योंकि ये जो पूरा इलाका है यह रेजिडेंशियल इलाका है। इलाका है। यहां पे कमर्शियल बिल्डिंग बनाई गई है। जो नियम होने चाहिए थे कि 3 मीटर आगे और 3 मीटर पीछे सेटबैक छोड़ा जाना चाहिए था। वो नहीं छोड़ा गया है और बीच में जो आंगन होना चाहिए वह इसमें नहीं है। निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता है। तो सारे नियम इसमें तोड़ दिए हैं। क्या पॉइंट रहेंगे?

हम लोग देखते हैं। फिर आपसे बात करेंगे। सर कुछ विभागीय दस्तावेज विभागों से लिए गए हैं। उसके बाद जांच के लिए आप लोग के निर्देश पर विशेष जांच दल का जो गठन हुआ है उस अभी हम लोग मौका मुयना कर रहे हैं। हम सभी पहलुओं पर गहराई से जांच करेंगे। हर डिपार्टमेंट के लायबिलिटी के पॉइंट ऑफ व्यू से और सभी आयामों पर विस्तार से देखेंगे। दो सदस्यों की जांच कमेटी बनी है। मौके पर पहुंचे हैं एसआईटी के दोनों ऑफिसर और उन्होंने मौके पर मुयना किया। रुचि हमारे साथ जुड़ी हुई हैं। रुचि क्या जो एसआईटी के दोनों लोग हैं वो मौके से जा चुके हैं और क्या जांच के बाद उनकी आपसे बात हुई? क्या उन्होंने वहां पाया?

क्या देखा? और चाह रहे हैं चले जाए। अभी हुसैन अंदर हैं। 40 मिनट से एसआईटी की टीम अंदर है। सबसे पहले जो एनिमेशन सेंटर है उस फ्लोर पे एसआईटी की टीम गई थी। और यह जो बिल्डिंग आप इसका ओरिजिनल अगर वो देखेंगे तो सामने पूरी बिल्डिंग बंद कर रखी थी। उसमें होर्डिंग्स लगे हुए थे। जो ऑफिसिसेस थे उनके होर्डिंग्स लगे हुए थे।

तो सामने से कोई भी रास्ता निकलने का नहीं था। यह भी नियम के खिलाफ था। तो सबसे पहले तो उन्होंने यह देखा कि बाहर किस तरह से यह पूरी बिल्डिंग बंद कर रखी थी। उसके बाद सीढ़ियों का जायजा लिया कि जो सीढ़ी थी जहां से भागने की स्थिति हो सकती थी वहां क्या हालात थे। नीचे जो बेसमेंट है वहां भी गए और उसके बाद छत पे गए क्योंकि छत जो है लॉक थी तो छत में भी जाकर देखा कि अगर छत खुली होती तो शायद बच्चों की जान कुछ बच्चों की जान बच सकती थी। वो धुएं से नहीं मरते। जो बच्चे धुओं से धुएं से मर गए वो नहीं मरते। तो इस तरह से एक-एक फ्लोर पे जाके सीढ़ियों पे जाके एसआईटी की टीम इस समय अभी अंदर मौजूद है और देख रही है कि इस बिल्डिंग में जो खामियां हैं खामियां ही खामियां हैं।

एक भी हमें लगता नहीं है कि इस बिल्डिंग में कुछ भी सही है। हुसैन सब चीज गड़बड़ है। चाहे वो बिल्डिंग जिस तरह से बनाई गई हो। ये सामने आपको अमृत अभिजात है जो इस फ्लोर पे जहां पे यह पेट सेंटर था। पीछे प्रवीण कुमार हैं जो इस फ्लोर का जायजा ले रहे हैं कि देख रहे हैं कि किस तरह से यहां पर निर्माण हुआ था क्योंकि सब सामान तो जल गया है। किस जिस तरह की बिल्डिंग के हालात थे कि वहां चलने फिरने की जगह नहीं थी। इतना फर्नीचर लगा रखा था।

जहां पे चार बच्चे बैठने की जगह होती वहां पे 121 बच्चे बैठे थे। क्योंकि जो लाइब्रेरी चल रही है आजकल आप देखते हैं कि वो लाइब्रेरी सिर्फ एक कुर्सी की जगह होती है कि एक कुर्सी और उसके सामने उतनी छोटी सी मेज।

उसके अलावा उसमें कुछ हिलने डुलने की जगह नहीं होती। तो वो सब चीजें यहां पे फिलहाल देखी जा रही है। गड़बड़ियों को पता किया जा रहा है। अभी प्रवीण कुमार ने हमसे कहा कि जो भी जिम्मेदार होगा सबको सबको दोषी बताया जाएगा और कारवाई भी सबके खिलाफ जैसा कि रुचि दिखा रही है अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार दोनों मौके पर मौजूद हैं

इस वक्त और दोनों पूरी बिल्डिंग का मुयना कर रहे हैं और उनकी तरफ से पहले ही जब वो वहां मौके पर पहुंचे हैं तो उन्होंने तभी यह बात कह दी कि जो भी दोषी है जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। एलडीए ने भी कारवाई शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *