-मित्रों,मैंने अभी ट्विटर पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान ट्वीट किया है। कृपया उसे देखें। यह ट्विटर हैंडल पर उपलब्ध है।मैंने यह सुझाव दिया है कि छात्र प्रदर्शनों से निपटने के लिए दंगा पुलिस के स्थान पर नागरिक सुरक्षा बल को प्रथम पंक्ति में तैनात किया जाए।ठीक उसी प्रकार जैसे सीमा पर बी.एस.एतैनात होती है और सेना सीधे संपर्क में नहीं आती। सीमा पर प्रथम संपर्क बी.एस.एफ. का होता है।
इसी तर्ज पर, छात्र आंदोलन के समय प्रथम संपर्क *नागरिक सुरक्षा बलका होना चाहिए।और इस नागरिक सुरक्षा बल के पास बेंत की ढालें, शारीरिक कवच और हेलमेट हो सकते हैं, लाठियाँ नहीं। लाठियाँ नहीं।*दंगा पुलिस पीछे खड़ी रहकर सामान्यतः एवं विशेष रूप से नागरिक सुरक्षा बल के जीवन और संपत्ति की रक्षा कर सकती है।
मैंने यह भी सुझाव दिया है कि नागरिक सुरक्षा बल प्रत्येक राज्य में उपलब्ध है। अतः हम इसे शीघ्रता से संगठित कर, पुनः प्रशिक्षित कर और छात्र आंदोलनों में तैनात कर सकते हैं।
इससे तोड़-फोड़ और इस प्रकार के आरोपों से बचा जा सकेगा। इस प्रकार हम समय और ऊर्जा की भारी क्षति को रोक पाएंगे।मित्रों, कृपया इसे देखें। यह एक विचारणीय सुझाव है।—क्या आप चाहेंगे कि मैं इसे समाचार/भाषण शैली में और भी औपचारिक बना दूं?