पुणे पुलिस को सिया के घर से सिया का एक और मोबाइल फोन मिला है और इस मोबाइल फोन में पुलिस को एक बहुत अहम चीज मिली है। पुलिस ने जब पूरे मामले का इन्वेस्टिगेशन किया, एक जो फोन सिया पहले इस्तेमाल करती थी, वह ऑलरेडी पुलिस के पास है। और दूसरा फोन जब हाल ही में सिया को लेकर पुलिस सिया के घर पे गई थी उस वक्त पुलिस को वो मोबाइल फोन मिला और इस मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री को जब चेक किया गया तो इसमें दो ऐसी चीजें थी जो सिया ने सर्च की हुई थी और इसके बाद ही पुलिस ने इस बात को बताया है कि सिया ने यह सर्च किया था कि क्या पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ होती है और दूसरी अहम चीज जो सिया ने सर्च की थी वो है राजा रघुवंशी केस यानी राजा सोनम का जो केस मेघालय में हुआ था जहां सोनम ने राजा को धक्का था पहाड़ से उस केस को सर्च किया था ।
यानी कि पहले पूरी केस स्टडी सिया ने की और उसके बाद ठीक उसी तरीके से सिया ने केतन का कत्ल कर दिया अब सवाल यह है कि उस केस को क्यों स्टडी किया उस केस पर क्यों रिसर्च किया सिया ने? वो इसीलिए कि वहां पर जिस भी कमी की वजह से सोनम पकड़ी गई थी सिया उस गलती को ना दोहराए। हालांकि सिया ने किसी और कोई और गलती कर दी लेकिन सिया ने उस गलती को नहीं दोहराया। यानी कि जो किराए के कातिल लाए गए थे वैसा सिया ने नहीं किया। भाग जाना ऐसा सिया ने नहीं किया। तो उस केस का रेफरेंस लेते हुए और उस केस से सीखते हुए सिया ने इस कत्ल को पूरी तरीके से प्लान किया था।
तो सिया की सर्च हिस्ट्री यह बताती है कि सिया ने केतन के कत्ल से पहले अपने मोबाइल फोन पर सोनम राजा मर्डर केस को सर्च किया था। सिया ने यह भी सर्च किया था कि पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ होती है या नहीं। यानी कि अगर गलती से भी वह पकड़ी जाती है। पुलिस कस्टडी में उसे लेती है, पूछताछ करती है तो इस दौरान क्या उसके साथ पुलिस कर सकती है कि नहीं? इस बात को सिया ने सच किया था।
यह एक अहम बात सिया के घर जब पुलिस उसको लेकर गई उस दौरान पुलिस को पता चली। दूसरा उसी दौरान जब सिया अपने घर से वापस लौट रही थी पुलिस कस्टडी में ही तो सिया ने मीडिया के सामने मिडिल फिंगर दिखाया था और यह बहुत ज्यादा वायरल हुआ था। बहुत ज्यादा ट्रोल इस बात को लेकर किया गया था। इसके बाद सिया के पिता ने इस पर सफाई दी है। सिया के पिता ने बताया कि जब पुलिस कस्टडी में वह आई थी तो गाड़ी के दरवाजे से उसके उंगली में चोट लग गई थी और वो अपनी चोट दिखा रही थी। सवाल यह है कि सिया मीडिया को चोट क्यों दिखा रही थी?
और क्या इतनी गंभीर चोट थी जो उसको इस तरीके से दिखाना पड़ रहा था और दिखाने से होता क्या? तो ऐसे तो बहुत सारे सवाल हैं लेकिन बेटी तो गलत कर ही रही है लेकिन इसमें पिता उसका बराबर का साथ दे रहे हैं और उसकी तरफ से सफाई भी दे रहे हैं कि गलत तरीके से इसको मीडिया में पेश किया गया। सोशल मीडिया में दिखाया गया। सिया ने ऐसा कुछ नहीं किया था। चाहे तो जांच कर लो इस मामले की। सिया ने मिडिल फिंगर नहीं दिखाया था। सिया ने अपनी चोट दिखाई थी जो कि गाड़ी का दरवाजा खुलते समय उसे लग गई थी।
तो यह उसके पिता ने सफाई दी है। इसके अलावा चेतन चौधरी के बारे में जो पता चला है कि चेतन चौधरी अपने मोबाइल में दो सिम कार्ड यूज़ कर रहा था और दोनों ही सिम कार्ड का वो इस्तेमाल करता करता था। पुलिस दोनों की ही जांच कर रही है। इसके अलावा फिलहाल जो मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत दी है और राजा रघुवंशी के परिवार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह उस केस का अपडेट है जिस केस का रेफरेंस लेकर या जिस केस पर रिसर्च कर कर सिया ने केतन का कत्ल किया।
अब इस पूरे केस स्टडी को देखने के बाद इतने दिनों से सिया, केतन, चेतन इन सब चीजों को देखने के बाद हर कोई अपना-अपना इस पर रिएक्शन दे रहा है। इसी में एक रिएक्शन जो कि बहुत इंपॉर्टेंट है वो है एक आईपीएस अरुण बोथरा जी हैं। ये ओसा के एडीजीपी हैं इस वक्त। इससे पहले वह ब्रांच में रह चुके हैं। इससे पहले वह ट्रांसपोर्ट में कमिश्नर रह चुके हैं। अरुण बोथरा सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी राय रखते हैं। और इस केस को लेकर एक सीनियर आईपीएस अफसर ने यह राय रखी है कि सिया का जो बिहेवियर है, जिस ह्यूमन बिहेवियर को यह पुलिस वाले स्टडी करते हैं। एक अच्छे खासे एक्सपीरियंस के बाद उन्हें समझ में आता है कि ह्यूमन बिहेवियर से इंसान के बारे में कितना पता लगाया जा सकता है।
इन्होंने एक्स पर एक पोस्ट किया और इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अपने करियर में उन्होंने बहुत सारे केसेस देखे। बहुत सारे केसेस को इंटेरोगेट किया। बहुत सारे क्रिमिनल से इंटरेक्ट हुए। क्रिमिनल से इनका आमनासामना हुआ। बातचीत हुई। पूछताछ इन्होंने की है। लेकिन सिया को देखने के बाद इन्होंने यह फील किया कि उसे किसी भी तरह का कोई रिग्रेट नहीं। कोई पछतावा नहीं, कोई दुख नहीं, कोई इमोशन नहीं, चेहरे पर कोई भी ऐसा भाव इन्हें नहीं दिखा। और इन्होंने ऐसा बताया कि बहुत बड़े-बड़े भी जब कोई ऐसा क्राइम कर देते हैं, उसके बाद उन्हें या तो दुख होता है, पछतावा होता है, नहीं तो कम से कम डर तो होता है।
चेहरे पर एक शिकन तो दिखती है। वो ह्यूमन बिहेवियर को पढ़कर बता देते हैं कि l का माइंडसेट कैसा है इस समय। लेकिन सिया को देखने के बाद ये सीनियर आईपीएस अफसर कहते हैं कि उन्होंने अपने इतने साल के लंबे करियर में जिसमें उन्होंने ब्रांच में काम किया। से रोजाना वन टू वन वो इंटरेक्ट करते थे। उसके बावजूद भी आज तक उन्हें ऐसा कोई भी क्रिमिनल नहीं दिखा जिस जो करने के बाद उसके चेहरे पर दुख ना हो, पछतावा ना हो, डर ना हो, कोई भी ऐसा भाव जो कि एक क्राइम करने के बाद एक इंसान के चेहरे पर आना चाहिए। ऐसा ना हो।
इतना कॉन्फिडेंट, इतना ज्यादा बेपरवाह, लापरवाह इस तरह का बिहेवियर जो सिया का इस समय दिख रहा है वो अपने अब तक के लाइफ में, अब तक के करियर में उन्होंने नहीं देखा। इसीलिए उन्होंने कहा कि यह केस बहुत अलग है। सिया को कोई दुख, कोई पछतावा नहीं है। यानी कि पूरी तरीके से प्लान करके मर्डर किया गया है। गुस्से में नहीं, दुख में नहीं, झगड़े में नहीं बल्कि पूरी तरीके से प्लान मर्डर है। एक और उसके बाद इसको अंजाम दिया गया। इसीलिए वो इतनी शांत और इतनी नॉर्मल है। ये तो हम हम और आप भी देख सकते हैं।
जब सिया पुलिस कस्टडी में या कोर्ट ले जाई जाती है या अपने घर ले जाई जाती है या फिर क्राइम सीन पर ले जाई जाती है। हमने जितनी बार भी सिया के हावभाव चाल देखे हैं। उसको देखकर यही एहसास हुआ है कि कितनी बेफिक्र चल रही है। कितनी नॉर्मल है एक इंसान का मर्डर अपने होने वाले पति का अपने मंगेतर का मर्डर करने के बाद भी ऐसी चाल जिस पर सबने सवाल उठाया। सोशल मीडिया पर लोगों ने बहुत ज्यादा ट्रोल किया कि एक कातिल की ऐसी चाल कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती है और उसके बाद अब ये सारी चीजें उसके बाद मीडिया को इसके बाद सोसाइटी को ये मिडिल फिंगर दिखाना उसके बाद उसके पिता का इस तरीके से सफाई देना ये सब कुछ दिखाता है।
सिया ने कितनी सोची समझी साजिश के तहत अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को लोगगढ़ की पहाड़ी से धक्का दिया था और अब इस पूरे केस में यही अपडेट है कि सिया के मोबाइल फोन ने अब राज खोला है कि यह सोची समझी साजिश के तहत सोनम राजा का केस देखने के बाद पूरा केस स्टडी करने के बाद सिया ने इस को अंजाम दिया है और उसके बाद सिया ने यह भी देखा कि अगर पकड़े गए तो फिर क्या हो सकता है? क्या उसकी मारपिटाई भी हो सकती है? इसीलिए सर्च किया कि पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ क्या सुलक किया जाता है?