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दिल्ली की ये नौकरानी है करोड़पति, संपत्ति जानकर होश उड़ जाएंगे।

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दिल्लीजहां करोड़ों लोग रहते हैं और हजारों चोरियां रोज होती हैं। लेकिन कुछ चोरियां ऐसी होती हैं जिन्हें सुनकर पुलिस भी सर पकड़ लेती है। जरा सोचिए कि एक महिला जो आपके घर पर झाड़ू पोछा करती है, चाय बनाती है, घर वालों का भरोसा जीतती है और फिर अचानक एक दिन ऐसे गायब हो जाती है जैसे वो कभी थी ही नहीं।

लेकिन उसके जाने के बाद पता चलता है कि घर से सिर्फ मेड नहीं गई है बल्कि लाखों करोड़ों का सोना भी गायब हो चुका है। ऐसा ही एक वाक्य आया है इसी दिल्ली से। कहानी है एक ऐसी लड़की की जोअलग-अलग अमीर लोगों के घरों में काम करती थी और उसने 2 किलो से ज्यादा का गोल्ड चुराया। जिसे 15 अलग-अलग गोल्ड लॉकर में रखकर पैसे बनाए और प्रॉपर्टीज खरीदी। लेकिन जब पुलिस उसके घर पहुंची तो दरवाजे पर खड़ी मिली 15 खतरनाक कुत्तों की फौज। ऐसी सिक्योरिटी कि पुलिस को अंदर घुसने में भी मशक्कत करनी पड़ी। आखिर कैसे एक मेड ने सालों तक अमीर घरों को अपना निशाना बनाया।

कैसे 2 किलो से ज्यादा का सोना गायब किया और किसी को भनक तक नहीं लगी और वो कौन सी एक गलती थी जिसने उसके पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। जिसने दिल्ली में चोरी को ही अपना बिजनेस बना दिया था। सोनिया, सोना, अनीता। यह सब नाम हैं उस महिला के जो चेन्नई की रहने वाली थी।

लगभग 20-25 साल पहले अपने पति कार्तिकेय के साथ दिल्ली शिफ्ट हुई थी। यहां आकर उसके पति कार्तिकेय ने दिल्ली में गारमेंट का बिजनेस शुरू किया तो सोनिया ने एक फूड स्टॉल लगा लिया। इन दोनों के दो बच्चे भी थे। लेकिन दोनों की कमाई इतनी हो नहीं पाती थी कि परिवार का गुजारा हो सके। ऐसे में साल 2008 में सोनिया ने एक प्लान बनाया चोरी का प्लान।

इसके लिए उसने दिल्ली के पौश इलाकों जैसे पंजाबी बाग, शालीमार बाग, पीतमपुरा, रोहिणी, मौर्य इंक्लेव जैसी जगहों को चुना। अब यहां आप सोनिया का जरा दिमाग देखिए। इन कॉलोनियों में घुसने का उसने जरिया बनाया कॉलोनी के सिक्योरिटी गार्ड्स को। क्योंकि बड़ी कॉलोनीज और सोसाइटीज में गार्ड्स को हर घर की खबर होती है।

उन्हें पता होता है कि किस घर में मेड की जरूरत है और किस घर में कौन-कौन रहता है। वो कब घर से बाहर होते हैं और कब घर के अंदर। यहां तक कि उन्हें मकान मालिकों के सोशल स्टेटस की भी खबर होती है। सोनिया ने इसी बात का फायदा उठाया। कार्ड्स की सिफारिश पर उन्हें कई घरों में नौकरियां मिल जाती और इसके बाद सोनिया घर के अंदर दाखिल होते ही अपना खेल शुरू कर देती। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अक्सर आधी तनख्वाह पर नौकरी करने की बात कहती यानी कि घर के मालिकों से कहती कि अगर आपको काम पसंद आया तो ठीक नहीं तो वो लोग उसे आधी सैलरी देकर काम से हटा सकते हैं।

ऐसा कहकर वो परिवार वालों का भरोसा भी जीत लेती थी। काम पर आने के बाद वो इस बात पर नजर रखती कि वो परिवार अपना जो कीमती सामान है वो कहां रखता है और अगर घर में कोई सेफ है तो उसका कोड क्या हो सकता है। घर में कोई सीसीटीवी कैमरा है या नहीं। साथ ही वह फैमिली के रूटीन पर भी नजर रखती थी और जैसे ही वह घर की पूरी मैपिंग कर लेती तो उसका चोरी का प्लान सेट हो जाता। फिर सही मौका देखकर वो घर वालों के कीमती सामान पर अपना हाथ साफ कर देती और अचानक नौकरी छोड़कर चली जाती। लेकिन जब तक उसका काम नहीं हो जाता तब तक घर वालों को रत्ती भर भी शक नहीं होने देती कि वह चोरी भी कर सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो वह 2008 से दिल्ली के कई मकान मालिकों को अपना शिकार बना चुकी है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतने सालों तक वो पकड़ी क्यों नहीं गई? उसके पीछे की वजह है उसका शातिराना दिमाग।

चोर सबसे पहले पकड़ा जाता है चोरी का सामान बेचते हुए। यह बात सोनिया को अच्छे से पता थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया ने अलग-अलग घरों से लगभग 2 किलो सोना चोरी किया था। आज के हिसाब से बात करें तो इसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ के आसपास होगी। लेकिन सोनिया ने यह चोरी का गोल्ड कहीं पर भी बेचा नहीं बल्कि अपना दिमाग लगाया। उसने इस गोल्ड को गिरवी रखा और उस पर लोन ले लिया। अब अगर वह लोन ना भी चुका पाए तो उसका गोल्ड यानी कि लोन देने वाले लोग उसको सीज कर सकते थे। इस तरह सोनिया बिना गोल्ड बेचे सोने के बदले पैसा लेती जाती और ऐसा उसने एक बार नहीं किया। पुलिस के मुताबिक उसने बीते सालों में करीब 15 अलग-अलग गोल्ड लोन अकाउंट खोल रखे थे।

जांच में यह भी पता चला कि इस मेड ने इस पैसे से एक डॉग ब्रीडिंग का धंधा भी शुरू किया था। जिसके जरिए वह महंगी नस्ल के कुत्ते अमीरों को बेचती। साथ ही उसके नाम रोहिणी सेक्टर पांच और सेक्टर 11 में कई प्रॉपर्टीज भी मिली है। यानी कि पिछले दो दशक में इस मेड ने अपने अमीर लोगों को लूट करोड़ों रुपए का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। अब अगला सवाल यह आता है कि इतनी शातिर होने के बावजूद भी आखिर मेड फिर पकड़ी कैसे गई? तो सीधा [संगीत] सा जवाब है लालच हुआ यह कि शालीमार बाग में 70 साल के बिजनेसमैन विजयपाल गुप्ता रहते हैं। उनकी गाजियाबाद में प्लास्टिक कंटेनर की फैक्ट्री थी। रिटायर होने के बाद वह वाइफ के साथ घर के फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे और बेटा बहू सेकंड फ्लोर पर रहते थे। घर में हेल्प की जरूरत थी।

सिक्योरिटी गार्ड ने सोनिया को रिकमेंड किया। सोनिया ने हाफ सैलरी मांगी और जॉब पक्की हो गई। धीरे-धीरे गुप्ता फैमिली का ट्रस्ट भी उसने जीत लिया था। 16 अप्रैल को उसने काम पर आना शुरू किया। पहले तीन दिन नॉर्मल काम किया। यानी कि सुबह 7:00 बजे आई, घर की साफ सफाई की, खाना बनाया। सब कुछ बिल्कुल वैसा ही जैसा वह रूटीन में करना चाहती थी। फैमिली को लगा कि वह बहुत ही अच्छी है। लेकिन इसी बीच उसने घर में सब कुछ नोट कर लिया था। 19 अप्रैल को जब घर में सिर्फ विजयपाल और उनकी पत्नी पूजा पाठ में बिजी थे, तो सोनिया बेडरूम में घुस गई। कबर्ड खोला और गोल्ड, डायमंड की ज्वेलरीज को चोरी कर लिया। लेकिन इस बार चोरी बड़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस सामान की कीमत लगभग 1.5 करोड़ के आसपास थी। लेकिन सुनीता यह चोरी करके भाग चुकी थी। पूजा खत्म होने के बाद जब गुप्ता जी की वाइफ अपने कमरे में खुला कबड्ड देखकर और सामान को गायब देखकर हैरान हुई तो उसने पुलिस में कंप्लेंट करी। इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई। पहले पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा चेक किए लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।

जांच में पता चला कि सोनिया का नाम भी उसका असली नाम नहीं था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक पुलिस ऑफिसर ने उन्हें बताया कि सोनिया की तलाश में अलग-अलग इलाकों में पूछताछ की गई। जिसके बाद यह क्लू मिला कि वह रोहिणी सेक्टर 11 में रहती है और इसी क्लू के बेसिस पर 29 अप्रैल को रेड मारी गई। लेकिन इस मेड को पकड़ना आसान नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने जैसे ही उसके घर पर रेड की तो उसका सामना वहां मौजूद 15 कुत्तों से हुआ जिसमें पिटबुल से लेकर अमेरिकन बुलिस जैसे कुत्ते भी शामिल थे। कुत्तों ने पुलिस पर अटैक कर दिया जिससे कई पुलिस वाले घायल भी हो गए थे। लेकिन जैसे ही पुलिस घर के अंदर घुसी तो सोनिया तीन-चार मोटी रजाई और गद्दों के नीचे छिप कर बैठी हुई थी। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो पूछताछ में उसने अपना असली नाम बताया मलिका लेकिन पुलिस के पास जो आधार कार्ड वहां से उन्होंने जब्त किया था उसमें उसका नाम था सोना यानी कि नाम उसका असली नहीं था वो जो बताकर लोगों के घरों में काम कर रही थी या फिर जो उन्होंने अपना नाम पुलिस वालों के सामने बताया था दोनों ही नाम नकली थे।

इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस पूछताछ में पता चला कि उसने सबसे पहली चोरी 2008 में पंजाबी बाग के एक घर में की थी। तब एक बिजनेसमैन के घर से गोल्ड चुराया गया था। उसके बाद कुछ एक घरों से चैन चुराने का केस हुआ। पुलिस के मुताबिक अब तक छह ऐसे केस हैं जो कि कंफर्म्ड हो चुके हैं। सबसे बड़ा अक्टूबर 2025 में केस हुआ था शालीमार बाग से जहां पर उसने ज्वेलरी चोरीकी थी। उससे पहले सितंबर 2025 में मौर्य इंक्लेव में ₹60 लाख की उसने चोरी की थी और अभी रिसेंट केस शालीमार बाग का था। तो कुल मिलाकर उसने 2 किलो से ऊपर का सोना ऐसे ही चोरी करके इकट्ठा कर लिया था। सोनिया के दो बच्चे हैं। एक लड़का और एक लड़की।

लड़के के बारे में भी बताया जा रहा है कि वह पहले से ही क्राइम में इनवॉल्वड था। उस पर रॉबरी और अटेमप्ट टू मर्डर के केस थे और इन मामलों में वह जेल भी जा चुका है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। सोनिया की मां भी उसके साथ रहती है और जो कि साउथ इंडियन खाने का एक छोटा सा आउटलेट चलाती है। फिलहाल सोनिया जेल में है। जांच जारी है और आगे का फैसला अदालत करेगी

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