जिस महिला को वो सालों तक मम्मी जी कह कर बुलाता रहा, आज उसी के साथ शादी करके कैमरे के सामने खड़ा है। और सोचिए अगर एक बेटे को पता चले कि उसका पति और उसकी अपनी मां एक दूसरे के साथ शादी कर चुके हैं तो उस पर क्या बीतेगी? नमस्कार, मैं हूं तेजस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंद। आज बात एक ऐसी खबर की है जिसने उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश के सोशल मीडिया तक सनसनी मचा दी है। कानपुर देहात से सामने आए एक मामले ने रिश्तों, सामाजिक मर्यादों और कानून को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स ने अपनी ही सास से कोर्ट मैरिज कर ली है। दावा किया जा रहा है
कि दोनों के बीच करीब 4 साल से गुप्त प्रेम संबंध था और परिवार के ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में दोनों शादी के बाद दिखाई देते हैं। उनके गले में वरमाला है और हाथ में शादी का सर्टिफिकेट नजर आता है। बताया जा रहा है कि शादी का रजिस्ट्रेशन कानपुर नगर की एक अदालत में कराया गया। अब जरा इस कहानी को शुरुआत से समझते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार शख्स की शादी कई साल पहले हुई थी और वह अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन जी रहा था।
शादी के बाद उसका अपने ससुराल आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान कथित तौर पर उसकी नजदीकियां अपनी सास से बढ़ने लगी। दावों के मुताबिक धीरे-धीरे यह नजदीकियां एक प्रेम संबंध में बदल गई और करीब 4 साल तक दोनों के बीच यह रिश्ता चलता रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि परिवार के अन्य सदस्य यहां तक कि शख्स की पत्नी भी इस कथित रिश्ते से पूरी तरह अनजान थी। जब दोनों ने साथ रहने का फैसला किया तो कथित तौर पर उन्होंने घर छोड़ दिया और बाद में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद सामने आए वायरल वीडियो में दोनों ने दावा किया कि यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी से लिया है। वीडियो में दोनों लोग अपने रिश्ते को स्वीकार करने और उन्हें आशीर्वाद देने की अपील भी करते दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा, प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
कुछ लोगों ने इस पूरे मामले को अनबिलीवेबल बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी घटना पहले कभी नहीं सुनी। कई यूज़र्स ने मजाक किया, मीम्स बनाए और घटना पर तंज कसे। वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोगों ने इस मामले का सबसे दुखद पक्ष बेटी को बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि इस मामले में सबसे ज्यादा नुकसान उस महिला का हुआ है जिसे एक तरफ पति का साथ खोना पड़ा तो दूसरी तरफ अपनी मां का भरोसा भी। यही वजह है कि इंटरनेट पर इस मामले को लेकर भावनात्मक बहस भी देखने को मिल रही है। अब बात करते हैं कानूनी पहलू की। यह शादी कोर्ट मैरिज के जरिए हुई बताई जा रही है। भारत में दो बालिक व्यक्ति अपनी इच्छा से विवाह कर सकते हैं और ऐसी शादियां स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर होती हैं। लेकिन कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है
कि मामला इतना सीधा भी नहीं है। हिंदू मैरिज एक्ट में कुछ रिश्तों को प्रोहिबिटेड डिग्री ऑफ रिलेशनशिप यानी प्रतिबंधित रिश्तों की श्रेणी में रखा गया है। सामान्य परिस्थिति में सास और दामाद का रिश्ता भी इसी श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या यह शादी कानूनी चुनौती का सामना कर सकती है? क्या कोर्ट मैरिज का सर्टिफिकेट इस विवाद को पूरी तरह खत्म कर देता है या फिर आगे कोई कानूनी पेच सामने आ सकता है? फिलहाल इस सवाल का कोई अंतिम जवाब सामने नहीं आया है और मामले से जुड़ी कई जानकारियां अभी भी सामने आ रही हैं। लेकिन कानून से परे एक और सवाल है जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। क्या दो बालिक लोगों को अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का पूरा अधिकार होना चाहिए? चाहे रिश्ता कितना भी असामान्य क्यों ना लगे?
या फिर कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिनकी सामाजिक और पारिवारिक मर्यादा टूटने पर पूरे परिवार की नींवह हिल जाती है। कानपुर की यह घटना अब सिर्फ एक वायरल खबर नहीं रह गई। यह भरोसे रिश्ते परिवार और समाज के बीच बड़ी बहस बन चुकी है। आप इस पूरे मामले को किस नजरिए से देखते हैं? क्या यह दो बालिक लोगों का निजी फैसला है या फिर एक ऐसा कदम जिसने रिश्तों की सीमाओं को तोड़ दिया है? अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। आप देख रहे हैं