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टपोरी’ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद का फूटा गुस्सा..

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मेरे साथ कांग्रेस से लोकसभा सांसद राजा बाजार वडिंग साहब हैं। कंगना रानौत ने राहुल गांधी पे निशाना साधा है और एक बार फिर से बोला है कि टपोरी जैसा व्यवहार उनका है। क्या कहेंगे आप?
तो भैया कंगना रनौत को कुछ मिलने वाला तो है नहीं।

उनको लगता है कि अगर मैं राहुल गांधी को टपोरी कहूंगी और राहुल गांधी के बारे में कुछ बोलूंगी तो शायद बीजेपी और आदरणीय मोदी जी इस बात से खुश होकर मेरे को कुछ दे दें। कोई मंत्री मंत्री दे दें। हम्। लेकिन मैं महिला हैं इसलिए उनके बारे में कुछ कहना नहीं चाहूंगा। लेकिन मेरे को लगता उनको अपना मानसिक इलाज कराना चाहिए। हम ये तो राहुल गांधी जी के बारे में बोला है।

कभी-कभी उन्होंने महिलाओं के लिए भी जो पंजाब की महिलाएं थी, धरने पे बैठी थी, उनके लिए बोला था ये किराए पे लाई गई लाई हुई महिलाएं हैं। तो इस तरीके की शब्दावली एक अच्छी महिला से जो अच्छी महिला से उम्मीद नहीं कर सकता। तो मैं यही कहूंगा कि कंगना जी का मानसिक इलाज होना चाहिए। चाहे वो बीजेपी कराएं, चाहे वो मोदी जी कराएं, चाहे खुद कराएं अगर हमारी जरूरत है उसके लिए तो हम भी हाजिर हैं। आप कहां?

आप कहां कराएंगे इलाज? भाई कहीं भी देश में, विदेश में जहां भी हमारी जरूरत है। लेकिन राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता। राहुल जी क्या है या क्या नहीं है ये देश जानता है। कंगना जी से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है। अगर उस उनका काम बनता है इसी बहाने मोदी जी खुश हो जाए और हम तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। वो राहुल जी को अगर कुछ और भी कहना चाहे तो कह लें हम लेकिन मैं ये कहूंगा कि इस तरीके से लोग आपके बारे में किस तरीके के विचार रखते हैं,

हम और किस तरीके की बातचीत करते हैं करेंगे। थोड़ा आप गौर फरमगा। आपको मानसिक इलाज की जरूरत है। राजा भाई हम देखते हैं कि संसद के मकरद द्वार पे जब भी वह मीडिया से बातचीत करती हैं तो राहुल गांधी पे ही निशाना साधती हुई नजर आती हैं। किसी और मुद्दे पे वो बात नहीं करती हैं। हां तो मेरे को लगता है राहुल गांधी के बिना क्योंकि अल्टीमेटली तो राहुल गांधी लीडर हैं।

उनको लगता है कि मैं राहुल गांधी के बारे में बातचीत करूंगी तो मैं फिर टीवी पे चलूंगी। वैसे तो आजकल वह फेल हो चुकी हैं। एज ए प्रोफेशनल जो उसका प्रोफेशन था वह तो मुकम्मल तौर पे फेल हो गया। इसी तरीके का उनका बॉलीवुड में भी इसी तरीके का व्यवहार है। कोई बंदा पसंद नहीं करता।

यहां भी वो दिस फेक पब्लिसिटी कि राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी करूं तो फिर मैं चलूंगी। टीवी पे चलूंगी और तो चल नहीं रही आजकल। क्योंकि दुकान में दम नहीं है। दुकान में दम नहीं है। थैंक यू सो मच हमसे बातचीत करने के लिए।

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