Cli

इंदिरा गांधी की वो एक ‘गलती’ जिसकी सजा भुगत रहा है पूरा देश।

Uncategorized

स्वर्गीय इंदिरा गांधी की वह एक गलती जिसकी सजा आज तक भगत रहा है पूरा देश। इंदिरा गांधी को राजनीतिक क्षेत्र में बहुत महान और बहुत ही मंजा हुआ माना जाता था। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि इंदिरा गांधी ने भी अपने दौर में एक ऐसी गलती की थी जिसकी सजा आज तक पूरा देश भुगत रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए कई ऐसे फैसले लिए जिस कारण दक्षिण एशिया का पूरा भूगोल बदल गया. उनको उनके बोल्ड फैसलों के लिए आयरन लेडी तक की संज्ञा दी जाती है. लेकिन, जाने अनजाने में इंदिरा गांधी से भी एक चूक हुई. पाकिस्तान को सबक सिखाने के चक्कर में इंदिरा गांधी ने भारत के हित में सौदेबाजी करने से चूक गईं. जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं. हम अपनी प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी की इस चूक का जिक्र कर रहे हैं. इस चूक की वजह से आज भी देश के गले पर तलवार लटकी रही है. अगर उन्हें पाकिस्तान को सबक सिखाने के साथ-साथ भारत के दीर्घकालीक हित का ख्याल आया होता तो आज स्थित कुछ और होती.

यह बात है नेक’ कहलाने वाले एक इलाके की. यह सिलिगुड़ी कॉरिडोर कहलाता है. इस इलाके से देश के पूर्वोत्तर का इलाका जुड़ता है. करीब 2.62 लाख वर्ग किमी के पूर्वोत्तर इलाके को अन्य भारत से जोड़ने के लिए मात्र 20 किमी चौड़ा एक गलियारा है. रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से यही वह गलियारा है जिसको 1971 के के वक्त और चौड़ा करने का मौका था।

पूर्वोत्तर में भारत के आठ राज्य हैं. इसका कुछ क्षेत्रफल 2.62 लाख वर्ग किमी है. इतने बड़े भू-भाग को सड़क या रेल मार्ग से जोड़ने के लिए केवल 20 किमी चौड़ा एक गलियारा है. इस गलियारे को ‘चिकन नेक’ कहा जाता है. भारत का मानचित्र देखें तो आप पाएंगे कि इस गलियारे के एक तरह बांग्लादेश है तो दूसरी तरफ नेपाल और भूटान है.

1971 में भारत ने पाकिस्तान के साथ जंग लड़कर एक संप्रभु बांग्लादेश राष्ट्र की निर्माण करवाया. यह एक ऐसा मौका था जब भारत सरकार इस जंग के बाद बांग्लादेश के साथ कोई डील कर अपने इस गलियारे को चौड़ा कर सकती थी. इस पूरे इलाके देखें तो यहां बांग्लादेश का एक क्षेत्र तीन तरफ से भारत घिरा हुआ है. अगर यह क्षेत्र भारत को मिल जाता या बांग्लादेश के साथ किसी दूसरे क्षेत्र से इसका एक्सचेंज कर लिया गया होता तो आज भारत इस पूरे इलाके में बेहद मजबूत स्थिति में होता‌।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *