टीम इंडिया को मिला दुनिया का सबसे लंबा गेंदबाज। स्पीड के साथ ही स्विंग का सुल्तान है गिल का लंबू। द प्रिंस के चलते मिली पहचान और टीम में हुई एंट्री। रबाडा का चेला अब अफगानिस्तान में मचाएगा खलबली। एक वक्त ऐसा था जब भारत के अंदर तेज गेंदबाजों का अका काल था। 80 के दशक पे टीम इंडिया को कपिल देव मिले। जिन्होंने तब दुनिया वालों को बता दिया था कि आने वाले दिन हिंदुस्तान के होंगे। भारत ही क्रिकेट को चलाएगा। भारत एक दिन क्रिकेट का किंग बनेगा। भारत ही वह देश होगा जिसके पास सबसे घातक पेस अटैक होगा। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की तरह भारत में भी लंबे तेज बॉलर्स की फौज होगी। स्पीड में वह शोएब अख्तर से भी तेज होंगे। स्विंग के मामले में वकार यूनुस को पीछे छोड़ देंगे। कपिल पाजी की ललकार का असर अब दिखने लगा है। BCCI का दुनिया में डंका बज रहा है।
क्रिकेट के नर्सरी से एक से बढ़कर एक खूंखार गेंदबाज निकल रहे हैं। जो अपनी धार से बल्लेबाजों के अंदर खौफ पैदा कर रहे हैं। ऐसे में एक तेज गेंदबाज सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं। यह बॉलर्स स्पीड और स्विंग के साथ अपनी लंबाई को लेकर गर्दा उड़ाए हुए हैं। सावधान भारत को मिल गया दुनिया का सबसे लंबा तेज गेंदबाज। लंबू के हाथ से जब गेंद निकलती है तो स्पीड के हर दिन नए रिकॉर्ड बनाती है। लंबू की स्विंग का बल्लेबाजों के पास कोई तोड़ नहीं। यही वजह है कि भारत की स्पेस फैक्ट्री को शोएब ब्रेटली और वकार से भी घातक बताया जा रहा है। टीम इंडिया की इस गेंदबाज का नाम है गुरनूर बरार जिसका चयन भारतीय टीम में हुआ है। पंजाब के इस लंबे चौड़े तेज गेंदबाज को BCCI चीफ सिलेक्टर अजीता अगरकर ने भविष्य की संभावना बताया। वो 6 फीट 5 इंच लंबे बरार अपनी रफ्तार बाउंस और रिवर स्विंग की क्षमता से लगातार प्रभावित कर रहे हैं। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक गुरनूर की क्रिकेट उनका पहला प्यार नहीं था। स्कूल के दिनों में फुटबॉल और टेनिस खेलते थे। क्रिकेट सिर्फ टाइम पास था। हालांकि एक दोस्त की सलाह ने उनकी जिंदगी बदल दी। दोस्त ने कहा लंबी हाइट की वजह से वह अच्छे तेज गेंदबाज बन सकते हैं। इसके बाद बरार ने 16 साल की उम्र में गेंद हाथ में उठाई और पीछे मुड़कर नहीं देखा। गुरनूर बचपन से साउथ अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन के बड़े फैन रहे।
वह सड़क पार करते समय भी स्टेन, ब्रेटली और शोएब अख्तर की गेंदबाजी एक्शन की नकल करते थे। बरार ने कहा कि स्टेन की गति के साथ उनकी स्किल उन्हें सबसे अलग बनाती थी। यही वजह थी कि उन्हें तेज गेंदबाजी अपनाई। सिर्फ दो साल क्रिकेट खेलने के बाद बरार की मुलाकात शुभमन गिल से हुई। उस समय गिल भारतीय अंडर19 टीम का हिस्सा हुआ करते थे। कटोच शील्ड मैचों में गिल ने बरार की गेंदबाजी देखी और काफी प्रभावित हुए। कटोच शील्ड एक मशहूर मल्टीडे सीनियर पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट है जिसे पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ऑर्गेनाइज करता है। इसका मकसद पंजाब इंडिया में सबसे अच्छी इंटर डिस्ट्रिक्ट टीम चुनना है। गिल की सिफारिश के बाद बरार को डिस्ट्रिक्ट में जगह मिली।
उसके बाद उन्होंने मोहाली के लिए खेला। फिर पंजाब अंडर23 तक पहुंचे। गुरनूर ने 2021 में पंजाब के लिए लिस्ट ए में डेब्यू किया। अगले साल फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला। भले ही आंकड़े ज्यादा बड़े नहीं थे, लेकिन उनकी पेस ने आईपीएल टीमों का ध्यान खींच लिया। पंजाब किंग्स ने उन्हें नेट बॉलर के तौर पर टीम से जोड़ा। यहीं उन्होंने शिखर धवन को अपनी रफ्तार से प्रभावित किया। बरार के मुताबिक धवन ने उनसे कहा था कि वह पूरे सेशन टीम के साथ रहेंगे। बाद में राज अंगद बाबा के रिप्लेसमेंट के तौर पर उन्हें स्क्वाड में शामिल कर लिया गया। लखनऊ के खिलाफ गुरनूर बरार को आईपीएल डेब्यू का मौका मिला।
खास बात यह रही कि टॉस के समय शिखर धवन ने उन्हें बताया कि नई गेंद से पहला ओवर वही डालेंगे। अर्दीप सिंह, कगीसो रबाडा और सैम करण जैसे बड़े गेंदबाजों के बीच नई गेंद मिलने से बरार का कॉन्फिडेंस बूस्टर मिला था। उन्होंने पहले ओवर में सिर्फ दो रन दिए। लेकिन दूसरे ओवर में लगातार नो बॉल और फ्री हिट पर खाने पड़े। यही वह पल था जब उन्हें समझ में आया कि सिर्फ पेस काफी नहीं होती। बरार ने कहा कि आज के बल्लेबाज 155 कि.मी. प्रति घंटे की गेंद से भी नहीं डरते।
आपको प्लानिंग करनी पड़ती है। आईपीएल के बाद शेर पंजाब ट्रॉफी के दौरान बरार को डिस्कबल्ज हुआ जो बाद में फ्रैक्चर में बदल गया। इस चोट की वजह से पूरा 2023-24 सीजन नहीं खेल पाए। उन्होंने माना कि वर्क लोड मैनेजमेंट और रिकवरी को लेकर वह जानकार नहीं थे। ज्यादा बॉलिंग लोड और कम रिकवरी की वजह से चोट गंभीर हो गई। जब बरार चोट से बाहर थे तो उनके पास आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं था। तब सुमन गिल ने उन्हें गुजरात टाइटंस में नेट बॉलर बनने का मौका दिया। गिल ने उनसे कहा था तू जा काफी सीखेगा। यहीं से बरार के करियर को नई दिशा मिली। वहीं गुजरात में आशीष नेहरा ने बरार को सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं बल्कि बॉडी मैनेजमेंट का महत्व भी समझाया। नेहरा लगातार उन्हें अपनी इंजरी के किस्से सुनाते बताते कि वर्क लोड बैलेंस कितना जरूरी है।
उनका कहना था कि मेहनत जरूरी है लेकिन शरीर की सुनना उससे भी ज्यादा जरूरी है। गुजरात में बरार की दोस्ती साउथ अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज कगिस रबाडा से भी हुई। बरार ने बताया कि रबाडा उनकी गेंदबाजी को ध्यान से देखते हैं और हमेशा सिंपल गेंदबाजी पर फोकस करने की सलाह देते हैं। अच्छी पेस के साथ सही लेंथ अब घरेलू क्रिकेट में एक गेंद इस्तेमाल होने की वजह से रिवर्स स्विंग पर काफी काम कर रहे हैं। 25 साल के बाद बरार 18 फर्स्ट क्लास मैचों में 52 विकेट ले चुके हैं। वहीं नौ लिस्ट ए मैचों में उनके नाम 12 विकेट हैं। नौ टी20 में उनके नाम 10 विकेट हैं। आईपीएलl में वह महज एक मैच साल 2023 में खेले थे। जहां उन्होंने तीन ओवर में 42 रन दिए। अफगानिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम के टेस्ट स्क्वाड में शुभमन गिल यशस्वी जैसवाल के एल राहुल साईं सुदर्शन ऋषभ पंत देवदत्त पडिकल नितीश कुमार रेड्डी वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा मानव सुधार गुरनूर बरार हर्ष दुबे ध्रुव जुरेल को शामिल किया गया है।