[संगीत] मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने धर्म, आस्था और सोशल मीडिया के नाम पर चल [संगीत] रहे कथित आध्यात्मिक नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आईआईटी रुड़की से पढ़ा 29 वर्षीय इंजीनियर अभिषेक मिश्रा जिसने साधु बनकर अपना नाम आदि्ता नारायण [संगीत] दास रख लिया था। अब रेप, ब्लैकमेलिंग और ब्रेन वाशिंग के आरोप में जेल पहुंच चुका है। पुलिस के मुताबिक उड़ीसा का रहने वाला अभिषेक मिश्रा आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने मुंबई की एक कंपनी में नौकरी की। लेकिन साल 2023 में नौकरी छोड़कर मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र स्थित [संगीत] राधा कुंड आ गया। यहां उसने खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित [संगीत] करना शुरू किया और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने प्रभाव में लेने लगा।
जांच में सामने आया कि अभिषेक YouTube, Instagram, Telegram और ZM जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करता था। वह ऑनलाइन प्रवचन देता, भगवत गीता पर चर्चा करता और धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीतता था। पुलिस का कहना है कि उसके निशाने पर खासतौर पर पढ़ी लिखी, आर्थिक रूप से सक्षम और बड़ी कंपनियों में काम करने वाली लड़कियां रहती थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ की 22 वर्षीय बीएससी नर्सिंग छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि अभिषेक ने उसे प्रसाद बताकर नशीला दूध पिलाया। दूध पीने के बाद वह बेहोश हो गई जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं उसने आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और ₹5 लाख की मांग की गई।
पैसा ना देने पर सामग्री वायरल करने की भी धमकी दी गई। 25 मई को पीड़िता ने मथुरा एसएसपी से शिकायत की और उसी दिन मुकदमा दर्ज किया गया और जांच भी शुरू हुई। आखिरकार 1 जून को पुलिस ने राधाकुंड स्थित आरोपी के ठिकाने पर छापा मारकर उसे [संगीत] गिरफ्तार कर लिया। कार्यवाही के दौरान वहां से दो युवतियां और एक युवक को भी रेस्क्यू किया गया। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से 12 से अधिक युवक युवतियों के अश्लील फोटो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिले। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को भगवान कृष्ण का रूप बताता था और वह दावा करता था कि राधा रानी उसके सपने में आती हैं और उसे विशेष संदेश देती हैं। [संगीत] इसी तरह की बातों से वह लोगों का विश्वास जीतता और फिर उनका मानसिक शोषण करता। एक अन्य पीड़िता जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए नाम बदलकर कविता बताया उसने कई गंभीर खुलासे किए हैं। उसके मुताबिक Instagram और YouTube के जरिए उसकी पहचान अभिषेक से हुई।
ZM पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और प्रवचनों से प्रभावित होकर वह पश्चिम बंगाल से मथुरा आकर रहने लगी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। लेकिन बाद में आरोपी ने उसे मानसिक रूप से नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी। पीड़िता का दावा है कि अभिषेक उसे यह विश्वास दिलाता था कि उसकी निजी परेशानियों की जानकारी [संगीत] उसे पहले से है क्योंकि राधा रानी ने सपनों में उसे बताया है। इसी तरह की बातों ने उसका भरोसा [संगीत] मजबूत किया और उसने अभिषेक को अपना गुरु ही मान लिया। बाद में वही भरोसा कथित तौर पर शोषण का माध्यम बन गया। जांच के दौरान एक युवक ने भी पुलिस को बताया कि अभिषेक के संपर्क में दो दर्जन से ज्यादा युवक युवतियां थे। आरोप है कि वह कथित गंधर्व विवाह कराता [संगीत] था और फिर उसी रिश्ते को आधार बनाकर लोगों का शोषण करता था। युवक ने दावा किया कि उसके प्रभाव में आकर वह खुद चार अलग-अलग लड़कियों से विवाह कर चुका है।
कई युवतियां किसी तरह उसके नेटवर्क से निकलने में सफल रही जबकि कुछ लंबे समय तक उसके प्रभाव में रही। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी की मां उड़ीसा सरकार में शिक्षिका [संगीत] थी। रिटायरमेंट के बाद वह मथुरा में उसके साथ रहने लगी। लेकिन बेटे की गतिविधियों का विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि करीब 3 महीने पहले अभिषेक [संगीत] ने अपनी मां के साथ मारपीट की जिसके बाद वह उड़ीसा लौट आई। मथुरा पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। फिलहाल उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके नेटवर्क [संगीत] में कितने लोग शामिल हैं और कितनी लड़कियां उसके कथित साजिश का शिकार बनी [संगीत] है। फिलहाल अभिषेक मिश्रा उर्फ़ आदिकर्ता नारायण दास पुलिस हिरासत में है। उसके मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चौंकाने [संगीत] वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। निष्पक्ष मतलब [संगीत] न्यूज़ 24