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पूरा देश बिक गया…’ मेजर जनरल जीडी बख्शी ने सबको हिला दिया।

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शांति के बहाने आप पीठ में छुरा खोप रहे। ठीक है साहब। ईरान वो भी सह गया। फिर माधुरों के खिलाफ डॉन्ड ट्रंप ने यह चलाया। ये बेवन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर। अब देखिए साहब लोग और लोगों में और में फर्क। घूस खिलाई ने।

वाइस प्रेसिडेंटसे लेकर वेनेजुला के आखिरी बटालियन कमांडर तक और पूरा देश बिक गया। ठीक है साहब बिक गया वो देश और दो घंटे में वेनेजुला खत्म। जहां 2 घंटे में इन्होंने वेनेजुला को खत्म किया। डोन्ड ट्रंप साहब का सर सातवें आसमान पे चढ़ गया। अब मैं किसी भी मुल्क को मसल सकता हूं।

खासकर अगर तीसरी दुनिया का मुल्क है, एशिया का, अफ्रीका का यहां कहीं का मुल्क है, मैं मसल दूंगा साहब। और उनको पूरा विश्वास था और नेतेनिया साहब ने आ के उनको उकसाया कि 48 घंटे में ईरान को खत्म कर देंगे। कैसे खत्म करेंगे साहब? हमने वहां पे 40 से 5000 आप जानते हैं 40 से 5000 ईलॉन मस्क के स्टारलिंक टर्मिनल भेजे। क्यों भेजे साहब? कि अगर ईरान अपना इंटरनेट बंद करता है। सारी ये जो ये जो बदमाशी है ये इंटरनेट पे होती जो आपने कलर्ड रेवोल्यूशन देखी श्रीलंका में कहां से हुई? सोशल मीडिया जो बांग्लादेश में हुआ तख्ता पलट कहां से हुआ?

सोशल मीडिया से जो नेपाल में तख्ता पलट हुआ कहां से हुआ? सोशल मीडिया से। तो ईरान को पहले चेता दिया था रूस ने चीन ने कि ये संभल के रह। ठीक है? इन्होंने 40 5000 स्टार्लिंग टर्मिनल भेजे कि ईरान की सरकार अगर इंटरनेट बंद भी करें तो हम अपना इंटरनेट चालू करके अपने एजेंटों को अपने लोगों को भड़काएंगे उकसाएंगे और उसके पहले इन्होंने ईरान कीकरेंसी पे हमला किया $5 लाख रियाल के बराबर करा कि लोगों में भुखमरी हो अरे जो आप में भुख भुखमरी करना चाहते हैं। वो नाटक कर रहे हैं।

हम ईरान के लोगों को बचाना चाहते हैं। हम उनको छुड़ाना चाहते हैं। शाह ईरान वापस आएंगे। अबे वो अमेरिकनों का एजेंट था।

शाह ईरान अमेरिकनों का एजेंट था। ठीक है। 1951 में मुसादक ने तख्ता पलटा था। ठीक है। इस राजशाही का जो अंग्रेजों को बिकी हुई थी। ठीक है? और उस वक्त एग्जजेक्टली यही कहानी हुई। इतिहास दोहराता है अपने आप को जनाब। दोहराता है साइकिल्स में। उस वक्त भी तख्ता पलट किया मुसादिक का।

इकोनॉमिक सेंशन लगाई और फोर्ट से बगावत कराई। लेकिन ईरान के लोगों में एक बहुत अच्छी सिफ है। वो सीखते बहुत जल्दी और वो भूलते नहीं है। अब ईरान में एक फौज नहीं है साहब कि आर्मी हो, नेवी हो, एयरफोर्स है वो तो है ही है। साथ में है।

इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर जो कि वफादार है सुप्रीम लीडर। आप किसी और को खरीद भी ले तो एक यह है तबका। ठीक है? और उन्होंने यही चीज को दोहराने की कोशिश करी इस साल जनवरी में और मसाद का जो टॉप लीडर था और नेतेनिया था ये लोग गए ।

अमेरिका डोनल्ड ट्रंप को बोला सब कुछ तैयार है बगावत होगी साहब ईरान में बगावत होगी ईरान के लोग कह हजूम के हजूम सड़कों पे आएंगे और यह खत्म 48 दिन में आप फतेह हासिल कर ली होगी वेनेजुला के बाद ईरान पे और डॉनल्ड ट्रंप ने साहब डींगे हाकनी शुरू करी। मैंने मसल दिया वेनेजुला को। 48 घंटे में ईरान के घुटने टिका दूंगा। फिर मैं ग्रीनलैंड को पडूंगा। फिर मैं कनाडा को पडूंगा। उसके बाद कहां आएंगे साहब? भारतवर्ष।

उसके बाद कहां आएंगे? ये ये कौन सा जमाना है? क्या ये कॉलोनियलिज्म का जमाना है? मेरे को वेनेजुला का तेल चाहिए। मेरे बाप का है। ये लो यह मेरे पास है। और है उसके पास। ईरान का तेल मेरा है। मैं ले लूंगा। ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ है।

मुझे चाहिए मैं ले लूंगा। कनाडा में यूरेनियम है, तेल है। मैं ले लूंगा। आप क्या-क्या लेंगे साहब? कहां-कहां लेंगे? ठीक है। तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह साजिश थी ईरान के बर खिलाफ। दाद देते हैं ईरान के लोगों की शजात को। इतनी टेक्नोलॉजी लगाई, एआई लगाया लेकिन यह लोग सीख गए। क्योंकि यह ट्रेलर इन्होंने हजबुल्ला के खिलाफ देखा था। पिछले साल ईरान के बर खिलाफ देखा था। फिर इन्होंने वेनेजुला के बर खिलाफ देखा। और चौथे साल ये सीख गए। इतनी टेक्नोलॉजी लगाई।

देखिए जितना भी देखिए अल्लाह ताला ने एक दिमाग दिया है और मैं बता दूं यह जो बायो कंप्यूटर है ना यह किसी भी कंप्यूटर से ज्यादा तेज चाचा चौधरी का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता है। ठीक है। हमारे ईरानी भाइयों का दिमाग

उन्होंने देखिए क्या कहा। भाई यह है इसका तौर तरीका लड़ाई का। नंबर एक जो कमांड एंड कंट्रोल डिसेंट्रलाइज किया जाए। 31 डिस्ट्रिक्ट हैं ईरानियन रेवोल्यूशनरी गार्ड कोरल के। हर एक डिस्ट्रिक्ट के पास अपने , अपने रॉकेट, अपने ड्रोन। उन्होंने सबके जो 31 डिस्ट्रिक्ट कमांडर थे बोले अगर हम तेहरान में सब मारे जाए टॉप लीडर तो आप बिल्कुल फिक्र नहीं करना आप जो है ये है आपकी टारगेट लिस्ट अमेरिका के ये ये 17 बेस [संगीत] है इनको ठोक देना ईरान के ये ये ये हवाई अड्डे है ये हाइफा का रिफाइनरी है इसको उखाड़ देना इंतजार मत करना कि हुकुम तेहरान से आए और बगैर जैसे जैसे ही ईरान पे हमला हुआ 28 फरवरी को आधे घंटे के अंदर आईआरजीसी के मिसाइल और ड्रोन पलटवार कर दिया था अमेरिका के ऊपर। हर कमांडर को बोला गया कि पांच कमांडर अपने चेन ऑफ नियुक्त करो। मैं मारा गया तो ये मारा गया तो ये मारा गया तो ये और ये सारी फसाद की जड़ ये ड्रोन है। क्या आप जानते हैं कि ईरान के लोगों ने कोई तकरीर नहीं।

ईरान के लोगों ने यह 30 से 35 ड्रोन अमेरिका के शूट डाउन कर दिए हैं एमq9 रीपर। ठीक है? और इन ड्रोंस के चलते एक ड्रोन 30 मिलियन डॉलर का। 50 जहाज अमेरिका के शूट डाउन हो गए। अमेरिका झूठ बोल रहा है कि मेरे केवल 13 शहीद हुए हैं। वो आज से 40 दिन [संगीत] पहले 13 का आंकड़ा आया था। वहां पर सुई अटक गई। असलियत यह है कि वो कह रहे हैं 13 मारे गए 415 से ज्यादा घायल हुए हैं। ठीक है? घायल वंडेड और इसका रेशियो 1/3 होता है। ठीक है? इसका मतलब 100 से ज्यादा तो अमेरिका के सिपाही मारे गए जो कि वो अपने लोगों से छुपा रहे हैं क्योंकि वहां के लोग कह रहे हैं कि साहब हम अपने देश के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं।

हम इजराइल के लिए नहीं मरना चाहते। आज मेरे को खास इतना आक्रोश क्यों है? क्योंकि यह जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस [संगीत] सॉफ्टवेयर लगाया गया था उसी की गाइडेंस से मिनाब मिनाज के स्कूल पे हमला हुआ था। कंप्यूटर में हम बोलते हैं गार्बेज इन गार्बेज आउट। अगर आप गंध डालें कंप्यूटर में गंध ही निकलेगी। और नाम बड़ा-बड़ा टेक्नोलॉजी का लगा के आपने 168 बच्चियां मारी हैं।

आपको एक-एक बच्ची की आह लगी है। और अगर आप आज पिट गए हैं तो वो बच्चियों की मिनाज की बच्चियों की आह की बदौलत है। कुरान शरीफ में साफ लिखा है एक भी मासूम का पूरी दुनिया का । एक भी मासूम का कत्ल पूरी दुनिया का कसम है। एक मासूम नहीं 168 तो आपने मिनाज में ही मारे और कितने मासूम मारे हैं वो हिसाब ऊपर होता है। वो हिसाब अब सामने आ रहा है। हमको बड़ा फक्र है कि एक थर्ड वर्ल्ड के देश ने हिम्मत दिखाई, सुजात दिखाई।

उस वक्त सब सोच रहे थे यहां पे कि साहब यह ईरान टिक नहीं सकता। हमारा दोस्त गया गया तो भाई जो जीता वही सिकंदर झुक जाओ उसके सामने अमेरिका के सामने दंडवत कर दो पाकिस्तान के मुल्ला आसिफ मुनीर हर महीने एक बार डोन्ड ट्रंप के पास जूते चाटने पहुंच जाते हैं तो हम भी लाइन लगाएं हम नहीं लगाएंगे सर हम नहीं लाइन लगाएंगे और लास्ट चीज मैं कहना चाहता हूं अगर हम उस वक्त 28 फरवरी को जब मिनाज का हत्याकांड हुआ था तो चुप रहे। आज हमारे जहाजों पर हमला हो गया। तीन जहाज हमारे उड़ाए। क्यों बे तुमने चीन का जहाज हाथ लगाया?

तुम्हारी हिम्मत थी कि रूस का जहाज हाथ लगाओ। क्योंकि हम दोस्ती दिखा रहे हैं तो हम कह रहे हैं दोस्त हैं दोस्त हैं। तुम हम दोस्तों को ही चुन के मार रहे हो। अगर ऐसे दोस्त चाहे हो तो दुश्मन भले हैं।

ऐसे दोस्त हो तो दुश्मन भले हैं। आज फिर एक बार मैं ईरान के लोगों की हिम्मत और शजात को दाद देना चाहूंगा। एक फौजी के हैसियत फौजी की हैसियत से। मैं सलाम करना चाहता हूं कि

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