पिया सच्चे पिया सबके रास्ता देखो आंख मेरी आंखों की मस्ती दोस्तों आज हम बात करेंगे पिता ने अपनाया नहीं रिश्ते भी अधूरे रहे रेखा ने कहा था मैं अपनी मर्जी से नहीं बल्कि किस्मत की मार से फिल्मों में आई हूं पागल हो गए हो तुम औरत होकर एक मर्द पर फूल गुलाब का लेजेंड्री एक्ट्रेस रेखा। यूं तो बॉलीवुड के हर सितारे की अपनी ही कहानी होती है। लेकिन रेखा वो किरदार हैं जिनकी जिंदगी का हर अफसाना लोग सुनना चाहते हैं। रेखा के इस अफसाने की शुरुआत उनके बचपन से करते हैं। रेखा का जन्म साउथ एक्टर जैेमिनी गणेशन और एक्ट्रेस पुष्पावली के घर हुआ था। पुष्पावली जैेमिनी की पत्नी नहीं थी। दरअसल जब दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई थी तब जैमिनी पहले से शादीशुदा थे। पुष्पावली ने भी अपने पति को तलाक नहीं दिया था। ऐसे में उनका शादी करना मान्य नहीं था। रेखा की मां पुष्पावली मशहूर एक्ट्रेस थी जिन्होंने तमिल और तेलुगु भाषा की कई फिल्में की थी। जैेमिनी ने पुष्पावली को सब कुछ दिया लेकिन अपना नाम नहीं दे पाए। यही कारण रहा कि जब रेखा का जन्म हुआ तो उन्हें जैेमिनी और पुष्पा वली की नाजायज बेटी कहा गया।
नतीजा रेखा का बचपन पिता के प्यार के बिना गुजरा। रेखा की स्कूलिंग मद्रास में प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल में हुई। वहीं जहां जेमिनी गणेशन और उनकी पहली पत्नी के बच्चे पढ़ते थे। जेमिनी रोज अपने बच्चों को लेने जाते लेकिन वह रेखा को नजरअंदाज कर देते थे। इसी बीच जेमिनी का अफेयर को स्टार सावित्री के साथ शुरू हो गया। दोनों ने गुपचुप शादी भी कर ली। इस खबर से पुष्पावली टूट गई। उन्होंने जेमनी के साथ अपने सारे रिश्ते तोड़ दिए। परिवार की जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर आ गई। इस वक्त 14 साल की रेखा को परिवार की स्थिति समझ में आ रही थी। मां के कहने पर उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। हालांकि वो इस फील्ड में नहीं आना चाहती थी लेकिन परिवार की मजबूरी उन्हें खींच लाई। उनका रुझान डांस और स्पोर्ट्स की तरफ था। वहीं वह अपना फ्यूचर एयर होस्टेड्स के रूप में देख रही थी। बीसीसी को दिए गए इंटरव्यू में रेखा ने कहा था, मैं अपनी मर्जी से नहीं बल्कि मार खाकर फिल्मों में आई। यह तस्वीर रेखा के बचपन की है। रेखा के फिल्मी सफर की शुरुआत अच्छी नहीं थी। साउथ इंडस्ट्री में उन्हें काम पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। सच्चाई यह भी थी कि वह जैेमिनी गणेशन की बेटी थी। पिता का साया उन पर होता तो फिल्मों में काम आसानी से मिल जाता। जैेमिनी सिर्फ एक्टर ही नहीं बल्कि बिजनेसमैन भी थे। इंडस्ट्री में उनका रुतबा बहुत था। उनके एक इशारे पर सारी चीजें हो जाती थी। वहीं जेमनी सरनेम का इस्तेमाल करना भी रेखा के लिए सिर्फ मुसीबत था। कई प्रोड्यूसर डायरेक्टर जेमिनी के डर से उन्हें फिल्म ऑफर नहीं कर रहे थे। दूसरी तरफ रेखा अपने लुक की वजह से भी रिजेक्शन झेल रही थी। उनका सांवला रंग, अधिक वजन और टॉम बॉय लुक भी काम पाने में रुकावट बन जाता था। हालांकि कुछ समय बाद रेखा को फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे।
लेकिन मां का सपना था कि रेखा अपने पिता के जैसे फिल्मी पर्दे पर राज करें। इसी उथल-पुथल के बीच फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर कुलजीत पाल मसीहा बनकर आए। अपनी फिल्म दो शिकारी के लिए उन्होंने एक नए चेहरे की तलाश की। उसी खोज में वह मद्रास आए थे। यहां पर एक फिल्म के सेट पर उनकी नजर रेखा पर पड़ी। रेखा के नए नक्श उन्हें काफी पसंद आए। अगले दिन वह रेखा के घर पहुंचे और फिल्म को ऑफर दे दिया। पुष्पावली ने इस ऑफर पर बिना सोचे ही सहमत जता दी और रेखा को लेकर सपनों की नगरी मुंबई आ गई। रेखा के लिए यह शहर किसी जंगल की तरह था। उनका यहां दम घुटता था। जब वह बॉलीवुड इंडस्ट्री में आई तो यहां लोग उनके दबे रंग का मजाक बनाते थे। उस दौर की टॉप एक्ट्रेस से उनका कंपैरिजन किया जाता था। लोगों का कहना था कि यह क्या एक्ट्रेस बनेगी? हालांकि बाद में रेखा ने इन बातों को पॉजिटिव तरीके से ले लिया और खुद पर काम करना शुरू किया। रेखा ने अपनी ड्रेस सेंस, मेकअप और वेट कम करने पर ध्यान देना शुरू कर दिया और 3 महीने तक हिंदी बोलने पर काम किया। जब रेखा मोहन सहगल की फिल्म सावन भादो में कास्ट की गई तब उस वक्त रेखा के बाल बहुत लंबे थे। फिर भी सहगल चाहते थे कि वह विग बहने। सिर पर विग सही से फिट नहीं होने के कारण रेखा के हर ड्रेसेस को उनके सिर के लगभग सारे बाल काटने पड़े। फिल्म दो शिकारी से जुड़ा एक किस्सा भी है कि इस फिल्म के एक्टर विश्वजीत के साथ रेखा का किसिंग सीन शूट किया गया था। डायरेक्टर का कहना था कि इस सीन की शूटिंग पर रेखा की पूरी सहमत थी। लेकिन ऐसा नहीं था। रेखा को पता भी नहीं था कि ऐसा कोई सीन भी है। जब शूटिंग शुरू हुई तो विश्वजीत ने तो उनके साथ यह शॉट दे दिया पर रेखा उससे दंग रह गई। उन्होंने आंखें बंद किए शॉट तो दे दिया लेकिन वह बहुत रोईं। हालांकि उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। उन्हें डर था कि कहीं फिल्म से निकाल ना दिया जाए। एक किसिंग सीन के कारण फिल्म पर सेंसर लग गया। इस वजह से यह फिल्म 1989 में रिलीज हुई। इस तरह रेखा की पहली फिल्म सावन बहादुर रहीं। अगर रेखा की कमाई लग्जरी लाइफ और दिलचस्प बातें करें तो रेखा के करियर के शुरुआती दिनों में सेट से कुछ टाइम के लिए गायब हो जाती थी क्योंकि उन्हें वहां का माहौल अच्छा नहीं लगता था। आर डी बर्मन के कहने पर रेखा ने फिल्मों में गाना शुरू किया। 1980 में रेखा ने साल आई फिल्म खूबसूरत के लिए दो गाने गाए थे। रेखा के पास शुरुआत से कोई फैशन स्टाइलिश नहीं थी। कपड़े चुनने से लेकर हेयर स्टाइल बनाना रेखा खुद से ही करती थी। रेखा अब अपनी कमाई के इन्वेस्ट और शुभारंभ और स्टोर ओपनिंग और ब्रांड्स इंडोर्स से करती हैं।
रेखा BMW से लेकर XUV और Audi A3 जैसी कारों की मालकिन हैं। यह बॉलीवुड की ऐसी अदाकारा हैं जिन्होंने सबसे पहले जिम करना शुरू किया था। कांजीवरम साड़ी के फैशन को ट्रेंड में शामिल करने का क्रेडिट भी रेखा को दिया जाता है और उनकी हर साड़ी की कीमत लगभग ₹ लाख होती है। मिमिक्री करने में भी रेखा माहिर हैं। याराना में नीतू सिंह की आवाज और वारिस फिल्म में सुष्मिता पाटिल की आवाज को रेखा ने डब किया था। रेखा की कुल नेटवर्थ करीब ₹332 करोड़ है। अमिताभ बच्चन से पहले रेखा का नाम एक्टर किरण कुमार और विनोद मेहरा के साथ जुड़ा था। मगर दोनों से उनका रिश्ता खत्म हो गया। दरअसल दोनों के घरवाले नहीं चाहते थे कि रेखा उनके घर की बहू बने। उनका कहना था कि रेखा एक तो नाजायज संतान है और दूसरा वो मीडिया के सामने बोलने से पहले कुछ सोचती नहीं। रेखा के इसी बेबाकपन ने उन्हें अपनों से दूर कर दिया। हालांकि कुछ समय बाद वह बेबाक बयान देने से बचने लगी और रेखा और अमिताभ बच्चन की लव स्टोरी लगभग सभी जानते हैं कि कैसे फिल्म दो अनजाने के सेट पर दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत हुई। इसी कारण वह लाइमलाइट में भी रहे। उनका यह रिश्ता जया के एक बयान पर खत्म हो गया। जया ने रेखा से कहा था कि वह अपने पति अमिताभ को कभी नहीं छोड़ेंगी। जया का यह विश्वास देख रेखा ने अपने कदम पीछे कर लिए और हमेशा के लिए अमिताभ से अलग हो गई। एक साल और 10 फिल्मों का सिलसिला सावन भादो हिट रही जिसके बाद रेखा को बहुत सारी फिल्में ऑफर हुई लेकिन अधिकतर रोल ग्लैमरस गर्ल वाले ही होते थे। जब रेखा का करियर पीक पर था तो रोज उस वक्त तो तकरीबन 10 फिल्में करती थी। फिल्म इंडस्ट्री रेखा की इस सफलता से हैरान थी क्योंकि किसी को यकीन नहीं हुआ कि सांवले रंग कवि फिगर वाली लड़की भी बॉलीवुड में नाम कमा सकती है। रामपुर का लक्ष्मण कहानी किस्मत की प्राण जाए पर वचन ना जाए जैसी कमर्शियल फिल्मों में भी रेखा ने काम किया। कम लोग यह बात जानते हैं कि अमिताभ के साथ रिश्ते से पहले रेखा और जया बहुत अच्छी दोस्त थी। रेखा और जया ने अपने करियर की शुरुआत लगभग एक ही समय पर की थी। बस दोनों में फर्क यह था कि जया अपनी प्रोफेशनल लाइफ से चर्चा में रही और रेखा पर्सनल लाइफ की वजह से कुछ फिल्में हिट हो जाने के बाद रेखा ने 1972 में जूहू के पास एक अपार्टमेंट में एक फ्लैट खरीदा था।
उसी बिल्डिंग में जया भी रहती थी। एक ही जगह रहने पर कुछ समय बाद दोनों के बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी। रेखा प्यार से जया को बड़ी दीदी कहकर बुलाती थी। जब जया और अमिताभ के रिश्ते की शुरुआत हुई तब जया ने एक दिन रेखा को बिग बी से मिलवाया था। यह बहुत छोटी मुलाकात थी। रेखा ने बिग बी पर कुछ खास ध्यान भी नहीं दिया था। इधर कुछ समय बाद जब जया और अमिताभ बच्चन की शादी हो गई और यहीं से शुरू हुआ रेखा जया में मनमुटाव। जया ने अपनी शादी में रेखा को इनवाइट नहीं किया। यह बात उन्हें बहुत बुरी लगी। उस वक्त रेखा ने मीडिया से कहा था कि उन्हें लगता है कि जया को वाकई उनसे प्यार है। इस कारण वो उनकी देखभाल करती हैं पर ऐसा नहीं। जया हर जूनियर को राय देती क्योंकि वह दूसरों को नीचा दिखाना चाहती थी। ऋषि कपूर की शादी में रेखा सफेद साड़ी, लाल रंग की बिंदी और सिंदूर लगाकर गई थी और अमिताभ बच्चन के 5 मिनट तक बात भी की थी। जिस कारण जया रोने लगी थी और रेखा लोगों के निशाने पर आ गई थी। बात 1975 की है। फिल्म दो जंजीरों में अमिताभ बच्चन के अपोजिट रेखा को कास्ट किया गया था।
इस वक्त रेखा की इमेज मर्जी की मालिक जैसी थी। शूटिंग पर वह कभी टाइम पर नहीं आती थी। इंडस्ट्री में यह बात बहुत फेमस थी कि अगर कोई डायरेक्टर फिल्म में उन्हें कास्ट कर रहा तो अपने आप को परेशानी में डाल रहा। अमिताभ भी इस हरकत से परेशान रहते थे। एक बार उन्होंने भी रेखा को समय पर आने के लिए टोका था। वक्त के साथ रेखा अमिताभ की तरफ खींचने लगी। अमिताभ बच्चन का परफेक्शन उन्हें पसंद आने लगा। उन्हीं को इंप्रेस करने की चाहत में उन्होंने खुद को पूरी तरह से बदल लिया। डाइट करने लगी, फैशन पर ध्यान दिया और मेकअप की बारीकियों को समझा। उन्होंने खुद को इस कदर बदला कि अमिताभ भी उनसे प्यार करने से रोक नहीं पाए। दूसरी तरफ इंडस्ट्री को रेखा का नया लुक देखने का मौका मिला। 1990 में रेखा ने बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल के साथ शादी कर ली। रेखा की यह खुशी भी महज कुछ दिनों की ही थी। शादी के 3 महीने बाद ही यह पता चला कि मुकेश को मानसिक बीमारी है। जिस कारण वह रेखा उनसे दूर हो गई। शादी का एक साल भी नहीं हुआ और मुकेश ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। इस हादसे के बाद मुकेश के परिवार वालों ने रेखा को दोषी ठहराया था। बॉलीवुड के कुछ लोग उन्हें वेंमपथक मानने लगे। इस स्टोरी से जुड़े सभी तथ्यों की रेखा की बायोग्राफी रेखा द अनटोल्ड स्टोरी में लिया गया है। थैंक्स फॉर वाचिंग। hm