साल 1965 में फिल्म ‘ऊंचे लोग’ की शूटिंग शुरू हुई। फिल्म में फिरोज खान और राज कुमार दोनों महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे। शूटिंग के पहले ही दिन राज कुमार ने फिरोज खान को उनके संवाद बोलने के तरीके को लेकर सलाह दी।
फिरोज खान उस समय अपने अभिनय को लेकर काफी आत्मविश्वासी थे। उन्होंने वरिष्ठ अभिनेता की बात को बुरा मानने के बजाय बेहद सीधे अंदाज में जवाब दिया।फिरोज खान ने वर्षों बाद एक इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए बताया कि उन्होंने राज कुमार से कहा था- “राजजी, आप अपना काम कीजिए, मैं अपना करूंगा। अगर मुझे किसी मदद की जरूरत होगी तो मैं आपसे पूछ लूंगा।
“दिलचस्प बात यह है कि इतनी स्पष्ट बातचीत के बावजूद दोनों के बीच कोई स्थायी मनमुटाव नहीं हुआ। फिरोज खान ने खुद कहा था कि इसके बाद उनके बीच कोई परेशानी नहीं रही।फिरोज खान ने राज कुमार की एक और आदत का जिक्र किया। उनके मुताबिक, कुछ दृश्यों में जब राज कुमार की पीठ कैमरे की तरफ होती थी, तब भी वह अपना संवाद बोलते समय सामने वाले कलाकार के बजाय बगल की तरफ देखते थे।
फिरोज ने इसे उनका अजीब लेकिन यादगार अंदाज बताया और साथ ही राज कुमार को “बहुत अच्छे इंसान” के रूप में याद किया।यह किस्सा बताता है कि दोनों कलाकारों के व्यक्तित्व भले ही बेहद मजबूत थे, लेकिन पेशेवर मतभेद को उन्होंने लंबे विवाद में नहीं बदला।