मोनू जी यह जो तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं प्रेमानंद जी पर ब्रजवासी इसके बारे में क्या सोचते हैं? ब्रजवासी बाबा को बौद्ध मानते हैं। हमेशा से हिंदू धर्म में या जितना भी हिंदुस्तान में सनातन धर्म को टारगेट हमेशा से करते आए हैं। कोई व्यक्ति विशेष आमजन या संतजन जब भी पॉपुलर होता है किसी धर्म को अपने धर्म को जब आस्था ऊंचाइयों पर ले जाता है तो उसके पीछे बहुत सारी चीजें जुड़ जाती हैं। बहुत से संस्थान बहुत से मिशनरी या बहुत सी चीजें जुड़ी होती है। जो हिंदू धर्म को बदनाम करने पे पहले से तुली हुई हैं। जैसे कि बागेश्वर बाबा पहले वाले थे। उनको बदनाम करने पूरी साजिश थी। रायदास जी महाराज और आपके रामभद्राचार्य जी बहुत बड़े संतों को बदनाम किया जाता है जो हमने हिंदू धर्म के लिए बात करते हैं। बहुत से लोग इधर आ रहे हैं।
वृंदावन में महाराज जी के यहां केली कुंज जा रहे हैं। बाबा के यहां जा रहे हैं। वो बोल रहे हैं कि बाबा ने ये बच्चा खो दिया। बाबा ने बच्चा वो ले लिया। आप यह बताइए कोई व्यक्ति विशेष प्रेम मंदिर जाता है तो वहां पर गुम हो गया बच्चा तो क्या प्रेम मंदिर की जिम्मेदारी है वहां पे? कृपालु जी महाराज की जिम्मेदारी है। कोई व्यक्ति विशेष किसी का बालक अगर बिहारी जी के दर्शन करने जाता है तो क्या बिहारी जी गोसाइयों की जिम्मेदारी है? क्या बिहारी जी गोसाई उसको ढूंढ के देंगे? अब इतने बच्चे खो रहे हैं। क्या हो रहे हैं? महाराज जी का दीक्षा का एक प्रोसेस होता है। ये ये आप इस हॉस्टल के नीचे खड़े हैं। ये जो व्यक्ति मरा है उसको लेकर प्रेमानंद जी पर तरह तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं।
उसके बारे में आपका क्या कहना वह आरोप बिल्कुल गलत है। आप सब जानते हो बाबा को बाबा ने कभी किसी व्यक्ति से कोई अनुरोध नहीं किया है। बड़े-बड़े साधक हैं। महाराज जी बड़े-बड़े शिष्य लोग हैं। हम भी छोटे हम भी ब्रजवासी हैं। हम भी बाबा को जानते हैं। हम बहुत पहले से जानते हैं बाबा को। बाबा जब प्रसादी मांगते थे। वो तो गुरुदेव ने उनके गुरुदेव ने बोला कि भाई आपने समाज का अन्न खाया है। कुछ समाज की सेवा करो।
बाबा तो पहले किसी से बात भी नहीं करते थे। पर मार्ग में जाते थे। घूमते थे दर्शन करते आपको लगता है यह साजिश के तहत प्रेमानंद जी को बदनाम करने की साजिश होगी? पूरा साजिश प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है। पूरा सनातन धर्म को टारगेट किया जा रहा है। पूरा जिस तरह बाबा ने पूरे हिंदुस्तान में पूरे विश्व में बदलाव किया गया है। उस बदलाव को नीचे तक लाने के लिए यह पूरी तरह प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है। सदा धर्म को मैं इस वृंदावन में टैक्सी का काम करता हूं। गाड़ियों का काम है मेरा।
बहुत हमारी गाड़ियों का जब बाबा थे ना बाबा ने जितना प्रचार प्रसार किया है वृंदावन का शायद कृपालु जी महाराज थे और बड़े-बड़े रसिक संत हुए उन्होंने प्रचार किया लेकिन जितना गाड़ियां धंधे रोजी रोटी जो चली है ना बाबा के चार साल में जो हमारे ऊपर जो चली है ना वो बाबा की बहुत बड़ी कृपा है। इस वक्त मैं वृंदावन के बराघाट इलाके में मौजूद हूं और यह जो आप हॉस्टल देख पा रहे हैं जिसे आश्रम भी कहा जाता है। इस हॉस्टल की चौथी मंजिल से 25 सितंबर को रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी नाम के एक साधु ने कूद करके आत्महत्या कर ली। सीसीटीवी सामने आया है जिसमें जो रसिक दुलारी है वो अपने शरीर के निचले हिस्से को पकड़ कर कॉरिडोर की तरफ जाता हुआ दिखाई दे रहा है। उसके बाद इस छत पे जो छत का हिस्सा आपको हम दिखा रहे हैं। इस छत का भी सीसीटीवी आया है जिसमें वो अपने शरीर के निचले हिस्से को पकड़ा हुआ है। कुछ देर तड़पता है। उसके बाद वो चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर लेता है।
जांच में ये पता चला कि जो अह दीपक लोधी है। उसने अपने प्राइवेट पार्ट को एक ग्राइंडर से काटा था। कमरे से ग्राइंडर भी मिला जिस पर फॉरेंसिक की टीम को खून के निशान भी मिले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला आत्महत्या का है। लेकिन जो सबसे बड़ी मिस्ट्री है वो मिस्ट्री यह है कि रसिक दुलारी उर्फ़ दीपक ने आखिर अपना प्राइवेट पार्ट क्यों काटा? क्या उसे किसी चीज की आत्मग्लानि हो गई थी? क्या वह ब्रह्मचर्य के किसी गलत ज्ञान को पा गया था? इस वजह से उसने प्राइवेट पार्ट काटा। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
वहीं 25 सितंबर को जो यह सुसाइड हुआ था उसको लेकर जो प्रेमानंद महाराज हैं जो पूरे देश में जिनकी ख्याति है उन पर भी तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। जो वृंदावन के लोग हैं उनका कहना है कि प्रेमानंद को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। आपको बता दें कि जो रसिक दुलारी उर्फ़ दीपक लोधी है उसके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके अलावा उसके मोबाइल फोन से भी ऐसी कुछ चीज नहीं मिली है जिससे पुलिस इस नतीजे तक पहुंचे कि उसने अपना प्राइवेट पार्ट क्यों काटा? लेकिन प्राइवेट पार्ट को काटना एक मिस्ट्री है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि दीपक लोधी का जो शरीर है वो दो हिस्सों में मिला था।
जो प्राइवेट पार्ट है वो पूरी तरह से कटा हुआ था। जबकि जब वो इस छत से ये जो हम आपको दिखाना चाहेंगे वृंदावन इलाके में हॉस्टल जब इस छत से कूदा वो तो कूदने के बाद मृत्यु के बाद उसके शरीर पर कई तरह के चोट के निशान हैं। लेकिन यह मामला पूरी तरह से वृंदावन में गमाया हुआ है। एक तरफ जो प्रेमानंद महाराज हैं उनके समर्थक हैं जो यह दावा कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ये भी दावा किया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज के जो विरोधी हैं वो उनको बदनाम करने की कोशिश कर रहे