दिल्ली के शहादरा इलाके के विवेक विहार में 3 मई की सुबह एक बिल्डिंग में आग लग गई। हादसे में नौ लोगों की हो गई है। शुरुआती जानकारी जो हमारे पास आई है उसके मुताबिक सुबह 3:30 बजे एसी ब्लास्ट की वजह से यह आग लगी थी।
चार फ्लोर की यह बिल्डिंग है। बताया जा रहा है कि दूसरे फ्लोर पर एसी में हुआ जिससे आग लग गई। मौके पर की 12 गाड़ियों को भेजा गया। 10 से 15 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। कई लोग घायल बताए जा रहे हैं जिन्हें अस्पताल भेजा गया।
मौत का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है। रेस्क्यूअर्स का कहना है कि उन्हें सुबह 3:47 पर यह जानकारी मिली। जब वह मौके पर पहुंचे तो दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल से आग की लपटें निकल रही थी। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और इमारत के अंदर से 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इलाज के लिए उन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया है। फाइटर्स का कहना है कि बिल्डिंग के पीछे के हिस्से में सबसे ज्यादा आग लगी थी। खिड़कियों और बालकनी पर ग्रिल और लोहे की रड लगी थी जिससे रेस्क्यू में दिक्कत आई।
फिर भी 15 लोगों को सुरक्षित वहां से रेस्क्यू कर लिया गया है। सुनिए पूरा स्टेटमेंट। मेजॉरिटी ऑफ फायर जो थी वो हमारी रियर साइड में थी और उसी पे हमें ज्यादा कैजुअल्टी मिली है। रियर साइड में आप देख पाएंगे कि जंगला वगैरह लगा हुआ था। जिसकी वजह से फाइटिंग और रेस्क्यू में थोड़ी सी दिक्कत आई और आते ही हमने जो है इसमें पांच लैडर्स और कटिंग टूल्स और हमारी स्पेशलाइज टर्न टेबल लैडर उसका इस्तेमाल करके लोगों को फाइटिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन हम करते रहे। टोटल हमने 15 लोगों को करीब रेस्क्यू करा। जब फाइटिंग और रेस्क्यू हम कर रहे थे उस दौरान पे हमें अलग-अलग लेवल पे टोटल नौ बॉडीज जो है वो हमने रिकवर करी थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक बिल्डिंग के पहले फ्लोर से एक शव, दूसरे फ्लोर से पांच और सीढ़ियों से तीन शव मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि लोगों ने छत पर भागकर जान बचाने की कोशिश की थी। लेकिन ऊपर दरवाजा बंद होने की वजह से वो वहीं पर फंसे रह गए।
इस तरह की भयावह तस्वीरें जो सामने आती हैं, यह बिल्कुल मन को विचलित कर देती हैं। आज सुबह करीब पौ:45 बजे विवेक विहार इलाके में एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में आग लगती है। आग की वजह जो अभी बताई जा रही है वह है एसी में ब्लास्ट होने की वजह से आग लगी। शॉर्ट सर्किट हुआ। अभी मैं उसी विवेक विहार के डी1 बिल्डिंग के बाहर खड़ा हूं और अगर मैं आपको यहां पीछे तस्वीरों में दिखाऊं तो इसी बिल्डिंग के जो पीछे वाली साइड घर हैं उन्हीं घरों में पहले आग आग शुरू हुई और उसके बाद आग की लपटें इतनी तेज हुई कि उन्होंने अपने ऊपर और नीचे वाले फ्लोर्स पर भी जो लोग मौजूद थे उनकी भी जान ले ली।
अगर आप इन तस्वीरों से समझना चाह तो ये जो पूरी बिल्डिंग है ये करीब 800 गज की बिल्डिंग है जिसमें 400 गज का फ्लैट जो है वो आगे की तरफ है। फिर बीच में सीढ़ियां हैं। फिर जो अगले 400 गज का फ्लैट है वो पीछे की तरफ है। तो जो पीछे की तरफ फ्लैट है इसमें ही सेकंड फ्लोर में पहले एसी के वेंट में जो है पहले स्पार्क हुआ। स्पार्क से शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट से आग लगी और आग लगने की वजह से जो यह हाई सिक्योरिटी बिल्डिंग अगर आप देखें तो इसमें सेंट्रल लॉकिंग होती है वो सेंट्रल लॉकिंग कहीं ना कहीं जाम हो गई। जो यहां पर रेस्क्यूअर्स आए थे, जो फर्स्ट रिसोंडर्स आए थे, आज तक की टीम ने उनसे भी बात की।
उन्होंने यह बताया कि एक परिवार तो ऐसा था जो अपने कमरे का ही दरवाजा नहीं खोल पाया क्योंकि कमरे में सेंट्रल लॉकिंग थी और आग लगने और शॉर्ट सर्किट की वजह से जो हादसा हुआ उस वजह से वो लॉक जाम हो गया और वो अपने कमरे से ही बाहर नहीं निकल पाए और अपने कमरे में ही दम तोड़ दिया। एक परिवार थोड़ा जो उन्हें लगा कि शायद वो खुशकिस्मत थे वो तीसरी मंजिल पर रहते थे। वो तीसरी मंजिल से अपनी जान बचाने के लिए छत की तरफ गए।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। जो छत की बिल्डिंग थी, जो छत छत का गेट था वो लॉक था जिसकी वजह से वो लोग आगे नहीं निकल पाए और छत के सामने ही बेहोश हो गए और उसके बाद जल गए। जो तस्वीरें हमने यहां सुबह करीब आज तक की जो टीम है वो यहां करीब सुबह सवा 6:30 के आसपास पहुंची।
जो तस्वीरें हमने अपनी आंखों से देखी वो तस्वीरें शायद कभी जिंदगी में भुलाना बहुत मुश्किल होगा क्योंकि जिस तरीके से लाशें निकल रही थी जिस तरीके से बॉडी निकल रही थी यह बताना भी मुश्किल था कि इनमें से कितने मर्द हैं, कितने कितनी औरतें हैं क्योंकि बॉडीज की कंडीशन ऐसी हो गई थी कि उन्हें देख के कहीं ना कहीं काफी मन विचलित हो रहा था। इसके अलावा एक डेढ़ साल का बच्चा एक डेढ़ साल का बच्चा जो अपनी मां से लिपटा हुआ था उसकी भी लाश उसी तरीके से निकाली गई जिस तरीके से हमने पहले भी अभी पिछले कुछ दिनों में जो तस्वीरें देखी वैसा ही कुछ मंजर यहां पे दिखा डेढ़ साल का बच्चा अपनी मां से लिपटा हुआ इस तरीके से जल गया कि ना ही बच्चा पता लग पा रहा था ना ही उसकी मां पता लग पा रही थी।
इसके अलावा जब बिल्डिंग में आग बुझा ली गई तो अंदर से तस्वीरें आई हैं। आप देख सकते हैं स्क्रीन पर कि सब कुछ तबाह हो गया है। लाखों करोड़ों का नुकसान हुआ है। सब कुछ खाक हो गया है। साथ ही साथ वहां मौजूद चश्मदीद फाइटर्स और हेल्थ वर्कर्स भी थे जिन्होंने आपबीती बताई कि वहां पर हालात कैसे हैं? उन्होंने स्टेटमेंट दिया है। । सीढ़ियों पे जाना बड़ा भारी हो रहा था और कोई ब्रिटेक वाली टीम ने उनका कब्जा किया कि आग को काबू किया है। उसके बाद हम सीढ़ियों से गए ऊपर दीवारें ऊपर गिरी हैं। कांच फटफट के आ रहे थे ऊपर। उसके बाद जब हम कमरों में एंट्री करे थे कमरे लॉक थे। फिर उन्होंने लॉक काटे गए हैं। लॉक काट के जब अंदर देखा तो हुई पड़ी थी।
कमरे के अंदर ही लॉक के पीछे ही लोग मरे। हां जी लॉक के पीछे निकल नहीं पाए। वो सेंटर लॉकिंग है। सेंटर लॉकिंग वो लॉक हो गई है। खुल नहीं पाई है। इस चक्कर से फिर बहुत छत पे जाने की भी कुछ लोगों ने कोशिश करी। कोशिश करी छत पे जाने की लेकिन छत का दरवाजा भी नहीं खुल पाया होगा। वो भी सेंटर लॉक और इसके अलावा कितने लोगों की आपने यहां से बॉडीज अभी तक निकाल? हमने नौ बंदों की बॉडी उठाई है जिसमें एक डेढ़ साल का बच्चा है जो अपनी मां के साथ चिपका हुआ है। वो भी खत्म हो गई। मां और बच्चा एक डेढ़ साल का पहचान में नहीं आ रही बॉडी कि एक लेडी है जेंट्स। हाफ दृश्य होगा।
आपके लिए भी काफी मुश्किल हुआ होगा। अंदर क्या देखा आपने? क्या लगता है? आपको क्या वजह थी जिसकी वजह से यह आग बढ़ी और इतनी तेजी से आगे बढ़ी कि लोग निकल भी नहीं पाए। एक्चुअली क्या है? एसी फटा है। एसी फटने की वजह से आग लगी है। आग लगी। आग 4:30 बजे करीब लगी है। लगते ही रही आस्तेआहिस्ते। आग ने भयंकर रूप ले लिया। जिस वजह से ये पीछे की साइड का फ्लैट है। पीछे की साइड के फ्लोर फ्लोर है। सारे निकल नहीं पाए वो। शहाद्रा के भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय गोयल ने बताया कि फिलहाल डेथ बॉडीज को मोर्चरी भेज दिया गया है और उनकी पहचान की जा रही है। और एक रोड पर पांच लोगों की हुई और एक पर एक रोड की एक बंदे एक व्यक्ति की डेथ हुई। अब सभी की स्थिति बहुत नाजुक मतलब स्थिति ऐसी है कि पहचान पाना बड़ा मुश्किल है। जेटीबी हॉस्पिटल की मोर्ची ले जाया जा रहा है और वहां देखा जाएगा कि किसकी बॉडी है। उनके परिवार वालों को बुलाया जाएगा।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें। रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि दूसरी मंजिल के एक फ्लैट में एसी ब्लास्ट की वजह से आग लगी थी। अब तक जो शुरुआती जानकारी आई है उसमें यही पता चला है जो तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। तीसरी मंजिल पर आग की लपटें पहुंचने के बाद फ्लैट में मौजूद कुछ लोग खुद को बचाने के लिए छत की तरफ भागे। लेकिन छत का दरवाजा बंद था। वे बाहर नहीं निकल पाए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में 29 अप्रैल को ऐसी ही घटना हुई थी। सुबह की यह घटना थी। 15 मंजिला अपार्टमेंट में आग लग गई थी और गौर ग्रीन एवन्यू सोसाइटी के टावर डी में नौवें फ्लोर पर आग लगी थी। देखते ही देखते सात मंजिलों को अपनी चपेट में आग ने ले लिया था। ब्रिगेड के एक अधिकारी ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी जगह हो कोई चाबी अपने पास रखें ताकि इमरजेंसी में तुरंत चाबी मिल जाए और जान माल के नुकसान से बचा जा सके।
एक सलाह यह भी दी जा रही है कि हर क्योंकि गर्मी का मौसम है और एसी की यूसेज ज्यादा है। इसीलिए हर दो-ती घंटे में 15 मिनट के लिए एसी बंद कर दें ताकि कंप्रेशर ओवर हीट ना हो। अगर पूरी रात एसी चलाते हैं तो 15 मिनट के ब्रेक के लिए अलार्म जरूर सेट कर दें।