राजस्थान के डिडवाना कुचामन जिले में 15 वर्षीय गर्वित रीवाड़ का आईएएस बनने का सपना 1 दिन के लिए सच हो गया। दरअसल डीएमडी जैसी गंभीर और लालाज बीमारी से जूझ रहे गर्भवित को जिला प्रशासन ने 1 दिन का जिला कलेक्टर बना दिया।
जिला प्रशासन ने 15 साल के इस बच्चे को ना सिर्फ एक दिन का जिला कलेक्टर बनाया बल्कि उसका सम्मान भी किया। दरअसल गंभीर बीमारी से जूझ रहे गर्वित को पूरे सम्मान के साथ राजकीय वाहन से कलेक्टेट ऑफिस लाया गया। इस मौके पर जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने खुद गुलदस्ता भेंट कर इनका स्वागत किया। इसके बाद गर्वित को जिला कलेक्टर की कुर्सी पर बिठाया गया। इस दौरान बच्चे के चेहरे पर खुशी, आत्मविश्वास और अपने सपने को जीने का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। बता दें कि गर्भित के शरीर के अधिकांश अंग सामान्य रूप से काम नहीं करते हैं।
इसके बावजूद इस बच्चे की सोच, आत्मविश्वास और संकल्प, शक्ति बेहद मजबूत है। लिखने में असमर्थ होने के बावजूद इस बच्चे ने अपने उत्तर बोलकर लिखवाए और कक्षा 10वीं में 82% अंक हासिल किए।
वहीं प्रशासन की यह पहल केवल गर्वित के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है कि मजबूत इच्छाशक्ति और हौसले के सामने कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं होती। ओ