दोस्तों कल्पना कीजिए एक तरफ हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार तो वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी लड़की जिसकी पहली ही फिल्म ने पूरे देश को अपना दीवाना बना दिया था। लोगों को लगता था कि यह शादी तो मानो स्वर्ग से बनकर आई है। लेकिन शायद किसी ने यह नहीं सोचा था कि कुछ ही सालों बाद यही रिश्ता दूरियों, गलतफहमियों और खामोशी में बदल जाएगा। आखिर ऐसा क्या हुआ कि राजेश खन्ना और डिंपल कपाडिया जिन्हें कभी बॉलीवुड का सबसे खूबसूरत कपल कहा जाता था।
अलग रहने लगे। सालों बाद एक इंटरव्यू में खुद राजेश खन्ना ने इस बारे में खुलकर बात की है। नमस्कार आप सुन रहे हैं बॉलीवुड किस्से और मैं हूं आपके साथ अंशु वर्मा। राजेश खन्ना ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि जब उन्होंने पहली बार डिंपल कपाड़िया को देखा तो उनकी खूबसूरती ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। वहीं डिंपल उस समय बॉबी से रातोंरात स्टार बन चुकी थी। लेकिन उसी बातचीत में राजेश खन्ना ने यह भी कहा कि इस समय उनके मन में अपने पूर्वी साथी अंजू महेंद्रू से जुड़े हुए भाव भी थे। उन्होंने यह तक कहा कि शादी का फैसला कहीं ना कहीं अंजू महेंद्र को यह दिखाने की भावना से ही प्रभावित हुआ था। वहीं फिल्मी गलियारों में वर्षों तक यह किस्सा भी सुनाया गया कि उनकी बारात अंजू महेंद्र के घर के सामने से निकाली गई थी। हालांकि इस घटना के अलग-अलग विवरण मिलते हैं,
लेकिन यह किस्सा आज भी बॉलीवुड के चर्चित कहानियों में शामिल है। व राजेश खन्ना के अनुसार शादी से पहले उन्होंने डिंपल के सामने एक शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि शादी के बाद डिंपल फिल्मों में काम नहीं करेंगी। और राजेश खन्ना बताते हैं कि डिंपल ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनकी बात मान ली थी। व उनके अनुसार डिंपल ने उनसे कहा मैं राज कपूर के साथ काम कर चुकी हूं और अब मेरी शादी हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार से हो रही है। मेरा हर सपना पूरा हो गया। अब मुझे और क्या चाहिए। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह बात आगे चलकर उनके रिश्तों की सबसे बड़ी वजह बन जाएगी। वहीं शादी के शुरुआती साल राजेश खन्ना के अनुसार बेहद खुशहाल रहे। लेकिन समय धीरे-धीरे बदलने लगा। एक समय ऐसा आया जब उनकी कई फिल्में लगातार उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो रही थी। सुपरस्टार होने का दबाव भी बढ़ता जा रहा था और राजेश खन्ना ने कहा कि वह अपने पेशेवर परेशानियां डिंपल से छुपाने लगे। उन्हें लगता था कि डिंपल सब जान जाएंगी तो बेवजह दुखी होंगे। लेकिन यह चुप्पी धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बनती चली गई। राजेश खन्ना का कहना था कि डिंपल ने उनकी खामोशी का दूसरा मत निकाल लिया। उन्हें लगा कि शायद रिंकी के जन्म के बाद राजेश खन्ना का प्यार उनके लिए कम हो जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ राजेश खन्ना मानते थे कि वे सिर्फ अपनी परेशानियां परिवार से दूर रखना चाहते थे। यानी दोनों एक दूसरे से प्यार तो करते थे लेकिन दोनों एक दूसरे की खामोशी को समझ नहीं पाए और अक्सर रिश्ते यहीं आकर सबसे ज्यादा उलझ जाते हैं। वहीं राजेश खन्ना ने कहा कि एक दिन डिंपल ने उनसे कहा मैं फिर से फिल्मों में काम करना चाहती हूं। उनके अनुसार यही वह पल था जब उन्हें महसूस हुआ कि दोनों की सोच अब अलग-अलग दिशाओं में जा रही है। उन्होंने अपना एक और इंटरव्यू में कहा था कि जिस दिन डिंपल ने मुझसे कहा कि मुझे फिल्मों में वापस जाना है उसी दिन सब खत्म हो गया था। यह उनके नजरिए से उस रिश्ते के टूटने का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था। हालांकि बाद में वर्षों में डिंपल कपाडिया ने कभी इंटरव्यूज में अपने अनुभव और इस रिश्ते को लेकर अपनी अलग दृष्टि साझा की है। यही कि इस कहानी के दोनों पक्ष हैं और दोनों की अपनी-अपनी भावनाएं और अनुभव रहे।
वहीं दिलचस्प बात यह है कि अलग रहने के बावजूद राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया ने कभी औपचारिक रूप से तलाक नहीं लिए। समय के साथ दोनों अपनी-अपनी निजी जिंदगी में आगे बढ़े। लेकिन जीवन के अंतिम दौर में डिंपल फिर राजेश खन्ना के साथ नजर आई और उनकी देखभाल भी करती रही। और यही वजह है कि उनके रिश्ते को सिर्फ एक असफल शादी कह देना शायद पूरी कहानी नहीं होगी। उस रिश्ते में प्यार भी था, गलतफहमियां भी थी, दूरी भी थी और आखिर तक एक दूसरे के लिए सम्मान भी। व राजेश खन्ना और डिंपल कपाडिया की कहानी हमें यहां एहसास कराती है कि सिर्फ प्यार ही किसी रिश्तों को निभाने के लिए काफी नहीं होता। विश्वास, संवाद और एक दूसरे के सपनों को समझना भी उतना ही जरूरी होता है। दोस्तों, आपको क्या लगता है? हमें कमेंट कर जरूर बताएं। फिलहाल इस पडकास्ट में इतना ही। ऐसी और भी पडकास्ट के लिए बने रह हमारे चैनल के साथ।