यह दावा कि राज कपूर हमेशा डिंपल कपाड़िया से नफरत करते थे, उपलब्ध विश्वसनीय ऐतिहासिक साक्ष्यों से मेल नहीं खाता। वास्तव में, राज कपूर ने ही डिंपल कपाड़िया को अपनी फिल्म “बॉबी” (1973) में मुख्य अभिनेत्री के रूप में लॉन्च किया था। फिल्म की सफलता ने डिंपल को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।
हाँ, एक दौर ऐसा ज़रूर आया जब डिंपल ने राजेश खन्ना से शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली।
उस समय फिल्म इंडस्ट्री में यह चर्चा रही कि राज कपूर इस फैसले से निराश थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि इतनी बड़ी प्रतिभा का फिल्मी करियर बहुत जल्दी रुक गया। बाद में कई फिल्मी लेखों और चर्चाओं में यह भी कहा गया कि डिंपल के अचानक फिल्मों से दूर होने से राज कपूर को पेशेवर तौर पर अफसोस हुआ।
लेकिन राज कपूर और डिंपल के बीच स्थायी दुश्मनी या नफरत की पुष्टि किसी विश्वसनीय साक्षात्कार, आत्मकथा या आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं मिलती। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
डिंपल ने 1980 के दशक में फिल्मों में वापसी की और “सागर”, “राम लखन”, “रुदाली” जैसी फिल्मों से अपनी अभिनय क्षमता फिर साबित की। वहीं राज कपूर ने हमेशा नए कलाकारों को अवसर देने की अपनी परंपरा कायम रखी।इसलिए यह कहना अधिक सही होगा कि उनके रिश्तों को लेकर कई अफवाहें रहीं, लेकिन “राज कपूर डिंपल कपाड़िया से हमेशा नफरत करते थे” कहना ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं है।