जर्मनी में रहने वाला यूबर ध्रुव राठी यह एक गंभीर जुर्म है जिसमें आजीवन कारावास अथवा 10 वर्ष का कारावास का प्रावधान है। कई बार ज्यादा हवाबाजी आपको मुश्किल में डाल सकती है। इस बार यूबर ध्रुव राठी के साथ यही हुआ है। ध्रुव राठी अभी तक तो जर्मनी में बैठकर एजेंडा चला रहा था,
लेकिन सीजेपी के साथ मिलकर इसने भारत में भी अपना खेल शुरू कर दिया। इसी खेल में ध्रुव राठी से बहुत बड़ी गलती हो गई। अगर इस गलती में ध्रुव राठी फंस गया तो शायद कभी जर्मनी नहीं जा पाएगा। इसीलिए खबरें आ रही है कि ध्रुव राठी जल्द से जल्द जर्मनी वापस जाना चाहता है। यह मामला क्या है वो आप समझ लीजिए। दरअसल आरोप है कि ध्रुव राठी ने एक इंटरव्यू में भारतीय सेना और भारतीय पुलिस को सरकार के खिलाफ बगावत करने के लिए भड़का दिया। इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक ध्रुव राठी ने इंटरव्यू में यह दावा कर दिया कि दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने हिरासत के दौरान मेरे साथ अच्छा बर्ताव किया और उन पुलिस वालों ने कहा कि हम आपके पैरों में गिर कर माफी मांगते हैं।
हम पर कोई एक्शन मत लेना। यानी ध्रुव राठी यह बोल रहा है कि पुलिस वाले मेरे पैरों पर गिरना चाहते थे। इसी को लेकर दिल्ली के एक वकील विवेक गर्ग ने ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाई है। ध्रुव राठी का पासपोर्ट भी जब्त करने की रिक्वेस्ट की गई है। ध्रुव राठी ने क्या कांड किया है और उसके खिलाफ क्या एक्शन हो सकता है?
उसके बारे में यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक होश उड़ा देने वाला बयान दिया है। विक्रम सिंह ने बयान में जो कहा है अगर वह हो गया तो फिर शायद ध्रुव राठी जर्मनी वापस नहीं जा पाएगा। जर्मनी में रहने वाला यूबर ध्रुव राठी उसने अभी हाल के ही साक्षात्कार में यह विचार व्यक्त किए हैं कि भारतीय पुलिस और भारतीय सेना को भी अपनी आवाज सरकार के खिलाफ उठानी चाहिए। एकजुटता दिखानी चाहिए। बॉलीवुड के भी एक्टर्स और एक्ट्रेसेस का आवाहन किया है। बॉलीवुड के एक्टर्स, एक्ट्रेसेस और यूर्स क्या करते हैं, यह तो वह जाने लेकिन जहां तक पुलिस का सवाल है, एक कानून है पुलिसमैन इनसाइटमेंट टू डिसफेक्शन एक्ट। उसके अंतर्गत यह अपराध बन जाता है। गंभीर अपराध है और फौज के कर्मचारियों अधिकारियों उनके अफसरान को अगर इस तरीके का कोई आवाहन करता है तो पुरानी आईपीसी की धारा 131 वर्तमान भारतीय न्याय की धारा 159 159 के अंतर्गत यह एक गंभीर जुर्म है जिसमें आजीवन कारावास अथवा 10 वर्ष का कारावास का प्रावधान है और जुर्माने का भी प्रावधान है।
मेरा भारत सरकार से यह आवाहन होगा कि इस इंटरव्यू की सत्यता का परीक्षण करा लें। अभिमत प्राप्त करें कानून विशेषज्ञों से और उसके आधार पर अगर सत्य हो तो अपराध पंजीकृत करके समुचित वैधानिक कारवाई तत्परता के साथ करें। वातावरण को विषाक्त करने का किसी को अधिकार नहीं है। ध्रुव राठी ऐसे यूबर महानुभाव को भी नहीं है। उन्होंने जो बात कही है वो जहर का बुझा तीर है और इसको निष्क्रिय किया जाना अत्यंत आवश्यक है। और इसके साथ ही मैं चाहूंगा कि इसका भी परीक्षण कर ले कि रासुका के अंतर्गत मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं यह बहुत ही उपयुक्त केस रहेगा। सरकार परीक्षण कर ले। लेकिन इस तरीके के आवाहन करने वाले इनको मैं देशद्रोही कहता हूं।