कल दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन की चर्चा पूरे देश में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर पुलिस की बर्बरता के लगातार वीडियोस वायरल हो रहे हैं। दिल्ली में जंतरमंतर पर चल रही कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा दें। कल दिल्ली में छात्रों पर इतनी क्रूर घटना के बाद भी ऐसी स्थिति नहीं दिख रही है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे।
आइए इस वीडियो में जानते हैं कि उड़ीसा से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या है जिन्हें हटाने में हिचक रही है मोदी सरकार। जान लीजिए यह पांच कारण धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ना दिलाने का सबसे बड़ा कारण है सरकार को अपने आकलन के हिसाब से उनको उतना कोई बड़ा नुकसान नहीं दिख रहा है। दूसरा कारण है कि मानसून सत्र जरूर चल रहा है लेकिन कोई चुनाव सिर पर नहीं है। तीसरी बात यह है कि पीएम मोदी की सरकार में हर मंत्री के कामकाज पर पीएमओ की सीधी नजर रहती है। अगर धर्मेंद्र प्रधान सही परफॉर्म नहीं कर रहे थे तो शायद ही 12 साल लगातार टिक पाते। चौथी बात है कि कॉकरोच जनता पार्टी जिसके प्रदर्शन को जेंसी प्रोटेस्ट कहा जा रहा है।
उनकी मांगे ठीक नहीं है। वो इस्तीफा मांग रहे हैं लेकिन अल्टरनेट नहीं बता पा रहे। आखिर क्या होना चाहिए? पांचवी और अहम बात यह है कि धर्मेंद्र प्रधान कोई आयातीत नेता नहीं है। वह एबीबीपी से बीजेपी में आए थे। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। अगर उनका इस्तीफा होता है तो पीएम मोदी के अब तक कार्यकाल में पहली बार विपक्ष या कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन देने वाले दलों को मनोवैज्ञानिक लाभ मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है
अगर धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय चेंज हुआ या इस्तीफा तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एबीपी बीजेपी और पीएम मोदी के लिए असहज स्थिति का निर्माण होगा। फिलहाल यह जानकारी आपको कैसी लगी? नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर अपनी राय जरूर बताएं। ऐसी ही और खबरों से हमेशा अपडेट रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।
5 कारण इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटा रहे PM मोदी ?