योगी जी थोड़े पेपर लीक अपने प्रदेश में रोक लीजिए वरना अभी जितने लोग जंतरमंतर पर पहुंचे यूपी से उससे कहीं ज्यादा लोग यूपी में आंदोलन करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रपति द्वारा उसे मंजूर किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का जोश इस वक्त हाई नजर आ रहा है। प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है और उन्होंने ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने की बात कही है।
इसी के साथ जंतरमंतर पर सीजेपी का धरना तो खत्म हो गया है। लेकिन अब इनका अगला प्लान क्या है? यह सवाल बहुतों के मन में कौंध रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी की रणनीति अब और आक्रामक होती दिख रही है। आंदोलन के खत्म होते ही सोशल मीडिया पर सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह हाथ में माइक थामे सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
भरे लहजे में आशुतोष रांका ने साफ संकेत दे दिया है कि दिल्ली के बाद अब बीजेपी का अगला निशाना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ होने वाला है। अगर योगी जी ये वीडियो देख रहे हैं तो उन्हें बड़ी चिंता करने की जरूरत है। अब योगी जी थोड़े पेपर लीक अपने प्रदेश में रोक लीजिए। वरना अभी जितने लोग जंतरमंतर पर पहुंचे हैं यूपी से उससे कहीं ज्यादा लोग यूपी में आंदोलन करेंगे। जंतरमंतर पर मिली कामयाबी के बाद सीजेपी का दावा है कि अगर यूपी में पेपर लीक पर नकेल नहीं कसी गई तो लखनऊ में अब तक का सबसे बड़ा छात्रा आंदोलन देखने को मिलेगा। वायरल हो रहे वीडियो में सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका को यह कहते सुना जा सकता है कि योगी जी वीडियो देख रहे हैं तो उन्हें चिंता करने की जरूरत है। यूपी में पेपर लीक रोक लीजिए नहीं तो जितने लोग यूपी से जंतरमंतर पहुंचे हैं उससे ज्यादा लोग उत्तर प्रदेश में आंदोलन करेंगे।
अगर योगी जी ये वीडियो देख रहे हैं तो उन्हें बड़ी चिंता करने की जरूरत है। अब योगी जी थोड़े पेपर लीक अपने प्रदेश में रोक लीजिए वरना अभी जितने लोग जंतरमंतर पर पहुंचे हैं यूपी से उससे कहीं ज्यादा लोग यूपी में आंदोलन करेंगे।
फिलहाल तो आंदोलन खत्म होने के बाद जंतरमंतर से प्रदर्शनकारी हट गए हैं। पूरे इलाके में सामान्य व्यवस्था बहाल करने का काम तेज हो गया है। सभी बैरिकेड्स हटा दिए गए। एनडीएमसीटी ने जंतरमंतर पर साफ सफाई भी शुरू कर दी है। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां केंद्रीय स्तर पर फेरबदल देखने को मिला है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के यूपी कुछ ऐलान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।
अब देखना यह होगा कि सीजेपी की इस खुली चुनौती पर यूपी सरकार का क्या रुख रहता है। क्योंकि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी को जिस तरह से समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और आजाद समाज पार्टी का साथ मिला, वैसे ही उत्तर प्रदेश में भी उम्मीद की जा रही है। पार्टी की मौजूदगी फिलहाल सोशल मीडिया और शहरी नेटवर्क तक अधिक है।