लेकिन आपके माध्यम से यह मैं जरूर कहना चाहता हूं रिपोर्टर्स नहीं लेकिन जो मीडिया के ओनर्स हैं एंड जो एंकर्स हैं और जो एडिटर एंड चीफ्स हैं उनको मिलके डिस्कशन करना चाहिए कि युवाओं के अंदर उनके खिलाफ इतना क्यों है? क्योंकि आप यह जरूर समझ लीजिए जिस तरीके का प्रोपेगेंडा चलाते हैं कुछ चैनल्स उससे लोग खुश नहीं है।
एक ना एक दिन ऐसा आएगा जब युवा ऐसे ही डिमांड लेके आगे बढ़ेगा एंड उस टाइम पे उनका भी आंसरेबिलिटी बिल्कुल जस्टिफाई नहीं होता है। बिल्कुल जस्टिफाई नहीं होता है।
लेकिन उसी पॉइंट पे मैं बोल रहा हूं कि आप जो मीडिया चैनल्स के ओनर्स है और एंकर्स है उनको समझना चाहिए कि वो कैसे अपने रिपोर्टर्स को ऐसे रिस्क जोन में भेजते हैं। ऐसे लोगों के अंदर क्यों निष्पक्ष मतलब