क्या चैट जीपीटी आपकी प्राइवेसी लीक कर रहा है? अगर आप भी चैट जीपीटी पर अपने डाटा शेयर करते हैं, उससे बात करते हैं, उससे जवाब मांगते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। कुछ साल पहले हम यह सोच भी नहीं सकते थे कि एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल हमारी बातों को समझेगा और उसी अंदाज में जवाब भी देगा। लेकिन आज चैट जीपीटी जैसे टूल हमारे रोजमर्रा के कामों का अहम हिस्सा बन गए हैं। चाहे ईमेल लिखना हो, कोई सवाल पूछना हो या कंटेंट तैयार करना हो। यह टूल हर जगह मददगार साबित हो रहे हैं। ओपन एi के इस ए टूल का इस्तेमाल अब दुनिया भर में करीब 18 करोड़ लोग कर रहे हैं।
भारत इसका दूसरा सबसे बड़ा यूजर बेस है। हालांकि चार्ट जीपीटी का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सुरक्षा और प्राइवेसी का भी ध्यान रखना चाहिए। तो चलिए आज बात करेंगे कि चार्ट जीपीटी कितना सेफ है। साथ ही जानेंगे कि क्या चार्ट जीपीटी से डाटा लीक हो सकता है। चार्ट जीपीटी पर किस तरह की जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए। चार्ट जीपीटी दो तरह के डाटा स्टोर करता है। पहली वो जानकारी जो अपने आप सिस्टम के जरिए इकट्ठा होती है। जैसे आपका इंटरनेट कनेक्शन कहां से हो रहा है? आप कौन सा ब्राउज़र या फोन इस्तेमाल कर रहे हैं और आपने कब और कितनी बार चैट जीपीटी इस्तेमाल किया है। दूसरी वह जानकारी जो आप खुद चैट में देते हैं।
जैसे आपका नाम, ईमेल या जो भी सवाल और बातें आप चैट जीपीटी को बताते हैं। यह सब डाटा ओपन एआई अपने सिस्टम को बेहतर बनाने और आपको इच्छा अनुभव देने के लिए रखता है। साइबर सिक्योरिटी और एआई लॉ एक्सपर्ट डॉ. पवन दुग्गल बताते हैं कि डाटा लीक होने का खतरा कुछ हद तक हो सकता है। जब आप चैट जीपीटी पर कोई सवाल या जानकारी डालते हैं तो वह डाटा कंपनी के सर्वर पर सेव हो जाती है। इससे कंपनी अपने सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए उस जानकारी का इस्तेमाल कर सकती है। अगर गलती से कोई जरूरी या निजी जानकारी जैसे किसी कंपनी का सीक्रेट या किसी ग्राहक की पर्सनल डिटेल्स डाल दी जाए तो वह गलत हाथों में भी जा सकती हैं।
जिससे डाटा लीक या कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन होने का खतरा रहता है। कभी-कभी लोग गलती से ऐसी जानकारी भी डाल देते हैं जो गोपनीय होती है। जैसे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या आधार नंबर। यह जानकारी अगर गलत जगह पहुंच जाए तो डाटा लीक, फ्रॉड या पहचान की चोरी यानी आइडेंटिटी थफ्थ का खतरा हो सकता है। इसीलिए जरूरी है कि हम समझें कि चार्ट जीपीटी पर किस तरह की जानकारी कभी शेयर नहीं करनी चाहिए। कभी शेयर ना करने वाली यह पांच जानकारियां आपको ध्यान में रखनी चाहिए। पहली पर्सनल ईमेल, सोशल मीडिया के पासवर्ड या ओटीपी, बैंकिंग डिटेल्स और क्रेडिट कार्ड की जानकारी, आधार नंबर, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट नंबर। अपनी कंपनी की प्राइवेट डाटा, किसी दूसरे की पर्सनल डिटेल्स। चार्ट जीपीटी का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है ताकि आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे और आप इसका सही फायदा उठा सकें। चार्ट जीपीटी से बात करते वक्त ऐसा समझें कि आप किसी टेक्नोलॉजी से बात कर रहे हैं इंसान से नहीं। इसीलिए कुछ बातें कभी शेयर नहीं करनी चाहिए
और कुछ सावधानियां हमेशा रखनी चाहिए। यह पांच बातें जो आपको याद रखनी चाहिए। प्राइवेसी पॉलिसी और नियम जरूर पढ़ें। सेटिंग्स में जाकर चैट हिस्ट्री एंड ट्रेनिंग बंद करें। जरूरी जानकारी को एक बार खुद भी फैक्ट चेक करें। केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप से ही चैट जीपीटी इस्तेमाल करें। पॉपअप और अनजान ब्राउज़र एक्सटेंशन से दूर रहें। ओपन एi ने चैट जीपीटी को सुरक्षित और जिम्मेदार एi टूल बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इसका मकसद है कि यूज़र्स को मदद तो मिले लेकिन उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा भी बनी रहे। सवाल यह है कि चैट जीपीटी को सुरक्षित कैसे बनाते हैं? डाटा प्रोटेक्शन और प्राइवेसी नियम, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम से, एक्सपर्ट द्वारा मॉडल की ट्रेनिंग से, यूजर कंट्रोल और सेटिंग से, लगातार सिक्योरिटी अपडेट और रिसर्च से। ओपन एआई लगातार रिसर्च करता है और नए सिक्योरिटी फीचर्स जोड़ता है।
जैसे ही कोई खतरा सामने आता है, उसे जल्दी से जल्दी ठीक किया जाता है ताकि यूज़र्स को नुकसान ना हो। चार्ट जीपीटी एक उपयोगी और शक्तिशाली टूल है। लेकिन यह इंसान नहीं एक टेक्नोलॉजी है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सोच समझकर करें। संवेदनशील या गोपनीय जानकारी शेयर करने से बचें और सुरक्षा सेटिंग को समझकर उपयोग करें। अगर आप जिम्मेदारी से चार्ज जीपीटी का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए एक सुरक्षित, स्मार्ट और सहायक एआई साबित हो सकता है। नमस्कार, मैं हूं मानक गुप्ता। अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो, तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। और हां हमें सब्सक्राइब और फॉलो करना ना भूलें ताकि आप देश और दुनिया की कोई खबर मिस ना करें। तो जुड़े रहिए हमारे साथ और देखते रहिए न्यूज़