वो लोग पैर तोड़ दिए होते, मैं उनको पूरी जिंदगी लेके बैठी होती, मैं क्यों जानू मारे? दोनों पैर तोड़ दिए होते, उनका हाथ भी तोड़ दिए होते, पर उनकी जान छोड़ दी होती। मैं पूरी लाइफ उनको लेके ऐसे ही पूरी जिंदगी काट लेते मुझसे। वो लेकिन जान से मार डाले। हाथ पैर तोड़ देते।
मैं उनको लेकर पूरी जिंदगी उनकी सेवा कर लेती। लेकिन उन्हें मारते नहीं। यह शब्द बोलते हुए नजर आ रही यह महिला मनीष सिंह की पत्नी अंकिता हैं। आरोप है कि 26 अप्रैल को मनीष की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मामला वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र का है। घर से करीब 5 कि.मी. दूर इंडस्ट्रियल एरिया में मनीष की दोना पत्तल बनाने की फैक्ट्री है। मनीष देर रात वहीं से वापस लौट रहे थे। गांव के रास्ते में वो घम्हाहापुर में घुसे थे कि अचानक उनकी कार के सामने बिंदु प्रजापति नाम की महिला आ गई। उन्होंने तुरंत ब्रेक लगाया लेकिन तब तक महिला को कार से टक्कर लग गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनीष तुरंत कार रोक कर महिला के पास गए।
उन्हें अस्पताल पहुंचाने की के लिए आसपास लोगों को आवाज देने लगे। लोग वहां पहुंचे लेकिन महिला को अस्पताल ले जाने की बजाय वो मनीष से बहस करने लगे। मनीष ने महिला के इलाज का पूरा खर्च उठाने की भी बात कही। लेकिन वह लोग नहीं माने। मनीष के परिवार का आरोप है कि इसके बाद वहां मौजूद 10 से 12 लोगों ने उन्हें घेर लिया।
ईंट से उनकी कार तोड़ दी। इसके बाद मनीष को पीटने लगे। उन लोगों ने मनीष को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। मनीष की मौत के बाद गांव वालों ने पुलिस को खबर दी। फूलपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मनीष के घर वालों को इसकी सूचना दी और उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही घायल महिला को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मनीष की पत्नी अंकिता सिंह का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में अंकिता रोते हुए कह रही हैं कि
मैं अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी? वो कहती हैं कि उनके दोनों हाथ पैर तोड़ देते। मैं जिंदगी भर उनको लेकर बैठी रहती लेकिन उनकी जान छोड़ देते। आप विश्वास रखिए। जो सजा आप कहेंगी वो सजा दी जाएगी। उनको जान बिल्कुल आपके सामने खड़ा करूंगी। बिल्कुल आपके सामने खड़ा करूंगी। बिल्कुल आपके सामने है ना? आप विश्वास करिए। ऐसे नहीं ऐसे कोई किसी को मार के ऐसे नहीं भाग जाएगा। वो लोग पैर तोड़ दिए होते। मैं उनको पूरी जिंदगी लेके बैठी होती। मैं क्यों जान से मारे? दोनों पैर तोड़ दिए होते। उनका हाथ भी तोड़ दिए होते पर उनकी जान छोड़ दी होती। मैं पूरी लाइफ उनको लेके ऐसे ही पूरी जिंदगी काट लेते मुझसे। वो लेकिन जान से मार डाले।
बोलो जान से मार डाले। मेरी दुनिया खत्म हो गई। कुछ नहीं है। वहीं मनीष की बहन ने सरकार से मांग की है कि अब उनके घर में कमाने वाला कोई नहीं है। भाभी अंकिता पर तीन बच्चों की जिम्मेदारी है। सरकार अंकिता को नौकरी दे। मामले में मनीष के परिवार ने आठ नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। फिलहाल गांव में लोग मनीष का शव रखकर हंगामा कर रहे हैं। हत्या करने वाले आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस कुछ और आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इस खबर में इतना ही। खबर लिखी है रक्षा ने। मेरा नाम है श्वेता। देखते रहिए l