देश की राजधानी दिल्ली के पौश इलाकेहॉल्स खास से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मकान में एसी की इंडोर यूनिट में जोरदार l होने के बाद आग लग गई। इस हादसे में सेवा आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार गर्ग की हो गई। माना जा रहा है कि धुएं में दम घुटने से उनकी जान गई है।
धुएं से बेहोश हुए उनके बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह घटना देर रात की है। रात करीब 11:18 पर पुलिस और दमकल विभाग को हौसखा स्थित मकान नंबर R15 में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसे की वजह एसी की इंडोर यूनिट में हुआ था। यह इतना जोरदार था कि देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों समेत कुल पांच लोग मौजूद थे। होते ही घर के अंदर अफरातफरी मच गई।
बाकी लोग तो घर से बाहर निकल गए लेकिन धनेंद्र कुमार निकलने में असफल हो गए। आपको बता दें कि वह 1967 बैच के हरियाणा कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थे। उनके साथ पत्नी के अलावा घर में बेटा और दो घरेलू सहायक रहते थे।
और जब ये आग लगी थी सर यहां की माहौल बड़ी गंभीर माहौल थी और हमने सबसे पहले जो मैडम को निकाला क्योंकि मैडम जो थी वो पैदाइश थी तो मैडम को हमने पहले निकाला और जब फिर उसके बाद सर को निकाले और वो गौरव भैया और हमने सर को बाहर पकड़ के लेके आए और पीसीआर वैन में उनको बैठा के भेज दिए थे एंबुलेंस में। एक्चुअली ये एक्सीडेंट ये सर कल रात को हुआ था। ये ये एक्सीडेंट के वो जो एक्सीडेंट हुआ था ये एक्सीडेंट हो गया था।
शॉर्ट सर्किट की वजह से हो गया था एक्सीडेंट हो गया था ये और ये एसी में लग गई थी शॉर्ट सर्किट तो उसकी वजह से लग गई थी आग तो ये ऐसा एक्सीडेंट हो गया था ये। ये आपके साहब जो होते हैं वो वो कहां पे काम करते हैं और क्या करते थे?
ये आईएएस ऑफिसर थे और यह रिटायर थे ये। क्या उनका बेटा उनकी हो गई है? उनके बेटे को भी क्या तबीयत है उनकी? कैसी तबियत है? उनके जो हमारे गौरव वो जो अमित सर है सर की लड़की की तबीयत अभी ठीक है सर अभी और धनेंद्र कुमार जी की उनकी हो गई सर।
जब पुलिस को सूचना मिली तो तत्काल लोगों की मदद से सभी को बाहर निकालकर पीसीआर वैन के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। धनेंद्र कुमार के शरीर पर किसी तरह के जलने के निशान नहीं थे। माना जा रहा है कि धुएं में दम घुटने के कारण उनकी हो गई। बता दें कि धनेंद्र कुमार मूल रूप से गंगो यूपी के रहने वाले थे। वह इलाके के पहले आईएएस थे। 1967 बैच के हरियाणा कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लंबे कार्यकाल के दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव, सीसीआई चेयरमैन, हाईवे अथॉरिटी के चेयरमैन, टेलीकॉम सचिव, जीएसटी चेयरमैन और एक्साइज कमिश्नर रहे। बाद में विश्व बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केरूप में भी उन्होंने सेवाएं दी थी।
हादसे के बाद धनेंद्र कुमार और उनके बेटे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया था। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने धनेंद्र कुमार को घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और क्राइम टीम ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। बिजली के कनेक्शनों और वायरिंग की इलेक्ट्रिकल जांच भी की जा रही है ताकि के सही तकनीकी कारणों का पता लगाया जा सके।
वहीं पुलिस ने चश्मदीदों के बयान दर्ज कर लिए हैं और शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश की आशंका से इंकार करते हुए इसे एक दुखद दुर्घटना बताया है। आपको बता दें कि मई के शुरुआत में दिल्ली के विवेक विहार इलाके में चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी और उस आग लगने का कारण भी एसी में ही बताया गया।