तो लेकिन आपके हाथ में ये क्या है? कौन से पक्षी लिए हुए हैं आप? ये नीलकंठ है। कहते हैं मार्गेशु रक्षतो माम नीलकंठ। मैं जब चलता हूं तो बाबा नीलकंठ शंकर भगवान के रूप में रक्षा करते हैं। क्या हमारे देश की स्थिति ठीक हो जाएगी? जल्दी होगी या वक्त लगेगी? कि 2026 में आप लोग देखना कि अप्रैल के बाद से पेट्रोल की, डीजल की किल्लतें आएगी।
मैंने कहा था कि आग से जल के 1500 से ज्यादा लोग मारे जाएंगे। तब लोग हंसी उड़ा रहे थे इस बात की। लेकिन आज यही घटना सामने है। नमस्कार, मैं हूं सौरव त्रिपाठी। इंडिया न्यूज़ के प्लेट डिजिटल प्लेटफार्म पर आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। हमारे साथ एक ऐसी शख्सियत आज है जिनको जेएनजी एस्ट्रोलॉजर कहा जाता है जो एक प्रोडक्शन कर देते हैं तो बेमाने रद्द हो जाते हैं और इस समय लोगों की जुबान पर ये रहते हैं और इनके एक रील बहुत वायरल होते हैं। मिलियंस में व्यूज आते हैं।
हमारे साथ ऐसे ही एक जैन जी भविष्यवक्ता ज्योतिषाचार्य सुमिताचार्य जी महाराज हैं। सुमिता आचार्य जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका। नमस्कार बहुत-बहुत धन्यवाद अपने शो में मुझे आमंत्रित करने के लिए। देखिए मैंने आपको महाराज जी भी कह दिया है, जैन जी भी कह दिया है। थोड़ा सा आप अपना छोटा सा एक परिचय हमारे दर्शकों को बताएं क्योंकि आप वैसे किसी परिचय के मोहताज नहीं है।
फिर भी जो न्यू कमर्स दर्शक हैं वो भी समझे आपको। देखिए मैं जितने नए दर्शक आ रहे हैं उनके लिए मैं बताना चाहूंगा कि 2025 से मैं कुछ ऐसी चीजें करता हूं कि लोगों का हमेशा ये था कि बड़ी-बड़ी ट्रेजडीज होती हैं तो दुनिया भर के ज्योतिषचार्य कहां चले जाते हैं। कोई नहीं बताता कि ऐसा कुछ हादसा होने वाला है। तो मैंने क्या करा कि साल के शुरुआत में एक मैं समाचार पत्र न्यूज़पेपर छपवाता हूं और न्यूज़पेपर में बकायदा डेट्स लिखवा देता हूं कि इतने डेट से इतने डेट को ये घटना घटेगी। आप सतर्क हो जाना और उसमें घटनाएं कुछ ऐसी घटती हैं जैसे मैंने कहा था कि हमारे केंद्र से अह हमारे उपराष्ट्रपति जी अचानक से इस्तीफा देंगे। 25 जुलाई से पहले पहले 22 जुलाई को उपराष्ट्रपति अचानक इस्तीफा देते हैं। जगदीप धनकड़ जी उनको भी नहीं पता था कि इस्तीफा वो देने वाले हैं। हम कुछ खास कंपनीज़ की 5-प000 एयरलाइंस रद्द थी। जब मैंने भविष्यवाणी करी थी कि 28 जनवरी से 27 फरवरी बार-बार विमान हादसाग्रस्त होगा और इतना हुआ इतना हुआ कि हर दूसरे दिन कोई ना कोई विमान हादसाग्रस्त 28 जनवरी से 27 फरवरी के बीच में हो रहा था। इसी बीच मैंने कहा था कि एक पॉलिटिशियन को हम विमान हादसे में खो देंगे। अजीत पवार जी जस्ट 28 जनवरी जो मेरा पहला डेट था उस दिन विमान हादसाग्रस्त होता है और अजीत पवार जी का देहात त्याग हो जाता है। इसी प्रकार से बहुत सारी भविष्यवाणियां थी 2025 की शुरुआत के लिए था मेरा कि 2025 के जनवरी में 28 जनवरी से पहले पहले ही युद्ध शुरू हो जाएगा। यूएस ने सबसे पहले वेनेजुएला के ऊपर हमला कर दिया। हम दूसरा मैंने बोला था कि ईरान की करेंसी कोलैप्स कर जाएगी। 9 जनवरी 9 जनवरी 2026 को ईरान की करेंसी कोलैप्स करती है। तीसरा मैंने बोला था कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एक उपद्रवकारी फैसला आएगा। 13 जनवरी को यूजीसी का नियम आता है। ठीक है। बहुत सारे आपकी जो भविष्यवाणी वो सटीक साबित हुई। लेकिन आपके हाथ में ये क्या है? कौन से पक्षी लिए हुए हैं आप? ये नीलकंठ है। कहते हैं मार्गेशु रक्षतो माम नीलकंठ। हम्म। मैं जब चलता हूं तो बाबा नीलकंठ शंकर भगवान के रूप में रक्षा करते हैं। अच्छा तो इससे रक्षा होता है। अच्छा एक बात मैं समझना चाहता हूं। क्यों नहीं होगा? देखिए हर सनातनी को अपने हाथ में एक शस्त्र रखना चाहिए। क्योंकि सनातनी अभी सबसे कमजोर हो गया है। मैं तो शस्त्र होना चाहिए। देखिए शास्त्र रखना चाहिए। शास्त्र शास्त्र सनातनी के साथ चलता है। जिसके पास शास्त्र है वही सनातनी है। लेकिन शस्त्र जरूर रखना चाहिए हर सनातनी को। तो ये आपका शस्त्र है।
ये शस्त्र भी है और यह रक्षा कवच भी है। अच्छा ठीक है। अब मैं देखिए आपकी इतनी भविष्यवाणियां सही हुई है तो देश में इस समय मिडिल ईस्ट के युद्ध की वजह से कई दिक्कतें आ रही हैं। पेट्रोल डीजल को लेकर किस तरीके से स्थिति बनी हुई है। सुमित जी क्या हमारे देश की स्थिति ठीक हो जाएगी? जल्दी होगी या वक्त लगेगा। अच्छा सब चैनल में क्या लोग हंसी उड़ा रहे थे कि सुमिताचार्य ने कहा है कि पेट्रोल की किल्लत आएगी, फ्यूल की किल्लत आएगी। हंसी उड़ा रहे थे इस बात की। 2025 से मैं यह भविष्यवाणी चैनलों पर करता था कि 2026 में आप लोग देखना कि अप्रैल के बाद से पेट्रोल की डीजल की किल्लतें आएगी।
मैं लोगों को ये तक कह रहा था कि सोलर पैनल खरीद लो। बैटरीज का व्यवस्था कर लो। मैं लोगों को कहता था वॉकी टॉकी रख लो। कभी भी इंटरनेट का क्राइसिस आ सकता है। मैंने कहा था कि आग से जल के 1500 से ज्यादा लोग मारे जाएंगे। तब लोग हंसी उड़ा रहे थे इस बात की। लेकिन आज यही घटना सामने है और आज हम इसी के ऊपर चर्चा कर रहे हैं कि आगे क्या होने वाला है पेट्रोल और डीजल को लेकर के सबको आप सुमित जी आप आप जो ये भविष्यवाणी करते हैं इसका आधार क्या है क्या कैसे आपको महसूस होता है कि नहीं ऐसा होने वाला है ऐसा हो सकता है ऐसा घटित हो जाएगा ज्योतिषाचार्य की वजह से या कोई स्पिरिचुअल इंट्यूशन आपको मिलता है देखिए ज्योतिषाचार्य के अंदर इंट्यूशन का पावर होना चाहिए हम इंट्यूशन के साथ में शंकर जी का कृपा होना चाहिए क्योंकि कुंडली केवल गणना नहीं गणेश भी है।
हम उसके साथ में कुंडलियां अब देखिए इतनी जटिल जटिल कुंडली होती है। शायद इस तरह की कुंडली लोगों ने देखी नहीं होगी। मैं पढ़ पा रहा हूं। चाइना की कुंडली है। चाइना की कुंडली मैंने बनाई है। लेकिन हालांकि इस तरह से लोग कुंडली नहीं देखते होंगे।
जिसमें एक ही घर में जो नौ ग्रह होते हैं वो कई बार एक ही कुंडली में रिपीट भी होंगे। एक ही कुंडली में एक ही घर में दो-दो राशियां बैठी होंगी। इस तरह की कुंडली लोग यूजली नहीं देखते। मेरा थोड़ा सा अलग पद्धति है। थोड़ा क्या पूरा अलग पद्धति है। जितना बाकी ज्योतिषचार्य करते हैं उससे मेरा अलग है। क्योंकि मेरी जिस तरह की ज्योतिष पद्धति है। ये ताम्रपथ अंकित है जो अभी तक किताबों में नहीं है। तो सुमित जी मेरा सवाल आपसे कि अभी आप पेट्रोल डीजल को लेकर कई बातें कर रहे हैं। लेकिन देश के युवा इस समय जो है रेलबाजी में बड़ा बहुत फंसे हुए हैं। हम्। क्या हम आपको लगता है कि हमारे यहां एजुकेशन सिस्टम जो शिक्षा की पद्धति है वह धीरे-धीरे गड़बड़ हो रही है। बच्चे मोबाइल में ज्यादा रह रहे हैं। इंटरनेट की दुनिया में इतना ज्यादा वो व्यस्त हो गए हैं।
फिजिकल एक्टिविटी कर ही नहीं पा रहे हैं। कलयुग का स्वामी है ना राहु हम और राहु ये चीजें कराएगा। राहु इंटरनेट है। अब इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। इंटरनेट से वंचित रह भी नहीं सकते। युवाओं को यही कहूंगा कि कुछ प्रोडक्टिव करिए। आप इंटरनेट पर जाकर के आप थोड़ा प्रेरणा लीजिए कि ईलॉन मस्क का बचपन कैसा था। अगर इंटरनेट के जगत से ही उठाना है तो प्रेरणा लीजिए। बहुत सारे इंटरनेट पे एक से एक गीक हैं जो 11-11 साल के छोटे-छोटे बच्चे बहुत बड़ा धमाल मचा रहे हैं। टेक्नोलॉजी बना रहे हैं। नई-नई कंपनीज़ खड़ी कर रहे हैं। यूनिकॉर्न बना रहे हैं।
तो थोड़ा सा अगर लीक से हटके कुछ करना चाह रहे हैं तो इंटरनेट का बिल्कुल सहारा लीजिए और यह वर्ष आपको सपोर्ट भी करेगा। बृहस्पति अभी 2 जून को कर्क राशि में प्रविष्ट होंगे। कर्क [नाक से की जाने वाली आवाज़] राशि के बृहस्पति जबरदस्त राजयोग का निर्माण करेंगे जिसको कहते हैं हंस महापुरुष राजयोग और यह हंस महापुरुष राजयोग कई कई लोगों की कुंडली में इसका निर्माण होगा।
इसका निर्माण एक बहुत जबरदस्त संभवता लाएगा कि लोगों को इंटरनेट से बहुत फायदा होगा। जो भी डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में आना चाहते हैं। देखिए आप बहुत भविष्यवाणी करते हैं और एक मैं चाहूंगा आप भविष्यवाणी पहले से कर दीजिए क्योंकि 2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव होना है। क्या तीसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन पाएंगे या अखिलेश यादव या बहन जी मायावती को कहां खड़ा पा रहे हैं आप?
देखिए उत्तर प्रदेश में जो चुनाव होगा वहां पर जब मैंने आकलन करा था कुंडली बना करके तो मैंने यह देखा कि अखिलेश यादव जी की जो कुंडली है वो मंगल से रूल्ड है। हम्म और योगी आदित्यनाथ जी की जो कुंडली है वो नामतः जो है मंगल से रूल्ड नहीं हो रही। हम्म जिसके कारण क्या है कि योगी आदित्यनाथ जिसके कारण क्या है कि जब अखिलेश यादव जी की कुंडली का आकलन किया जाए तो उस अनुसार मंगल अप्रैल के आसपास में गोचर कुंडली में नीच का रहेगा।
और मंगल नीच का कहीं से अखिलेश यादव जी को सपोर्ट नहीं करेगा और योगी आदित्यनाथ जी वहां पर उनका पलरा भारी पड़ेगा जिसके कारण योगी आदित्यनाथ जी हमें पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दिखाई पड़ेंगे। बिल्कुल देखिए दर्शकों तीसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। हैट्रिक लगाएंगे। यह सुमिता आचार्य जी ने प्रेडिक्शन कर दिया है। भविष्यवाणी कर दिया।
इसको आप नोट करके रखिएगा। अगर सत्य होगा तो जरूर हम इनसे एक बार फिर से पडकास्ट के माध्यम से या चैनल के माध्यम से जुड़ेंगे। इनसे बात करेंगे। एक सवाल और जी सुमित जी आज के युवाओं को लेकर जी आप कैसे देख रहे हैं युवा की जो लाइफ स्टाइल है युवा की जीवन पद्धति है। आप भी एक युवा हैं और कैसे उनको उनसे आप इत अपने आप को समझते हैं और कैसे चीजों को सही किया जाए क्योंकि भारत विश्व गुरु बनेगा। भाई रील देख के तो विश्व गुरु बन नहीं सकता। ऐसे सोच में ख्वाबों में तो विश्व गुरु नहीं बन सकता। आपको इकोनॉमिक आपको हॉस्पिटिटी तमाम चीजों में क्षेत्रों में आपको विकास करना होगा।
तभी तो विकास हो पाएगा। तभी तो विश्व गुरु बन पाएंगे। भारत कहां इस चीज में आप खड़ा हो पा रहे हैं? अभी भारत का उन्नति का समय बड़ा अच्छा है। लेकिन इसके साथ में मैं यह देख पाता हूं कि 2025 के लिए 2026 के लिए कुछ भविष्य मैंने देखा है। जैसे अभी आने वाले समय में 16 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच में हम एक विमान हादसा ग्रस्त होता हुआ देखेंगे जिसमें नेता बैठे हो। अच्छा। और हम किसी बढ़िया नेता को विमान हादसा में खो सकते हैं।
इसके साथ ही 16 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच में औसतन दर से बढ़ जाएंगी विमान हादसाग्रस्त होने की रेट। यानी हर अगले दिन हम कोई ना कोई विमान हादसाग्रस्त होने का समाचार सुन रहे होंगे। लोगों को यह हिदायत ज्योतिषीय दृष्टिकोण से दिया जाता है कि विमान की टिकटें अपनी कैंसिल कराएं। 16 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच में विमान यात्रा ना करें। हम बार-बार विमान रिलेटेड दुर्घटना होने का संभावना बनता है। हम बारिश को लेकर मानसून को लेकर इस बार ये भविष्यवाणी की जा रही है।
वैज्ञानिक मनो मौसम विज्ञान का कहना है कि इस बार औसत से बारिश कम होगी। क्या आपको लगता है कि ऐसा होगा या हर बार की तरह इस बार भी भविष्यवाणी फेल हो जाएगी। देखिए मूलत अगर देखा जाए तो भारत के दक्षिणी प्रांतों में हमें लैंडस्लाइड आदि जैसी चीजें देखने के लिए मिलेंगी।
पश्चिमी प्रांतों में भी देखने के लिए मिलेंगी। यानी कि ऊंटी आदि साइड में लैंडस्लाइड आदि चीजें देखने के लिए मिलेंगी। तो गौरतलब है कि उधर बारिश का प्रभाव रहेगा। हम् लेकिन हमारे साइड में हमारा अह उत्तर प्रदेश के एरिया में बिहार के एरिया में औसत दर से कम वर्षा होने का संभावना ज्यादा है।
हालांकि वर्षा इस बार जल्दी शुरू हो रही है। इसके साथ में 16 जून से 14 जुलाई वाले ड्यूरेशन की कुछ भविष्यवाणियों पर नजर डाला जाए तो मुझे यह दिखाई पड़ता है कि जम्मू और कश्मीर के क्षेत्र में भारी विरोध, हिंसा और किसी प्रकार का जन विद्रोह दिखाई पड़ता है। यानी जनता विद्रोह करती हुई 16 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच में दिखाई पड़ती है जिसमें सैन्य संघर्ष यानी सेना भी एक्टिवेटेड होती हुई दिखाई पड़ेगी।
अच्छा एक सवाल सुमित जी और कि जो युवा स्ट्रगल कर रहे हैं और पैसा कमाने के लिए बहुत आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी है लेकिन वो मेहनत कर रहे हैं वो पैसा कमा नहीं पा रहे हैं और उनको समझ में नहीं आ रहा है कि अब क्या करें? इसको लेकर भी कोई उपाय है? उपाय को अगर देखा जाए धन संबंधित तो रात्रि के समय रात को सब युवा जागे रहते हैं।
तो रात के समय देवी माता का एक विशेष पूजा है। उसका मैं आपको बता देता हूं। किसी भी आसन पर बैठ जाइए। आसन नहीं है तो पॉकेट से रुमाल निकालिए। साफ सुथरा रुमाल एक अलग से रखिए। बैठ जाइए रुमाल के ऊपर और बैठकर के देवी माता का ध्यान करिए और कल्पना करिए कि आपके पास आज तक जो भी धन संपत्ति जो प्राप्त हुआ है सब देवी के चरण में चढ़ा रहे हैं। ऐसा कल्पना करिए कि देवी माता की मूर्ति के सामने आप बैठे हैं या उनके साक्षात स्वरूप के सामने बैठे हैं। उनके चरण में आप अपना सारा धन संपत्ति सब अर्पित कर रहे हैं और देवी माता ने अपनी तरफ से उसमें धन दिया है और जोड़ा है और आप वापस उस थाल को उस सोने से भरे थाल या चांदी से भरे थाल को वापस प्राप्त कर रहे हैं।
उनके दिव्य प्रसाद के रूप में ऐसा कल्पना करके और फिर उसके बाद महालक्ष्मी अष्टकम होता है। एक स्तोत्र होता है। उस उसमें आठ मंत्र का श्रृंखला है। उन आठ मंत्रों को पढ़ लीजिए। चाहे पूरा स्तोत्र इसका महालक्ष्मी अष्टकम का पढ़ लीजिए। आप देखेंगे दिन दुगनी रात चौगुनी दर से तरक्की करेंगे। लेकिन ध्यान रहे तीन-तीन महीने लगातार करना है। एक बार शुरू करेंगे तो एक भी दिन बीच में रुकना नहीं चाहिए। लगातार तीन महीने रात को 10:30 से 2:00 बजे के बीच में कभी भी कर लीजिए। कहीं भी कर लीजिए। कभी भी कर लीजिए।
बिल्कुल। आजकल कुछ लोग जो है सनातन को लेकर कई तरीके के प्रश्न करते हैं। सनातन और क्या आपको लगता है कि कहते हैं कि सनातन खतरे में है? क्या वास्तव में ऐसा हमारा धर्म इतना कमजोर तो हो नहीं सकता किसी के छूने से किसी को कुछ प्रवोक करने पर सनातन खतरे में हो सकता है। तो क्यों लोग इस तरह की भविष्यवाणी कर रहे हैं? सनातन खतरे में नहीं है।
सनातनी खतरे में है। सनातनियों के ऊपर आक्रमण किया जाता है। शिक्षा पद्धति में भी आक्रमण कर दिया गया है। हमारे एनसीईआरटी की किताब उठा करके पढ़ लीजिएगा। लिखा हुआ है कि हिंदू जो शब्द है हम लोग हिंदू धर्म के हैं और हिंदू जो शब्द है कहते हैं कि विदेशी आकंता जो थे वो सिंधु के इस पार हम रहते थे। तो सिंधु नहीं बोलते थे। हिंदू बोलते थे। इसलिए हिंदू नाम पड़ गया। इतना इतना नया नहीं है हिंदू धर्म।
हमारे शास्त्रों में लिखा है हिमालयं समराभ यावत सिंधु सरोवरम तम देव निर्मितम देशम हिंदू स्थानम प्रच्छते बृहस्पति अगम ग्रंथ में है और हिंदू, सिंधु, हिंदू तीनों को ऋग्वेद में पर्यायवाची बताके गौ भक्त बताया गया है। और हमारे अह महाभारत के भी अश्वभदिक पर्व में हिंदू का बार-बार उल्लेख आता है। कालका पुराण में हिंदव शब्द का उल्लेख है। तो एनसीआरटी किस हिसाब से पढ़ाता है कि हिंदू जो है विदेशी शब्द है। इस प्रकार से आक्रमण सूक्ष्म आक्रमण किया गया है।
पाई के बारे में हम पढ़ते हैं, पढ़ाया जाता है गृहस्थ से हो के आता है। तो नारद पुराण में जब हम लोग वृत्त का परिमाप निकालते हैं तो उसमें पाई कहां से आता है? 22 / 7 उसमें कहां से? बिलकुल बिलकुल। अच्छा एक बात देखिए आप आपने गौ शब्द आपके मुंह से निकला है तो अभी हाल ही में एक स्वर उठी है और ये स्वर हिंदुओं की तरफ से नहीं मुस्लिम पक्ष हिंदू तो करते रहते मुस्लिम पक्ष ने नमाज पढ़ने के बाद तुरंत ये कहा कि एक पोस्टर लिया और उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कर देना चाहिए। अगर क्या आपको लगता है कि ये भविष्यवाणी करिए।
तो आपको लगता है कि आने वाले समय में गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाएगा या राष्ट्रपशु घोषित किया जाएगा। ऐसा होगा राष्ट्रपशु हो जाएंगी गायक या सिर्फ किताबी बातें रह जाएंगी हवाहवाई रह जाएंगी नहीं बिल्कुल होगा और इसके लिए हम सभी खड़े हैं और अडिग इसके लिए खड़े हैं जो करना पड़े हम गौ रक्षा के लिए करेंगे और निश्चित है कि आगे आने वाले समय में गौ जो है वो राष्ट्र पशु घोषित होगी।
मैं एक बात और बताना चाहता हूं कि केवल भारत में नहीं मैं पाकिस्तान में भी मैंने गौ रक्षा के लिए काफी प्रचार करवाया है। अह हांगकांग में मैं था। वहां के विक्टोरिया हारबर में मैंने जैसे आपके साथ पॉडकास्ट कर रहा हूं। विक्टोरिया हारबर में भी मैंने पॉडकास्ट करा था और मैंने केवल गौ रक्षा के बारे में उसमें बात करा और दुनिया को बताया कि गौ रक्षा क्यों जरूरी है और गौ का दूध गौ का गौमूत्र क्यों आवश्यक होता है और इस बात को पाकिस्तानियों ने भी माना और आज पाकिस्तानियों के चैनल्स पर टॉप पर पिन कर करके रखा हुआ है और काफी ज्यादा प्रचार होता है। मिलियंस में भी हो गया है। बिलकुल। अच्छा एक बात और अभी हाल ही में देखा आपने कॉकरोच जनता पार्टी।
जी युवाओं अब कुछ लोग कह रहे हैं भाई युवाओं का आक्रोश लाइए ना पेन लाइए ना आप आप सवाल करिए तब तक मैं पेन लेकर के लाइव कुंडली बना रहा हूं कॉकरोच जनता पार्टी का। आप देखेंगे आजकल सब ज्योतिषचार्य को आप लगभग को देखते होंगे कि खूब फोन का कंप्यूटर का यूज़ करते हैं। सामने सामने कॉकरोच जनता पार्टी का कुंडली बनाऊंगा। बिलकुल देखिए काकरो जनता पार्टी के दर्शकों जो है वह कुंडली बन रहा है। सिंह लग्न सिंह लग्न का कुंडली बना है।
केतु सिंह लग्न में बैठ गए हैं और राहु बैठ गए हैं उनके सप्तम भाव में और 7 8 9 10 12 1 2 3 4 बृहस्पति और शुक्र का युति बना हुआ है। उनके एकादश भाव में ध्यान दीजिएगा। उनका बृहस्पति मिथुन राशि में बैठा हुआ है। हमेशा धर्म के विरुद्ध काम करेगा। कॉकरोच जनता पार्टी का यही यही कुंडली है। लग्न कुंडली बनाया है मैंने। 16 मई को वह पार्टी फॉर्म हुई थी।
तो 16 मई को सिंह लग्न में उनकी पार्टी बनी है और बृहस्पति उनका मिथुन में बैठा हुआ है। हमेशा धर्म के विरुद्ध काम करेगा। इस पार्टी को आगे मत आने दीजिएगा। एक चीज और देखिए इनके सप्तम सप्तम भाव में कुंभ राशि में राहु बैठे हुए हैं। मतलब पाप कर्म करने में और और कहते हैं कि जीत पाने के लिए यह कुछ भी कर सकते हैं। इनके दूसरे घर में इनके दशम भाव में बुध आदित्य योग का निर्माण हुआ है।
यानी कि अपने बातों को कह करके लाग लपेट फैलाने में बहुत कुशल हैं ये लोग। इसी यही सबसे बड़ा ये कारण है दशम भाव इनका कि बहुत जल्दी इनकी फैन फॉलोइंग दुनिया भर में फैल गई है और ये फैन फॉलोइंग होना इनका लेकिन लेकिन लेकिन लेकिन आचार्य जी एक बात और कि कॉकरोच को लेकर जब एक रिपोर्ट भी आया जितने कॉकरोच जनता पार्टी के लोग हैं इस वीडियो को आप देख लें और शेयर भी जरूर करें क्योंकि सुमिता आचार्य जी ने आपके भविष्य को लेकर भविष्यवाणी कर दी और एक बात और कि अच्छा जनता इतनी हल्की कैसे हो गई अरे सुभाष चंद्र बोस बोस से आप इंस्पायर नहीं हुए विवेकानंद से इंस्पायर नहीं हुए। कॉकरोच जनता पार्टी कल की आई पार्टी 2 दिन के अंदर आपकी आईडियोलॉजी को कॉकरोच जनता पार्टी ने चेंज कर दिया।
आप बड़े-बड़े महापुरुषों से इंस्पायर नहीं हो रहे। इनसे इंस्पायर हो जा रहे हैं। इनके स्टोरी लगा रहे हैं। इनके स्टेटस लगा रहे हैं। धार्मिक मंत्र इतने लगाता हूं मैं। रात के समय में रोज आपको 2:00 बजे रात को लाइव आके दुर्गा कवच सुनाता हूं। नहीं देखा आपने शेयर करा कभी? दुर्गा जी से प्यार नहीं। हनुमान जी से प्यार नहीं। आपको राम जी से प्यार नहीं। आपको ये कॉकरोच से प्यार हो गया। यह बात आपने बड़ी क्या युवा जा रहा है? किस डायरेक्शन में जा रहा है हमारे देश का जैनजी। अरे जैनजी ही थे वो सब सुभाष हमारे भगत सिंह जैन जी थे। हमारे खुदीराम बोस जिनजी थे। हमारे छत्रपति संभाजी महाराज हमारे देश की जमीन को बचाने के लिए खाल उधड़वा करके अपने शरीर पर नमक लगवाया था और आंखें गर्म सलाखों से निकलवा ली थी। लेकिन देश की भूमि का टुकड़ा भी जाने नहीं दिया था। वो भी जंजीर थे।
आप लोगों अभी के जनरेशन को कहते हैं ना वो युवा बहुत युवा थे। जेएनजी वाले अभी वाले जनरेशन को कहते हैं। जेनजी नहीं युवा मैं ऐज ग्रुप की [हंसी] बात कर रहा हूं। आप ही केज ग्रुप के थे वो वो [गला साफ़ करने की आवाज़] आप जनरेशन भले आप जनरेशन उस समय जनरेशन जी नहीं थे लेकिन हां हमारे बहुत ही पूजनीय है और बहुत श्रद्धा के साथ और बहुत रिस्पेक्ट के साथ जो सुमित जी ने नाम लिया है वो नाम है लेकिन एक बात और आचार्य जी आजकल [नाक से की जाने वाली आवाज़] के युवा और आजकल के बच्चे बड़े जल्दी बहुत टेंडर होते हैं। बहुत इमोशनल होते हैं।
फिल्मी होते जा रहे हैं। क्या देखिए इमोशनल हो रहे हैं बच्चे और बच्चों से लेकर के बीमारियां भी 2026 में हमें काफी देखने के लिए मिलेगी। 2026 और 2027 का समय बच्चों को लेकर के अच्छा नहीं है। बच्चे बीमार भी बहुत पड़ेंगे और बच्चे गलत कदम भी उठा सकते हैं। बहुत ज्यादा दबाव बच्चों के ऊपर नहीं डालना है। बच्चों को लेकर के काफी अन्याय होता हुआ भी हमें दिखेगा। खराब समाचार बच्चों से संबंधित हमें बार-बार दिखेगा।
यह जो नीट का पेपर लीक हुआ है ऐसी जो चीज है यह एक बार और इसी 2026 में हमें देखने के लिए मिलेगी पेपर लीक जी एक बात और लोग कहते हैं कि ₹10 का डायपर लीक नहीं हो रहा है लेकिन नीट के पेपर लीक हो जा रहा है बार-बार लीक हो रहा है युवाओं के भविष्य के साथ बहुत खिलवाड़ हो रहा है उस क्या हमारे देश के युवा इसी तरीके से नीट को लेकर परीक्षा को लेकर जिस तरीके से पेपर लीक को लेकर बहुत सवाल उठ रहे हैं। युवा कह रहे हैं भैया क्यों हमारे साथ ऐसा हो रहा है?
साल साल भर हम पढ़ रहे हैं। गरीबी का आलम देख रहे हैं। कुछ तो ऐसे परिवार वाले खेत बेच देते हैं। मां की गहने बेच देते हैं। पता चला यहां पेपर लीक हो जा रहा है। क्या यही भविष्य है क्या? बताइए ये भी है साथ में यह भी है कि जिन लोगों ने पेपर लीक किया है उन लोगों को पकड़ के उनका ऑपरेशन करवाइए और ऑपरेशन करा करके उन्हीं डॉक्टरों से कराइए।
तभी जाकर के वो जो छुरा और पलाश और और उनका जो कैंची है उनके पेट में डाल के सिल देंगे। वापस छोड़ देंगे। पेट के अंदर भूल जाएंगे। वैसे ही डॉक्टर निकलते हैं जिनका पेपर लीक होने से जो डॉक्टर बनते हैं वो ऐसी हरकतें करते हैं। नहीं एक बात मैं ये भी समझना चाहता हूं कि इस देश में कई ऐसे क्योंकि ये बहुत गंभीर विषय है तो इसमें गंभीरता से हम एक बार बात कर लेते हैं। आपने छात्रों की बात कही है तो छात्र देखेंगे और आप युवा हैं और समझते होंगे कि बेरोजगारी हमारे देश में एक बहुत बड़ा अभिशाप है।
या किसी भी देश के लिए बेरोजगारी अभिशाप है। युवा ये चाहता है कि भाई उसको नौकरी मिले वो पढ़ाई करता है। उसमें दो तरीके के स्टूडेंट होते हैं। एक तो बहुत धना परिवार से आते हैं। और एक गरीब परिवार से गरीब तो अपना पढ़ाई करेगा उसको नहीं मतलब iPhone से नहीं मतलब उसको टीवी से उसका मतलब है कि हम पढ़े पास हो परिवार की गरीबी दूर हो लेकिन ऐसे छदम भेष में बैठे लोग जो युवाओं के भविष्य के साथ खेल रहे हैं उनका भविष्य कैसा है देखिए मूल रूप से देखा जाए ना तो ये कलयुग का राहु प्रधान है और राहु प्रधान है तो ऐसे ही तिगड़ खूब देखने के लिए मिलेगा दुनिया में और खूब पाप देखने के लिए मिलेगा जो अधिकारी है उस उसके जो जो उस चीज चीज का अधिकारी है उसको वह अधिकार प्राप्त नहीं होगा और जो अनाधिकारी है जो उस लायक नहीं है उसको वह अधिकार जाकर के प्राप्त हो जाएगा। ऐसीऐसी चीजें तो हमें देखने के लिए मिलेंगी और लेकिन इसके साथ मैं जरूर कहूंगा युवाओं से नौकरी को लेकर के समय ठीक नहीं है। अगर आप सरकारी नौकरी के लिए प्रयत्न करते हैं या फिर किसी इस तरह की प्रोफेशनल चीजों के लिए प्रयत्न करते हैं। मैं तो कहूंगा कि भारत के जेंजी को एंटरप्रेनोरियल माइंडसेट की तरफ चलना चाहिए।
बिजनेस करना चाहिए सबको। सोचिए भारत इतना बड़ा देश और अगर सारे बिजनेसमैन खड़े होंगे, बड़े-बड़े टकून खड़े होंगे, पूरी दुनिया हम लोग 1.4 बिलियन है और पूरी दुनिया 7 बिलियन की है। 6 बिलियन हमारे पास वर्कर खड़े हैं। भारत के युवाओं को खड़ा होना पड़ेगा और 6 बिलियन लोगों को वर्कर बनाना पड़ेगा। लेकिन सुमित जी अह बिजनेस के लिए पैसे चाहिए। जिनके पास पैसे नहीं है। परिवार किसी तरीके से दो वक्त की रोटी निकाल पाता है। बिजनेस में पूंजी चाहिए।
कहां से लेके आएंगे पूजी? कहां बिजनेस में पूंजी और पैसा चाहिए होता है? बिजनेस में अगर आपके पास आईडिया अच्छा है, स्ट्रेटजी अच्छा है तो बिजनेस किया जा सकता है। उदाहरण के रूप में अगर आप एक कंपनी सेटअप ही करते हैं जो एंप्लाइजस होते हैं उनको सैलरी कब देनी पड़ती है? 45 दिन पर देनी पड़ती है। 15 दिन का ओल्ड रहता है। तो यानी कि महीना के एंड में आपको सैलरी देना है और 1 महीना काम जो करवाएंगे ऐसा तो नहीं है कि निठल्ला बैठे रहेंगे। सब काम करेंगे और काम करेंगे तो पैसा निकलेगा।
जज़ी काम नहीं करना चाहती। कोई नहीं चाहता। 2 घंटा 3 घंटा से ज्यादा कोई काम ही नहीं करना चाहता। अरे आठ घंटा आप किसी और के लिए 10 घंटा किसी और के लिए जो देना चाहते हैं 10 घंटा एक बार अपने लिए निकाल के देखिए आप डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में 10 घंटा अगर आप प्रतिदिन पॉडकास्ट के लिए समय निकाले या 10 घंटा प्रतिदिन आप अपने बिजनेस में किसी को कन्विंस करने के लिए समय निकाले 10 घंटा प्रतिदिन आप कांटेक्ट बना रहे हैं कौन कौन आपको रोक लेगा बड़ा से बड़ा टैकून कंटेंट की बात आप कह रहे हैं कुछ लोग ऐसे होते हैं कह रहे हैं भैया हम बहुत रील बनाते हैं बहुत मेहनत कर रहे हैं डिजिटल बढ़ने के लिए वो वायरल ही नहीं हो पाते अब सब सुमित आचार्य नहीं हो जाएंगे ना तुरंत वायरल हो जाएंगे। उनको पता ही नहीं है कैसे सुमित आचार्य तुरंत वायरल नहीं हुए हैं।
सुमित आचार्य को सुमित आचार्य की कहानी बहुत लंबी है। सुमित आचार्य ने डोर टू डोर तक सेल तक करा हुआ है चीजों को। सुमित आचार्य ने लेकिन कभी किसी के नीचे नहीं काम किया। सुमित आचार्य ने अपनी कंपनी सेटअप करी और टोटल 17 कंपनियां सेटअप करी। जीरो से स्टार्ट किया। सुमित आचार्य ने बड़े-बड़े टॉप एंड इंजीनियरिंग कॉलेजेस में एज अ रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट पढ़ाया भी। सुमित आचार्य ने 75 से अधिक आविष्कार किए। 16 से 18 घंटे तक पढ़ाई करता था और टॉप टॉप लेवल में साइंस में नाम रहा है। किताबें पांच लिखी हैं। रिसर्च पेपर लिखे हैं। सारी एक्सपीरियंस गेन करी है।
तब जाकर के आपके सामने बैठा हूं। इतनी कम उम्र में इतना काम आपने कर लिया। मैं ये इंडिया का वन ऑफ द यंगेस्ट रिसर्चर काउंट होता था। सातवीं क्लास में मैंने आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के ऊपर अपना खुद का रिसर्च दिया था जो कि इंटरनेशनल जनरल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूरोप में पब्लिश हुआ था। जब मैं 10वीं में आया था तो मेरा रिसर्च पेपर पब्लिश हो गया था और तब मेरे पीछे मीडिया दौड़ती थी। उसके लिए मैंने मेहनत कराया। कोई मेरा कोई साइंटिस्ट वाला पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं। मुझे बस एक ही याद है जो सिद्धांत e = एमc स्क्वायर यही था ना? ई बराबर एमc स्क्वायर नहीं होता। e = dmc² होता है। और जो d होता है वो डिफरेंस इन मास को डिनोट करते हैं। इसको कहते हैं m2 – m1/ 1 – v² / c² ये होता है एक्चुअल फार्मूला। बिल्कुल। अच्छा ये आइंस्टीन का ये फार्मूला है। चलिए चलिए दर्शकों और हमारे जो दर्शक हैं वो भी समझ लें कि e बराबर डीएमसी स्क्वायर होता है और डीएमसी स्क्वायर क्या होता है वो समझ ले।
अब हम चलते हैं रैपिड फायर की तरफ बढ़ेंगे। तो सुमित आचार्य जी जैन जी आलसी जैन जी को आलसी आप समझते हैं स्मार्ट वर्कर समझते हैं क्या हो गए हैं स्मार्ट वर्कर होते जा रहे हैं और बड़े-बड़े इनोवेशन करेंगे तो ज करेंगे भारत का भविष्य क्या है भारत के भविष्य में मैं ना अब कुछ पॉइंटर दे देता हूं आपको फटाफट से 2000 2026 का भविष्य आगे का थोड़ा बता देते हैं 15 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 के बीच में बड़े-बड़े स्कैम भारत में एक्सपोज होने वाले हैं।
अचानक से एक छोटी सी अवधि में बड़े-बड़े स्कैम एक्सपोज होंगे। बड़े-बड़े नेताओं के नाम उसमें आएंगे। जैसे एस्टिन फाइल रिलीज हुआ जनवरी में बड़े-बड़े नाम आए थे। बहुत बड़ा स्कैम था। वैसा ही स्कैम का एक बड़ा तांडव शुरू हो गया। 15 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 के बीच में महाराष्ट्र में होने का योग है। दिल्ली में आतंकी गतिविधि का योग है जिसमें गतिविधि करने वाले पकड़े जाएंगे। ऐसा भी योग दिखाई पड़ता है।
यूपी में योगी या अखिलेश योगी जी। चलिए ठीक है। बहुत-बहुत शुक्रिया सुमित जी। आपने तमाम सवालों का बहुत बेबा बेबाकी से जवाब दिया। अब देखिए जिनजी भी समझ गई होंगी और आज की जनरेशन के विषय में हर एक सवाल हमने सुमित जी से पूछ लिया।