अमिताभ बच्चन ने 2 नवंबर तड़के 3:53 पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया। उनके एक पोस्ट और मीडिया की एक हेडलाइन के बीच ऐसा विवाद हुआ कि बॉलीवुड के शहंशाह ने सीधे पत्रकारों को ही निशाने पर ले लिया। अमिताभ बच्चन का आरोप है कि उनकी बातों का मतलब बदलकर पेश किया जा रहा है। जिस बात को उन्होंने भगवान कृष्ण की प्रार्थना के तौर पर लिखा उसे मीडिया ने उनके विरोधियों को दी गई चुनौती बना दिया।
दरअसल अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वह अपने ब्लॉग और एक्स पर अक्सर अपनी जिंदगी, काम और पुरानी यादों से जुड़ी बातें शेयर करते रहते हैं। 29 अक्टूबर को भी उन्होंने एक ब्लॉग लिखा। इसमें उन्होंने हाथी, घोड़े का जिक्र करते हुए लिखा था, ले आओ अपने हाथी, घोड़े हम भी ले आएंगे। हाथी, घोड़ा, पाल की जय कन्हैया लाल की। आरोप है कि इस लाइन को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमिताभ बच्चन अपने विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं। यह भी कहा गया कि अमिताभ बच्चन ने विरोधियों की धमकी पर तंज कैसे क्रिप्टिक पोस्ट लिखकर भड़ास निकाली। बस यही बात अमिताभ बच्चन को पसंद नहीं आई।
1 नवंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। अमिताभ ने कहा कि हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की भगवान कृष्ण के लिए बोली जाने वाली प्रार्थना है। इसका किसी विरोधी को चुनौती देने से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि कुछ लोग इस धार्मिक पंक्ति का मतलब बदलकर अपनी खबरों को प्रचारित कर रहे हैं। अमिताभ के मुताबिक ऐसा करके ना सिर्फ उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया बल्कि भगवान कृष्ण के नाम से जुड़ी प्रार्थना का भी अपमान हुआ है। इसके बाद अमिताभ ने अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स का जिक्र कर धमकी भी दी। उन्होंने लिखा कि उनके करीब 50 मिलियन यानी कि 5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। इनमें से मेरे इशारे पर 10% ठोकने के लिए तैयार बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा उनके शब्दों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाएगा उनके फॉलोअर्स की प्रतिक्रिया देने की क्षमता उससे 100 गुना ज्यादा हो जाएगी। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वह पहले खुद को पीड़ित बताने वाले थे।
लेकिन फिर उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका कहना था कि उनकी तकलीफ पर बोलने का अधिकार सिर्फ उनका है। मीडिया को उनकी निजी भावनाओं को अपने हिसाब से पेश नहीं करना चाहिए। इस पूरे विवाद के बीच अमिताभ बच्चन की सुरक्षा भी चर्चा में है। हर रविवार की तरह इस बार भी अमिताभ अपने मुंबई वाले घर जलसा के बाहर जमा हुए फैंस से मिलने पहुंचे, लेकिन इस बार नजारा थोड़ा अलग था। अमिताभ फैंस के सामने तो आए लेकिन एक पारदर्शी ट्रांसपेरेंट बुलेट प्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी उनके साथ मौजूद थे।
दरअसल 23 अक्टूबर को मुंबई पुलिस को एक ईमेल मिला था। इसमें अमिताभ बच्चन के घर जलसा को बम से उड़ाने [संगीत] की धमकी दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने सिक्योरिटी बढ़ा दी। घर के आसपास ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यानी एक तरफ अमिताभ बच्चन की सिक्योरिटी को लेकर चिंता है तो दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर उनका गुस्सा सामने आया है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर संबंधित संस्थान की तरफ से कोई जवाब आता है या नहीं।