अमिताभ को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं। उन्होंने अब तक सफलता और सम्मान इतना कमाया की छोटे बच्चो से लेकर बूढ़े तक उन्हें जानते है लेकिन फिर भी अमिताभ बार अपने निजी जीवन में दर्द का जिक्र करते है।
इस बार उन्होंने अपनी एक अधूरी ख्वाहिश के बारे में बात की है। अजीब है ना की अमिताभ जिनके पास इतनी सफलता हो उनकी कोई ख्वाइश अधूरी हो? लेकिन ये सच है।
उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से संगीत सीखने और अलग-अलग वाद्य यंत्र बजाने की इच्छा थी, लेकिन यह सपना अब तक अधूरा ही रह गया.यह खुलासा ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के एपिसोड में हुआ. शो के दौरान कंटेस्टेंट और कंटेंट क्रिएटर कृतज्ञ नय्यर ने अमिताभ बच्चन के साथ ‘दिस और देट’ गेम खेलने की इच्छा जताई. कृतज्ञ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि देश में अमिताभ बच्चन से बड़ा कंटेंट क्रिएटर कोई नहीं है और उनके साथ गेम खेलने से वह एक रील भी बना पाएंगे और कुछ फॉलोअर्स भी बढ़ जाएंगे।
इसी दौरान कृतज्ञ ने अमिताभ से पूछा कि वह अपने अतीत का कोई दिन दोबारा जीना चाहेंगे या फिर ऐसा दिन अनुभव करना चाहेंगे, जो उन्होंने अब तक नहीं जिया लेकिन हमेशा से जीने की इच्छा रही है.उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में इतनी घटनाएं हुई हैं कि यह तय करना मुश्किल है कि कौन-सा दिन दोबारा जीना चाहेंगे. लेकिन उन्होंने बताया कि संगीत सीखना उनके उन सपनों में से एक है, जो अब तक पूरे नहीं हो सके।
अमिताभ ने कहा कि उन्होंने कभी संगीत नहीं सीखा, जबकि उन्हें इसकी बहुत इच्छा थी. वह जब लोगों को सितार, हारमोनियम जैसे वाद्य यंत्र बजाते या गायकों को शानदार गाते देखते हैं तो उन्हें दुख होता है. वह सोचते हैं कि लोग इतना अच्छा कैसे गा लेते हैं, क्योंकि उन्होंने खुद कभी इसे सीखा ही नहीं.
उन्हे आशा थी कि इसे सीखने का एक दिन जरूर आएगा लेकिन उनकी उम्र 84 साल हो गई है और फिर भी उन्हें संगीत नहीं आया. यही बात उन्हें सबसे ज्यादा दुख देती है.