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अरबपतियों की डील !अंबानी से मार्क जुकरबर्ग ने जाहिर की चौंकाने वाली इच्छा।

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दुनिया के दो बड़े अरबपतियों के बीच एक डील हुई है। यह अरबपति हैं मार्क ज़करबर्ग और मुकेश अंबानी। इन दोनों के बीच एक ऐसी डील हुई है जो भारत में एआई सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है। ज़ब्र्ग की मेटा प्लेटफॉर्म्स और मुकेश अंबानी की Reliance Industries के बीच हुई डील में Reliance 168 मेगावाट का डाटा सेंटर बनाएगी।

यह डाटा सेंटर 2 साल में तैयार होगा जिसे मेटा लीस्ट पर लेगी और इसमें क्षमता बढ़ाने का भी ऑप्शन होगा। मेटा प्लेटफॉर्म्स और Reliance Industries के बीच हुई डील। डील के तहत 168 मेगावाट का डाटा सेंटर बनाएगी Reliance।

डाटा सेंटर को लीज पर लेगी मेटा। यह भारत में मेटा के लिए खासतौर पर तैयार किया गया यानी बिल्ट टू बिल्ट पहला डाटा सेंटर होगा।

यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के ग्लोबल हब के तौर पर भारत के उभरने की दिशा में एक अहम कदम है। यह नई डील मेटा के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और Reliance के साथ उसकी पुरानी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

यह पार्टनरशिप दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल मार्केट में कनेक्टिविटी, कॉमर्स और एआई इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में फैली हुई है।

नया डाटा सेंटर मेटा के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगा और इसके मुख्य बिजनेस और एआई कंप्यूटिंग की जरूरतों को पूरा करेगा। साथ ही यह दुनिया के डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

मेटा के लिए काफी अहम होगा नया डाटा सेंटर। एi कंप्यूटिंग की जरूरतों को करेगा पूरा। मेटा के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा सपोर्ट। इस समझौते के तहत Reliance डाटा सेंटर के पूरे लाइफ साइकिल के दौरान शुरू से आखिर तक यानी एंड टू एंड सभी सर्विज देगी।

जिसमें डिजाइन और कंस्ट्रक्शन से लेकर यूटिलिटीज का मैनेजमेंट, रिन्यूएबल पावर सप्लाई, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूरी तरह से मैनेज की जाने वाली ऑपरेशनल सेवाएं शामिल हैं। इससे Reliance भारत में हाइपर स्केल एआई इंफ्रा के लिए सिंगल विंडो सॉल्यूशन प्रोवाइडर बन जाएगी। गुजरात में स्ट्रेटेजिक लोकेशन बड़े पैमाने पर इस डाटा सेंटर को चलाने के लिए कई बड़े फायदे प्रोवाइड करेगी।

जैसे कि डिलीवरी की क्षमता, रिन्यूएबल एनर्जी, पानी की उपलब्धता और भारत के पश्चिमी सबमरीन केबल लैंडिंग स्टेशनों के पास होना और Jio का बड़ा फाइबर नेटवर्क भी। यह डाटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगा।

इसके लिए खारे पानी को मीठा बनाया जाएगा और उसी पानी का यूज इसे कूल करने के लिए किया जाएगा। नया डाटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगा। कूलिंग के लिए होगा समुद्र के पानी का इस्तेमाल।

खारे पानी को बनाया जाएगा मीठा। बता दें कि Reliance और मेटा के बीच हुई यह साझेदारी भारत सरकार की प्राथमिकताओं के मद्देनजर अहम है जो डाटा सेंटर्स को स्ट्रेटेजिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मानती है और भारत में ग्लोबल एआई इंफ्रा निवेश को आकर्षित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म पॉलिसी फ्रेमवर्क पेश करती है।

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