ताज नगरी आगरा में गली-गली यह चर्चा है माऊ लापता है। उसे जिसने भी खोज लाया उसका 500 का इनाम पक्का है। जी हां, आगरा में एक तोते की तलाश ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर [संगीत] खींच लिया है। एक परिवार अपने लापता पालतू तोते माऊ को वापस पाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। मामला इतना खास है कि परिवार ने शहर में बाकायदा होर्डिंग लगवा दिए हैं।
आगरा के बोधला चौराहे पर लगी इस होर्डिंग में लिखा है लापता तोता माओ की जानकारी देने वाले को ₹500 का इनाम। तोते की तलाश में परिवार ने सोशल मीडिया से लेकर शहर के कोने-कोने तक अभियान छेड़ दिया है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समूचे आगरा में इस खबर की चर्चा है और हर कोई माऊ को तलाश रहा है। दरअसल यह कहानी आयकर अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह के परिवार की है। सुनील के मुताबिक करीब 1ढ़ साल पहले 15 मार्च 2025 को माऊ उन्हें घायल हालत में मिला था। मेंटल असाइलम रोड पर पेड़ से गिरा यह तोता जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। परिवार उसे डॉक्टर के पास ले गया। इलाज कराया और फिर उसे अपने घर ले आया।
धीरे-धीरे माऊ परिवार का हिस्सा बन गया। खास बात यह है कि माऊ को कभी पिंजरे में कैद नहीं किया गया। वह घर में आजाद रहता था और परिवार के साथ कहीं भी आता जाता था। सुनील सिंह बताते हैं कि माऊ सिर्फ बोलने वाला पक्षी नहीं था बल्कि घर का सदस्य था। परिवार के लोगों के नाम पहचानता था और घर आने जाने वाले मेहमानों से भी घुल मिल जाता था। लेकिन 13 जुलाई की दोपहर करीब 4:30 बजे अचानक कुछ ऐसा हुआ कि परिवार परेशान हो गया। माऊ उड़कर आवास विकास कॉलोनी सेक्टर चार की तरफ चला गया और फिर वापस घर कभी नहीं लौटा।
परिवार ने उसकी पहचान के लिए उसकी चोंच और पंखों पर मौजूद काले धब्बों की जानकारी भी साझा की है ताकि किसी को कोई गलतफहमी ना हो। इधर माऊ के जाने से परिवार में मायूसी छा गई है। सुनील की पत्नी ममता सिंह का कहना है कि सुबह बच्चे जब पढ़ने बैठते थे तो माऊ उनके कंधे पर बैठ जाता था। उसके बिना घर सुना-सूना लग रहा है। बच्चे माऊ को याद कर बेचैन हो रहे हैं। बेटी ने तो खाना पीना ही [संगीत] छोड़ दिया। अब परिवार को उम्मीद है कि कोई माऊ को पहचान कर वापस घर पहुंचाएगा और शायद ₹500 के इनाम से ज्यादा बड़ी खुशी होगी परिवार के सदस्य के लौट आने की। एबीपी गंगा खबर आपकी जुबां आपकी