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इंडस्ट्री में छाया मातम, बॉलीवुड एक्टर की कैं!र से हुई मौ!त,नाम चौंका देगा।

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एक मशहूर एक्टर ने बॉलीवुड छोड़ दिया, आश्रम में शरण ली, और चमकता-दमकता करियर अपने पीक पर छोड़ दिया। कैंसर ने उसकी जान ले ली। फैंस गहरे सदमे में रह गए। उसका परिवार बिखर गया और टूट गया। उसके आखिरी पलों की कहानी सुनकर अपनों की आंखें नम हो गईं।बॉलीवुड में सुपरस्टार बनना हर एक्टर का सपना होता है। नाम, शोहरत, पैसा और ऐसी जिंदगी जिसके लाखों लोग सपने देखते हैं।

लेकिन अगर कोई एक्टर अपने करियर के शिखर पर पहुंच कर इस सारी चमक-दमक को छोड़ दे, करोड़ों की दौलत और स्टारडम को पीठ दिखा दे और आश्रम में माली बन जाए, तो यकीन करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन बॉलीवुड के एक सुपरस्टार ने सच में ऐसा किया था।यहाँ हम बात कर रहे हैं विनोद खन्ना की। एक समय था जब विनोद खन्ना की गिनती बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में होती थी।

लोग उनकी हर चीज – उनकी एक्टिंग, उनके स्टाइल और उनकी पर्सनालिटी के दीवाने थे। 70 के दशक में विनोद खन्ना का करियर अपने चरम पर था। उनके पास फिल्में थीं, स्टारडम था और आगे एक शानदार भविष्य था। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में ओशो की एंट्री हुई और विनोद खन्ना ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सब कुछ बदल दिया।विनोद खन्ना आध्यात्मिक गुरु ओशो से काफी प्रभावित हो गए थे। धीरे-धीरे उनका झुकाव अध्यात्म की तरफ बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला कर लिया। जिस समय दूसरे कलाकार अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, विनोद खन्ना ने अपने बनाए हुए फिल्मी करियर को छोड़ दिया। वह पुणे में ओशो के आश्रम में रहने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां एक आम शिष्य की तरह काम भी किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनोद खन्ना आश्रम में माली का काम करते थे। वह वहां बाथरूम साफ करते थे और लोगों के जूठे बर्तन भी धोते थे।लगभग 10 साल तक विनोद खन्ना फिल्म इंडस्ट्री से लगभग पूरी तरह दूर रहे। इसका उनकी पर्सनल लाइफ पर गहरा असर पड़ा। विनोद खन्ना के दोनों बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना उस समय छोटे थे। कहा जाता है कि उन्हें स्कूल में अपने पिता को लेकर ताने भी सुनने पड़ते थे। लोग कहते थे कि उनके पिता किसी संत के साथ चले गए हैं। दूसरी तरफ, उनकी पत्नी गीतांजलि यह दूरी ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाईं। आखिरकार उनका रिश्ता टूट गया और उनका तलाक हो गया।समय बीतता गया। फिर एक वक्त आया जब विनोद खन्ना ने ओशो का आश्रम छोड़ दिया और बॉलीवुड में वापसी की। लेकिन अब चीजें पहले जैसी नहीं थीं। फिर विनोद खन्ना ने एक बार फिर खुद को दोबारा बनाया। उन्होंने 1987 में फिल्म ‘इंसाफ’ से बॉलीवुड में वापसी की और गौर करने वाली बात यह थी कि उनकी वापसी भी शानदार रही। उन्होंने फिल्मों में अपनी दूसरी पारी खेली।इस दौरान उनकी जिंदगी में एक बार फिर प्यार ने दस्तक दी। विनोद खन्ना ने कविता से शादी की।

साथ में उन्होंने अपना परिवार बसाया। उनके दो बच्चे हुए, बेटा साक्षी खन्ना और बेटी श्रद्धा खन्ना। लेकिन जिंदगी ने आखिरकार विनोद खन्ना को एक और मुश्किल दौर से गुजरने पर मजबूर कर दिया। वह कैंसर की चपेट में आ गए। बीमारी के आखिरी दौर में उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया था। 27 अप्रैल 2017 को यह दिग्गज अभिनेता हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गया।

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