घर बिका, सपने टूटे। एक्टर रातों-रात कंगाल हो गया, सगे भाई से भी मदद नहीं मिली। एक फैसले ने बदल दी जिंदगी। एक्टर ने पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपना दर्द साझा किया। दर्दनाक कहानी सुनकर फैंस परेशान हो गए।एक्टर ने अपना वो घर बेचकर सब कुछ दांव पर लगा दिया था जिसे कभी अपना ड्रीम होम मानता था, लेकिन अचानक लगे एक झटके ने उसकी सारी जमा-पूंजी खत्म कर दी, और उसका सपनों का घर हाथ से निकल गया। हम बात कर रहे हैं एक्टर-डायरेक्टर राजू खेर की, जो बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर के छोटे भाई हैं।
राजू ने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन पर भी काम किया है। लेकिन वे अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में ज्यादा बात करते हुए कभी नजर नहीं आते। हालांकि, हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जिंदगी के एक ऐसे दौर का जिक्र किया जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया था।राजू ने बताया कि एक समय था जब उन्होंने अपनी पूरी बचत एक चैनल के प्रोग्राम में लगा दी थी, और अचानक सब कुछ बदल गया, जिससे वे गहरे आर्थिक संकट में फंस गए।राजू खेर ने कहा कि उस समय एक नया चैनल लॉन्च हो रहा था, और बड़े-बड़े नाम उसमें पैसा लगा रहे थे। मुझे भी लगा कि यह एक बहुत अच्छा मौका है और मैंने खुद का एक प्रोग्राम बनाने का फैसला किया।
इस प्रोग्राम का नाम था ‘लाइफ के लिए कुछ भी करेगा’। मुझे उम्मीद थी कि अगर यह शो सफल हो गया तो मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी। मैंने अपनी सारी उम्मीदें इस प्रोजेक्ट पर टिका दी थीं। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।>> एक्टर ने आगे बताया कि >> मैंने अपना घर बेच दिया। मेरा सपना था एक नया 4BHK घर खरीदने का। जहां परिवार के हर सदस्य का अपना कमरा हो और जिंदगी आराम से चले। लेकिन इसी बीच वो चैनल अचानक गायब हो गया। मैंने घर बेचकर जो पैसा मिला था वो इस प्रोग्राम में लगा दिया था।
चैनल बंद होने के बाद मेरे सामने सबसे बड़ा सवाल था: अब क्या होगा? जिस घर का मैंने सपना देखा था उसके लिए पैसा कहां से आएगा, और मैं अपनी जिंदगी को वापस कैसे पटरी पर लाऊंगा?इस मुश्किल समय में राजू ने सबसे पहले अपने बड़े भाई, अनुपम खेर के बारे में सोचा। उन्हें लगा कि वो मेरा भाई है। शायद इस संकट में वो मेरी मदद करेगा। लेकिन यहां भी कहानी ने एक और मोड़ ले लिया। राजू के मुताबिक, अनुपम खेर के पास भी उस समय पैसे नहीं थे, और उन्होंने काम करना भी बंद कर दिया था। राजू को उस समय लगा कि शायद उनका भाई उनकी मदद नहीं करना चाहता।
लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने अपने भाई की मजबूरी को नहीं समझा था।एक्टर ने बताया कि एक दिन वह रेस्ट रूम में बैठकर एक मैगजीन पढ़ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर अनुपम खेर के एक बयान पर पड़ी जहां उन्होंने कहा था कि काश उनका भी अपना एक बच्चा होता। इसे पढ़कर राजू के अंदर कुछ बदल गया। उन्हें एहसास हुआ कि वे हमेशा सिर्फ अपनी ही परेशानियों और जरूरतों के बारे में सोचते रहे हैं। लेकिन उन्होंने कभी यह समझने की कोशिश नहीं की कि उनके भाई की जिंदगी में क्या चल रहा है।