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फ्लाई दुबई हादसे पर पूछताछ में ओमान पायलट ने उगला वो सच..दुनिया हैरान!

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दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हमला करके विमान गिराने की कोशिश करने वाले कट्टरपंथी को पायलट पर दुनिया भर में गुस्सा है। अब इस कट्टरपंथी को लेकर ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि जो आपको भी हिला कर रख देंगे। आपको बताऊंगा कि भारतीय पायलट पर हमला करने वाले को पायलट कौन है और उसने पूछताछ के दौरान क्या कुछ सच उगला है। इसकी जिहादी मानसिकता वाली सारी कुंडली आपके सामने रखूंगा।

साथ ही इस कट्टरपंथी के आतंकी कनेक्शन के बारे में भी आपको बताऊंगा और आखिर में बताऊंगा कि गुस्से में इजराइल के पीएम नेतन याू ने क्या बड़ा ऐलान किया है कि मुस्लिम देशों में हड़कंप मच गया है। कहते हैं कि इतना बड़ा खतरा बाहरी ताकतों से नहीं होता है बल्कि उन लोगों से होता है जिन पर आप भरोसा करते हैं। मगर असल में वो जहरीले नाग होते हैं। कब कहां आपको डस लें कह नहीं सकते। और ये गद्दार सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। वैसा ही गद्दार दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश करने वाला निकला।

सोचिए अगर भारतीय कैप्टन की जगह कोई और होता तो क्या वो ऐसी बहादुरी दिखा पाता? क्या वो जिहादी के चाकू के वार सहते हुए भी विमान को बड़े हादसे से बचा पाता शायद नहीं। इसलिए आज पूरी दुनिया भारतीय कैप्टन स्मिथ की बहादुरी को सलाम कर रही है। ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाला जिहादी को पायलट कौन है? अब इसको लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। दरअसल विमान गिराने की कोशिश करने वाले को पायलट की पहचान ओमान के हमाम अलहमामी के रूप में हुई है। जांच में इस कट्टरपंथी के अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने के सबूत मिले हैं। पूछताछ में अलहमामी ने बताया कि वो विमान को इजराइल में क्रैश कराना चाहता था। हैरानी की बात तो यह है कि उसके आतंकी कनेक्शन मिलने के बाद उसे ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद भी वो यूएई की फ्लाई दुबई एयरलाइंस में नौकरी पाने में सफल रहा और विमान उड़ा रहा था।

2024 में उसे कट्टरपंथी सोच के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी जिम्मेदारी दी गई। करीब 8 महीने पहले वो फिलाई दुबई से जुड़ा था। 29 साल के हमाम अलमामी के पास ओमानी नागरिकता है। इसका पिता ओमानी है। जबकि इसकी मां सीरियाई है और इसका जन्म यूएई में हुआ था। अलमामी ने ओमान से बाहर काफी समय बिताया था और सीरिया में भी लंबे समय तक रहा है। इसी दौरान वो कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ। जांच में उसके कुछ धार्मिक लोगों से मुलाकात की जानकारी भी सामने आई है। अलहमामी के पास से फ्री फिलिस्तीन के पोस्टर और दूसरी फिलिस्तीनी समर्थक वाली चीजें मिली हैं। यह सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के प्रति समर्थन और इजराइल को लेकर दुश्मनी दिखाता रहता था। दरअसल ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि अलहमामी को तेल अवीब जाने वाली फ्लाई दुबई की फ्लाइट में को पायलट की ड्यूटी कैसे मिली? इसलिए इजराइल की मौसा सेना और मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं।

उधर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन याू ने कहा है कि जिसने भी फिलाई दुबई की घटना को अंजाम दिया है उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमलावर इस्लामी कट्टरपंथी से प्रभावित था और उसका इरादा विमान को उसमें सवार सभी यात्रियों के साथ क्रैश करने का था। हम अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि उसे किसने भेजा। तो ये बातें नेतन याू ने कही है। खैर इतना तो साफ है कि को पायलट अल हमामी एक जिहादी था। वो आतंकियों की मानसिकता से प्रेरित था। अब देखना यह होगा कि पूछताछ के दौरान यह जिहादी क्या कुछ और सच उगलता है।

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