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केतन अग्रवाल केस:माही नाम की लड़की की एंट्री’ ,5053 पन्नों की चा!र्जशी!ट में हुआ खौफ!क खुलासा।

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पुणे के केतन अग्रवाल केस में पुणे पुलिस ने 553 पन्नों की दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में बारीक से बारीक डिटेल लिखी हुई है कि कैसे सिया गोयल उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल के की रची और फिर उसको अंजाम दिया है।

करीब 80 से 85 लोगों के बयान दर्ज हैं। इसके अलावा चेतन चौधरी, सिया गोयल और चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हिंंगे का भी बयान दर्ज है। उनके WhatsApp चैट्स, मोबाइल डाटा रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्ड, Instagram, Snapchaat तमाम जो यहां पर डिटेल लिखी हुई है। अब इस में कुछ ऐसे पॉइंट सामने निकल कर आए हैं जो आप आपने अभी तक नहीं जाने होंगे।

कहीं भी ये मीडिया में सामने नहीं निकल कर आए हैं। हम उन पॉइंट्स पे आपको एक-एक करके बताएंगे। जहां पर सबसे पहले 18 जून की गु्थी को समझते हैं। ये गु्थी इसलिए अभी तक बनी हुई थी कि केतन अग्रवाल को सिया गोयल या फिर चेतन चौधरी किसने दिया है। अब चेतन अब ये में जो है ये बात सामने निकल आ चुकी है। पूरी तरह से क्लियर हो चुकी है। 18 जून की गु्थी को समझने से पहले आप चार दिन पहले जाइए 14 जून जहां पर सिया गोयल और केतन अग्रवाल दूसरी बार लोहेगढ़ के पहाड़ों पर यहां पर घूमने के लिए आए थे।

अब सिया गोयल ने केतन अग्रवाल को दिया था लेकिन वो एक तरह से झाड़ियों में उसका हाथ गया था। उसकी वहां पर बची गई थी। यहां पर सिया गोयल ने बहाना बनाया था कि मुझे दिखा था और उससे बचाने के चलते मैंने तुम्हें दिया है या वहां से बचाया है। अब यहां पर केतन अग्रवाल जो सिया गोयल के प्यार में पागल था वो ना तो सिया गोयल पर शक करता है और ना ही यह जानने का प्रयास करता है कि आखिर यहां पर कहां है।

अब 14 जून को सिया गोयल की फेल हो चुकी थी। अब उसे दूसरी बार प्लानिंग को अंजाम देना था। उसके चलते उसने 18 जून को दोबारा से केतन अग्रवाल से कहा कि हमें लोहरगढ़ के पहाड़ों पर जाना है। अब यहां पर 18 जून को उससे पहले 17 जून को सिया गोयल और उसका बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी एक कैफे मिलते हैं। यहां पर एक से घंटे बातचीत करते हैं। केतन अग्रवाल को कैसे देना है इसकी करते हैं, प्रैक्टिस करते हैं और मोबाइल में कुछ यहां पर देखते हुए भी दिखाई पड़ते हैं। अब 18 जून को यह चोटी पर पहुंच जाते हैं लोहरगढ़ की पहाड़ों पर और इस समय जो है या इस दिन चे सिया गोयल वो लोकेशन चूज़ करती है जहां पर कोई झाड़ी थी.

जिसके चलते केतन अग्रवाल की जान किसी भी तरह से ना बच पाए। अब यहां पर सिया गोयल जो है वो से कुछ सेकंड पहले नीचे बैठ जाती है और चेतन चौधरी की तरफ इशारा कर देती है। सबसे पहले सिया गोयल केतन अग्रवाल के पैर पैर पकड़ती है और उसे दे देती है। अब यहां पर केतन अग्रवाल उस समय खड़ा था और उससे कुछ ही सेकंड बाद चेतन चौधरी जो सिया के इशारे पर केतन अग्रवाल को पीछे से देता है और केतन अग्रवाल में जाता है जिसके चलते उसकी हो जाती है।

तो 18 जून की जो गु्थी थी अब वह सुलझ चुकी है। यहां पर पुणे पुलिस ने में लिखा हुआ है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल को दिया था। अब इसके बाद जो है अगला पॉइंट यह है कि एक फेक इंस्टा आईडी सामने निकल कर आई है। ये फेक इंस्टा आईडी जो है सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर बनाई थी केतन अग्रवाल को लोहेगढ़ की पहाड़ों पर लाने के लिए। क्योंकि इससे पहले दो बार 31 मई और 14 जून सिया गोयल और केतन अग्रवाल यहां पर पहाड़ों पर लोहगढ़ के पहाड़ों पर आ चुके थे। घूम चुके थे। अब तीसरी बार केतन अग्रवाल जो है वो यहां पर पहाड़ों पर आने के लिए मना कर रहा था।

लेकिन सिया गोयल को किसी तरह से उसे इस पहाड़ों पर लाना था। इसके चलते चेतन चौधरी और सिया गोयल एक फेक इंस्टा पर आईडी बनाते हैं माही के नाम से। वहां पर एक फेक लड़की का फोटो लगाते हैं और उस फेक अकाउंट से केतन अग्रवाल को Instagram पर मैसेज करते हैं।

उस लड़की के तहत मैसेज किया गया था कि मैं सिया गोयल की एक अच्छी फ्रेंड हूं, बेस्ट फ्रेंड हूं और 19 जून को उसका बर्थडे है और हम सारे दोस्त जो है एक सरप्राइज़ प्लान तैयार कर रहे हैं और सिया गोयल को देने के लिए। क्या तुम उसे 18 जून को लोहेगढ़ के पहाड़ों पर लेके आ सकते हो? अब यहां पर केतन अग्रवाल जो सीधा-साधा लड़का था वो मान जाता है कि हां मैं सिया गोयल को ले आऊंगा।

यहां पर सिया गोयल एक बार फेक इंस्टा आईडी बनाकर कामयाब हो जाती है। केतन अग्रवाल को अपने जाल में लेती है। अब यहां पर 18 जून को पहुंच जाते हैं और जैसे कि मैंने आपको बताया कि किस तरह से उन दोनों ने इस को अंजाम दिया था। वह भी में यहां पर लिखा हुआ है। अब यहां पर आप डिटेल में समझिए कि कैसे जो है वो चेतन चौधरी और सिया गोयल ने केतन अग्रवाल की की रची है।

जो में लिखा हुआ है। उसके अनुसार अक्टूबर 2025 से इन दोनों का अफेयर चल रहा था। रिलेशनशिप में थे चेतन चौधरी और सिया गोयल। लेकिन फरवरी 2026 में केतन अग्रवाल से सिया गोयल की इंगेजमेंट हो जाती है। अब उसके बाद से ही सिया गोयल और चेतन चौधरी केतन अग्रवाल को रास्ते से की बना रहे थे। यहां पर सबसे पहले इन दोनों का था कि किसी तरह से केतन अग्रवाल को रास्ते से जाए और को यह हायर करने वाले थे।

इसके चलते यहां पर जो रितेश हिंंगे जो तीसरा आरोपी है इस में चेतन चौधरी का दोस्त उसके जरिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को हायर करने वाले थे। बेंगलुरु का एक लड़का था जो रितेश हिंंगे का दोस्त था। उससे ही उसके जरिए जो केतन अग्रवाल की कराने वाले थे। लेकिन वो मना कर देता है या फिर क्योंकि सिया गोयल और चेतन चौधरी ये दोनों जो है वो एक से जो उसने तोड़ दिया था बाद में पुलिस को उसके हुआ है और उसके बाद उसको रिकवर किया जाता है।

तो Google सर्च हिस्ट्री में ऐसा पाया गया है कि सिया गोयल ने देखे हैं। देखी है। यहां तक कि सोनम रघुवंशी केस को भी फॉलो किया था। उसकी बारीक से बारीक डिटेल को जाना था। केस स्टडी की थी और यह जाना था कि सोनम रघुवंशी ने कहां गलती की है।

अब यहां पर सोनम रघुवंशी का जब उसे केस सामने आता है तो उसे लगता है कि यह एक अच्छा तरीका है जहां पर पहाड़ों से देकर केतन अग्रवाल को रास्ते से जा सकता है। इसके चलते का जो है

साथ ही चेतन चौधरी और सी गोयल को ये लगता कि लगता था कि अगर तीसरे बंदे से को अंजाम दिया जाएगा तो जब वो पुलिस गिरा हिरासत में आएगा पुलिस उससे पूछताछ करेगी तो वो हमारा नाम ले सकता है। इसके चलते सिया गोयल और चेतन चौधरी ने खुद केतन अग्रवाल को रास्ते से के लिए जो है यहां पर एक तरह से खुद यह कमान संभाली कि हमें जो है इस पूरी को अंजाम देंगे। इसके चलते का जो है यहां पर एक तरह से दरकिनार हो चुका था यह वाला एंगल। अब यहां पर मार्च से जो है चेतन चौधरी और सिया गोयल ऐसी लोकेशन ढूंढ रहे थे जहां पर केतन अग्रवाल को पहाड़ों से दे दिया जाए और किसी को पता ना चले सबको लगे कि सेल्फी लेते हुए केतन अग्रवाल जो है नीचे पहाड़ों से चुका है में और उसकी हो गई है।

इसके चलते महाराष्ट्र का एक बड़ा ही हिल स्टेशन है लोलावला। वहां पर ये जाते हैं। वहां पर अलग-अलग पॉइंट पर देखते हैं। रेकी करते हैं। टाइगर पॉइंट पर ये पहुंचे थे और ये एक ऐसा पॉइंट ढूंढना चाह रहे थे जहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा ना हो। जहां पर ज्यादा लोग आते-जाते ना हो जिसके चलते किसी को इन पर शक ना हो और जब ये केतन अग्रवाल को दे तो सभी को लगे। मार्च से लेकर मई तक जो है यह अलग-अलग हिल स्टेशन पर गए थे। एक तरह से कर रहे थे। अब यहां पर 31 मई को सिया गोयल और केतन अग्रवाल जब लोहेगढ़ के पहाड़ों पर घूमने जाते हैं तो सिया गोयल को दिमाग में बात खटकती है कि यह वो जगह हो सकती है जहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है।

लोग भी बहुत कम आते हैं और एक एक ऐसा पॉइंट चूज़ करेगी सिया गोयल केतन अग्रवाल को देने के लिए जहां पर ज्यादा लोग आते-जाते ना हो। अब यहां पर सिया गोयल को एक बहुत बड़ा एक तरह से क्लू मिल चुका था। एक उसकी यहां पर उसको समझ आ चुकी थी कि अगर लोहेगढ़ के पहाड़ों से देंगे तो किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। अब यहां पर 4 जून को जो है सिया गोयल और केतन अग्रवाल को बाली जाना था प्रीवेडिंग शूट के लिए। लेकिन यहां पर सिया गोयल के प्लानिंग चल रहा था कि प्री वेडिंग शूट से जो है पहले जो है केतन अग्रवाल को रास्ते से दिया जाए।

अब इसके चलते उसने जो है एक जब एयरपोर्ट पे जा रही थी तभी केतन अग्रवाल का पासपोर्ट छुपा दिया। बाथरूम में फेंक दिया और जिसके चलते केतन अग्रवाल और सिया गोयल बाली नहीं जा पाए थे। अब यहां पर 14 जून को पहली बार को अंजाम देने की बनाया गया था। केतन अग्रवाल को लोहेगढ़ के पहाड़ों पर ला जाता है। लेकिन वो किसी तरह से बच जाता है। अब 18 जून को दोबारा से यहां पर रची गई थी। अब लोहेगढ़ के पहाड़ों को इसलिए भी चूज़ किया गया था क्योंकि यह बात गोयल के उस टूटे हुए फोन की Google सर्च हिस्ट्री से पता चला है कि उसने Google सर्च किया था कि इस लोहेगढ़ के पहाड़ों से किसी की पहले हुई है क्या? अब यहां पर उसे यह पता चला था कि इस फीट मीटर की ऊंचाई से 2025 में एक महिला की में हो गई थी।

वो था उस वक्त और उसकी हो गई थी। उसकी नहीं बच पाई थी। इसलिए जो है लोहेगढ़ के पहाड़ों को चूज़ किया गया था कि इतनी ऊंचाई से अगर केतन अग्रवाल को दिया जाएगा तो किसी भी तरह से उसकी बचने का प्रयास नहीं है। ऐसा नहीं है कि वो नीचे में के बाद भी उसकी सांसे चलती रहेंगी।

वो पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इसलिए लोहेगढ़ के पहाड़ों को यहां पर चूस लिया गया था। यह सब कुछ जो है वो सिया गोयल के जो टूटा हुआ फोन था जो उसने वारदात के बाद तोड़ दिया था और तोड़ने के बाद अपने बेडरूम में कहीं छुपाया गया था और वहां से ही टूटा हुआ फोन यह बरामद किया गया था। बरामद करने के बाद काफी मशक्कत के बाद यह जो Google सर्च हिस्ट्री है वो रिकवर होती है और पता चलता है कि उसने सिया गोयल ने सोनम रघुवंशी के केस को फॉलो किया था। है देखी थी। देखे थे। ऐसी चीज देखी थी कि करने के बाद कैसे जो है बचा जा सकता है। ये सारी चीजें सिया गोयल ने एक 19 साल की लड़की ने देख लिया था।

समझ लिया था, परख लिया था। और वहीं से यह पता चलता है कि उसने यह भी देखा था। तक यह रिसर्च किया था कि लोहेगढ़ के पहाड़ों से या गिरकर पहले से किसी की हुई है। इस पूरी को अंजाम दिया गया था। अब इसमें रितेश सिंघे जो चेतन चौधरी का दोस्त है यह भी एक तरह से में शामिल था। जैसा कि हमने आपको बताया है कि बेंगलुरु का बेंगलुरु के जिस आदमी से जो होने वाला था पहले जिस तरह से केतन अग्रवाल की को अंजाम दिलवाने वाले थे सिया गोयल और चेतन चौधरी वो रितेश हिंंगे का एक फ्रेंड था।

अब उस बेंगलुरु वाले लड़के को जो है यहां पर गवाह बनाया गया है पुणे पुलिस द्वारा। अब रितेश सिंह को पूरी जो मालूम थी चेतन चौधरी से करने से पहले और चेतन चौधरी से करने के बाद दोनों ये मिले थे 18 जून को यानी करने के बाद जो है यह एक इंजीनियर कैफे में मिले थे। वहां पर चेतन चौधरी ने रितेश सिंघे से बताया कि चेतन अग्रवाल की हो चुकी है। पूरी के तहत जो है को अंजाम दे दिया गया है और सफलतापूर्वक सब कुछ हो चुका है और अभी तक कोई पकड़ा नहीं गया है।

उस दिन यानी 18 जून को चेतन चौधरी ने अपना फोन भी छोड़ दिया था एक दफ्तर में ताकि जब पुलिस इस केस की जांच पड़ताल करें तो चेतन चौधरी की जो लोकेशन कहीं और मिले वो लोहेगढ़ के पहाड़ों पर ना मिले। इतनी शातिरण अंदाज में पूरी तरह से को अंजाम दिया गया था। इस समय जो है चेतन चौधरी, सिया गोयल और उनका जो एक तीसरा साथी था रित सिंघी वो पुणे की में लगाए गए जो आरोप हैं वो अभी कोर्ट में उनकी जांच होनी बाकी है।

साथ ही चेतन चौधरी की तरफ से जो वकील हैं राम साहनी और वकील नितिन भालेराव ने चार्जशीट दाखिल होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बचाओ पक्ष की जांच करेगा और कोर्ट के सामने आरोपियों का पक्ष रखेगा। अभी जो मामला है ट्रायल में पहुंचेगा यहां पर दलीलें चलेंग दोनों पक्षों के द्वारा लेकिन पुणे पुलिस ने 553 पन्नों की ये दाखिल की है जिसमें कुछ अहम पॉइंट सामने निकल कर आए थे जहां पर 18 जून की गुत थी जिसमें पता चला था कि आखिर सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर दोनों ने केतन अग्रवाल को दिया है।

फेक इंस्टा आईडी एक माही नाम की लड़की से चेतन चौधरी सिया गोयल ने फेक इंस्टा आईडी बनाई थी और उसके जरिए केतन अग्रवाल को एक तरह से कन्वेंस किया था कि हम सिया गोयल को सरप्राइज़ देने वाले तमाम उनके फ्रेंड्स और आप किसी तरह से सिया गोयल को बिना बताए कि हम सरप्राइज़ देने वाले हैं। आप लोहेगढ़ के पहाड़ों पर चले जाइए। केतन अग्रवाल मान जाता है। लेकिन इससे पहले केतन अग्रवाल नहीं मान रहा था। वो कह रहा था कि हम दो बार उसी पहाड़ों पर जा चुके हैं। साथ ही केतन अग्रवाल की फैमिली का भी यही कहना था कि दो बार एक सेम लोकेशन पे जा चुका तो तीसरी बार क्यों जाना है?

सिया गोयल पर किसी भी परिवार वालों को शक नहीं होता है और उसके बाद ही पूरी को यहां पर अंजाम दिया जाता है। इसके बाद जो है तमाम चीजें चल रही थी। अब यहां पर सामने यह भी निकल कर आता है कि जो माही नाम की फेक इंस्टा आईडी बनाई गई थी के तुरंत बाद उस फेक इंस्टा आईडी को जो है अकाउंट को डिलीट कर दिया गया था। लेकिन पुलिस ने जो है तमाम जो इनकी WhatsApp चैट थी, Instagram चैट, Instap चैट, ये फेक इंस्टा अकाउंट है उन सभी को रिकवर किया गया है और ये में सबूत के तौर पर पेश किए गए हैं। दर्ज किए गए हैं। ये काफी मशक्कत वाला काम था और 80 से 85 गवाहों की जो है एक तरह से बयान दर्ज किया है।

इनमें तीन गवाह वे भी हैं जिन्होंने अपने बयान में ये कहा है कि उन्होंने 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहेगढ़ के पहाड़ों पर यहां पर देखा था। सिया गोयल पर सबसे पहला शक जब तब जाता है जब केतन अग्रवाल की बहन जो है सिया गोयल से पूछती है कि आखिर मेरे भाई के साथ हुआ कैसे था? कैसे उनका पैर फिसला?

कैसे वो गए? सिया गोयल इन सवालों के जवाब में जाती है। वो सब जवाब सही से दे नहीं पाती। उसके चेहरे पर साफ दिख रहा था कि कुछ ना कुछ सिया गोयल छिपा रही है। इसके बाद केतन अग्रवाल का परिवार जो है वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराता है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही थी। तो उसी तीन लोहेगढ़ के पहाड़ों पर एक हुड़ी वाला बंदा दिखता है। उसका चेहरा तो साफ रूप से दिखाई नहीं पड़ रहा था।

लेकिन इतनी तेज गर्मी में जून के महीने में एक बंदा जब ऊपर जो है चढ़ाई कर रहा है तो वो हुड़ी क्यों पहनेगा? यहां पर सवाल यह उठता था। उस शक किया जाता है तो पता चलता है कि चेतन चौधरी है

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