99th अकाडमी अवार्ड्स यानी ऑस्कर्स को लेकर गहमागहमी शुरू हो चुकी है। भारत की तरफ से इस साल मराठी फिल्म गोंधल को ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री के तौर पर चुना गया है। यह देश भर से आई उन 33 फिल्मों में से एक है जिन्हें भारत की तरफ से ऑस्कर कैंपेन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। इस दौर में गोंधल ने धुरंधर मैं वापस आऊंगा। हनुमान अंश और बॉर्डर 2 जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ा। ऑस्कर में यह बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में अपनी दावेदारी पेश करेगी। गोंधल महाराष्ट्र के एक ट्रेडिशनल डांस और लोक पर्व को कहा जाता है। इसमें देवी देवताओं की पूजा करते हुए रात भर भजन, कीर्तन और नाटकों का मंचन होता है।
गोंधल फिल्म उसी लोक परंपरा से प्रेरित है। इसे संतोष डावखर ने लिखा और डायरेक्ट किया है। डावखर को 2025 में आयोजित हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया यानी आईएफएफआई में बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड मिला था। गोंधल की कहानी महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में घटती है। यह एक रात की कहानी है। यह वही रात होती है जब हर तरफ गोंधल का जश्न मनाया जाता है। फिल्म की मुख्य किरदार सुमन है जिसकी शादी आनंद नाम के एक अमीर आदमी से हुई है। लेकिन सुमन अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश नहीं है। उसे साहिबा नाम के एक गोंधली आर्टिस्ट से प्रेम है।
इसीलिए वह अपने पति से अलग होना चाहती है। इसके लिए वह तमाम जुगत लगाती है। मगर उसके लिए यह सब आसान नहीं होता। हड़बड़ी में उससे ऐसी चूक हो जाती है कि यह कहानी प्यार और धोखे से होते हुए हत्या तक पहुंच जाती है। गोंधल में इशिता देशमुख, किशोर कदम, योगेश सोहनी, निषाद भोईर और अनुज प्रभु ने काम किया है। यह फिल्म नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इसने बॉक्स ऑफिस पर ₹90 लाख का बिजनेस किया। फिलहाल इसे किसी भी ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज नहीं किया गया है। हालांकि ऑस्कर की रेस में उतरने के बाद हम जल्द ही इसका डिजिटल रिलीज देख सकते हैं।
गोंधल वो चौथी मराठी मूवी है जिसे भारत की तरफ से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री के लिए भेजा गया है। इससे पहले श्वास 2005, हरीश चंद्रा जी फैक्ट्री 2009 और कोर्ट 2015 के हिस्से यह शोहरत आ चुकी है। लेकिन बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत आज तक एक भी ऑस्कर नहीं जीत पाया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गोंधल को देश भर से आई 33 फिल्मों में से चुना है। इन 33 में 14 फिल्में हिंदी भाषा की थी। मराठी, तेलुगु और गुजराती से चार-चार एंट्रीज भेजी गई थी। तमिल से तीन फिल्में आई थी। मलयालम और नगमीज से एक-एक फिल्म और एक साइलेंट मूवी भी इस रेस में थी।
गोंधल ने ऑस्कर की रेस में जिन फिल्मों को पीछे छोड़ा उनमें मैं वापस आऊंगा। बॉर्डर टू धुरंधर डुगडुग हक भामरदो 120 बहादुर सिंह गीतम तेरा मेरा नाता जैसी फिल्में शामिल हैं। गोंथल अब ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के सिलेक्शन प्रोसेस में शामिल होगी। इस कैटेगरी में दुनिया भर के देश अपनी सबसे बेहतरीन मूवीज भेजेंगे। सबसे पहले उनमें से 15 फिल्में अगले राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट की जाएंगी। फिर उनमें से पांच सबसे अच्छी मूवीज को ऑस्कर नॉमिनेशन मिलेगा। अंत में ज्यूरी उन पांच फिल्मों में से जिसका चयन करेगी वही 14 मार्च 2027 की रात को लॉस एंजेलिस से ऑस्कर जीतेंगी। खबर में फिलहाल इतना ही। देखते रहिए ललन टॉप सिनेमा। शुक्रिया।