हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की जोड़ी की कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की भी है। शादी के बाद जया अपने करियर के बेहद अच्छे दौर में थीं। उन्होंने ‘अभिमान’, ‘मिली’, ‘कोशिश’ और ‘गुड्डी’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बना ली थी। लेकिन परिवार बढ़ने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बच्चों श्वेता और अभिषेक की परवरिश को प्राथमिकता दी।
अमिताभ ने एक बातचीत में जया के इस फैसले को याद करते हुए कहा कि जब वह दिन-रात काम में व्यस्त रहते थे, तब जया ने अपना करियर पीछे रखकर दोनों बच्चों की परवरिश की और उनमें अच्छे संस्कार डाले। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ-साथ जया के भी बेहद आभारी हैं।
इस रिश्ते की सबसे खूबसूरत बात यह है कि जया खुद इसे ‘त्याग’ नहीं मानतीं। उन्होंने कहा था कि उन्होंने परिवार के लिए अपनी खुशी से यह फैसला लिया था और उन्हें पत्नी व मां की भूमिका निभाना अच्छा लगता था।यही वजह है कि अमिताभ के लिए जया सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि उनके परिवार की मजबूत नींव भी रही हैं।