कहां है आज मुंबई के माफिया डॉन मान्या सुर्वे को तो आप पहचानते होंगे कुछ समय के लिए ही सही पर उसने दाउद के नाक में दम कर दिया था अरे यहां कोई माफिया जगत की किसी डॉन की बात हो नहीं रही हमें तो सिर्फ यही कहना है कि अगर कोई दमदार इंसान अखाड़े में आ जाता है तो दूसरे पहलवानों को थोड़ा संदेश जरूर होता है हेलो दोस्तों मैं हूं अनामिका और बायोग्राफी एंड रियल लाइफ स्टोरी में आज हम जानेंगे उस कलाकार के चरित्र के बारे में जिसने कई सुपर स्टारों को चुनौती दी थी
या बात हो रही है डेशिंग्ली हैंडसम हीरो विजय अरोरा की विजय अरोरा हिंदी सिनेमा के मंजे हुए कलाकारों में से एक कलाकार थे छोटे और बड़े दोनों ही पदों पर अपनी प्रतिभा का जौहर दिखा चुके विजय का जन्म 27 दिसंबर 1945 में गांधी हुआ था उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 1971 में ग्रेजुएशन किया साथ इसी वर्ष ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल भी पाया था 1972 में फिल्म जरूरत से उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत एक अन्य नवोदित कलाकार रीना रॉय के साथ किया था कि इसी साल उन्होंने आशा पारेख के साथ राखी और
हथकड़ी में भी कम किया लेकिन उनकी लोकप्रियता 1973 में फिल्म यादों की बारात से मिली जिसमें वह जीनत अमान के डेट ऑफ बिर्थ थे इसके बाद 1974 में परवीन बॉबी के साथ 36 घंटे 1975 में शबाना आजमी के साथ कादंबरी तनुजा के साथ इंसाफ व राजेश खन्ना के साथ रोटी 1976 में बिंदिया गोस्वामी के साथ जीवन ज्योति इन फिल्मों में काम किया उनमें से जीवन ज्योति यह सेंसर प्राइस हिट साबित हुई इसके बाद उन्होंने फिल्मों में गंभीर रोल भी निभा जिसमें 1983 में आई बड़े दिलवाला 1991 में आई जान तेरे नाम और 2003 में आई इंडियन बाबू भी शामिल है
विजय ने हिंदी सिनेमा की लगभग हर दिग्गज अभिनेत्री के साथ काम किया चाहे वह जया भादुरी हो वहीदा रहमान 80 के दशक में विजय ने छोटे पर्दे पर अपने अभिनय प्रतिभा के दम पर खूब प्रशंसा बटोरी 1987 में रामानंद सागर ने अपने लोकप्रिय सीरियल रामायण में एक ऐसा रोल ऑफर किया जिससे विजय अरोरा ने एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता को साबित कर दिया वह किरदार था मेघनाद का उनके द्वारा की गई एक्टिंग से एक बार फिर उन्होंने सफलता का स्वाद चखा इस रोल को विजय अरोरा ने अपने एक्टिंग से अमर बना दिया मेघनाद के रोल के लिए आज भी लोग विजय अरोरा को याद करते हैं उसके बाद उन्होंने
भारत एक खोज में बादशाह जहांगीर की भूमिका भी निभाई इसके बाद 2001 में लकीरें और तलाश धारावाहिकों में भी काम किया हिंदी के अलावा गुजराती सिनेमा में भी विजय ने अपना लोहा मनवाया था उन्होंने एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित के साथ गुजराती फिल्म राज हरिश्चंद्र में काम किया इसके अलावा वह कई गुजराती नाटकों में भी नजर आए थे कि उसके बाद भी वहीं रुके नहीं फिल्मी सफर में बढ़ते हुए विजय ने प्रोडक्शन हाउस का गठन किया था
उसी प्रोडक्शन हाउस में उन्होंने ऐसे कई विज्ञापनों का चित्रण किया जिन्हें आगे चलकर कई अवार्ड मिले धीरे-धीरे उन्होंने युवा पीढ़ियों के लिए एक्टिंग क्लासेज भी खोली बात अगर उनके पर्सनल लाइफ की हो तो विजय ने एक मॉडल और मिस इंडिया दिलबर दुबारा से विवाह किया था उन्हें एक बेटा है जिसका नाम है पर हाथ विजय अरोरा लंबे समय से आंत की बीमारी से जूझ रहे अभिनेता विजय का देहांत दो फैब्रिक 2007 को उन्हीं के निवास स्थान पर हुआ था में अपनी अभिनय प्रतिभा से सबके दिलों में गहरी छाप छोड़ने वाले यह अभिनेता अंतः अलविदा कह गया है मैं तुम्हें थी आपकी यार जनाब का मेरी सुनाई हुई कहानियां आपको कैसी लगी हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए का यार हमारे चैनल बायोग्राफी एंड रियल लाइफ स्टोरीज को सबस्क्राइब करना न भूलें नमस्कार अ