Cli

आखिर क्यों किशोर कुमार को लेट कर गाना पड़ा था अमिताभ बच्चन का वह गाना? फिर कैसे हुआ सुपरहिट?

Uncategorized

वो गाना जिसे किशोर कुमार ने लेट कर किया था रिकॉर्ड और बन गया अमिताभ बच्चन के करियर का सबसे यादगार गीत। नमस्कार दोस्तों आज बात करेंगे फील द रील बॉलीवुड दास्तान में उस गाने की जिसे किशोर कुमार ने गाया था लेट कर और वह बन गया था अमिताभ बच्चन के करियर का सबसे यादगार गीत। दोस्तों कुछ गाने सिर्फ गाए नहीं जाते उन्हें महसूस किया जाता है और जब बात हो किशोर कुमार की तो यकीन मानिए वो सिर्फ सुर नहीं लगाते थे वो किरदार की रूह में उतर जाते थे।

आज की फील द रील बॉलीवुड दास्तान में कहानी एक ऐसे गाने की जिसे रिकॉर्ड करने के लिए किशोर कुमार ने स्टूडियो में एक ऐसी डिमांड रख दी थी, जिसे सुनकर पूरी टीम हैरान रह गई थी। और नतीजा एक ऐसा गाना जो 40 साल के बाद भी लोगों की जुबान पर है और वो गाना है इंतहा हो गई इंतजार की आईना कुछ खबर मेरे यार की ये हमें [गाना गाने की आवाज़] है यकीन बेवफा [गाना गाने की आवाज़] वो नहीं फिर वजह क्या हुई इंतजार की जी हां बिल्कुल हम बात कर रहे हैं इंतहा हो गई इंतजार की साल था 1984 और फिल्म थी शराबी अमिताभ बच्चन की फिल्म शराबी सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म हिट हुई लेकिन उससे भी बड़ा हिट साबित हुआ उसका संगीत गाने दे दे प्यार प्यार दे प्यार दे प्यार दे रे हमें प्यार दे और मुझे नौ लखा मंगा दे रे हो सया दीवाने और इसके अलावा इंतहा हो गई इंतजार की बिल्कुल हम बात कर रहे हैं इसी गीत की एक ऐसा गीत जो प्यार तनहाई और नशे के दर्द को एक साथ महसूस करा देता है रिकॉर्डिंग से

पहले हुई एक अनोखी बात जब इस गाने की रिकॉर्डिंग शुरू होने वाली थी तब स्टूडियो में मौजूद थे फिल्म के डायरेक्टर प्रकाश मेहरा, संगीतकार बप्पी लहरी और बीच में बैठे थे किशोर कुमार। प्रकाश मेहरा ने उन्हें सीन समझाया कि अमिताभ का किरदार नशे में है और अपनी प्रेमिका का इंतजार कर रहा है। जन्मदिन की रात है। दिल टूटा हुआ है और हाथ में शराब का गिलास है। फिर किशोर कुमार ने रखी अजीब डिमांड। यह सीन सुनते ही किशोर कुमार कुछ देर चुप रहे। फिर बोले नशे में इंसान सीधा बैठकर नहीं गाता। इसके बाद उन्होंने कहा कि एक लंबी टेबल लेकर आओ। पूरी यूनिट हैरान थी। सब सोच रहे थे कि आखिर क्या होने वाला है। खैर टेबल आ गई और फिर किशोर कुमार उस पर लेट गए।

और बिल्कुल पूरा गाना उन्होंने लेट कर रिकॉर्ड किया। तो आखिर किशोर कुमार ने ऐसा क्यों किया? भाई किशोर कुमार चाहते थे कि गाने में सिर्फ आवाज ना हो बल्कि एक शराबी इंसान की टूटन, लड़खड़ाहट और दर्द भी सुनाई दे। वे मानते थे कि किरदार नशे में है तो गायक को भी उस एहसास के जितना करीब हो सके पहुंचना चाहिए। और शायद यही वजह थी कि जब उन्होंने गाया इंतहा हो गई। इंतजार की [गाना गाने की आवाज़] आईना कुछ खबर मेरे यार की तो ऐसा लगा जैसे कोई इंसान सचमुच अपनी तन्हाई से बातें कर रहा हो

। वैसे अमिताभ और किशोर कुमार की जोड़ी भी बड़ी कमाल की थी। अमिताभ बच्चन का स्क्रीन प्रेजेंस और किशोर कुमार की आवाज यह वो जादू था जिसने 70 और 80 के दशक में करोड़ों लोगों के दिल जीत लिए। जब भी अमिताभ पर्दे पर आते और पीछे से किशोर कुमार की आवाज गूंजती तो लगता था जैसे दोनों एक ही आत्मा के दो रूप हो। एक कलाकार जो किरदार बन जाता था। किशोर कुमार सिर्फ एक गायक नहीं थे। वे हर गाने के साथ उस किरदार में जीते थे। कभी हंसते थे, कभी रोते थे, कभी शरारत करते थे और कभी टेबल पर लेट कर गाना रिकॉर्ड कर देते थे। क्योंकि उनके लिए संगीत सिर्फ काम नहीं एक अभिनय था। दोस्तों अब जब भी इंतहा हो गई, इंतजार की गाना बजता है, तो सिर्फ एक धुन नहीं सुनाई देती, बल्कि सुनाई देती है एक कलाकार की दीवानगी। एक ऐसे इंसान की जो हर गाने में अपनी पूरी सोल, अपनी पूरी आत्मा डाल देता था और शायद इसी वजह से किशोर कुमार सिर्फ एक सिंगर नहीं एक एहसास बन गए। तो यही है फील द रील बॉलीवुड दास्तान जहां हम सिर्फ फिल्मों की बातें नहीं करते बल्कि उन किस्सों को जीते हैं जिन्होंने सिनेमा को अमर बना दिया। आज के एपिसोड में बस इतना ही और फील द रील बॉलीवुड दास्तान के अगले एपिसोड को देखने के लिए और उसकी नोटिफिकेशन पाने के लिए इस चैनल को यानी अलबेला अमित को कर लीजिए सब्सक्राइब। मिलते हैं अगली वीडियो में। नमस्कार।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *