हिंदी सिनेमा में कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं जिनके रिश्ते ऐसे रहे कि शायद ही लोग कभी भुला पाए। ऐसा ही एक रिश्ता था दिग्गज फिल्म मेकर गुरुदत्त और जानीमानी एक्ट्रेस वहीदा रहमान के बीच। भले ही दोनों ने कभी अपने रिश्ते पर खुलकर बात नहीं की। लेकिन दोनों के खूब चर्चे हुआ करते थे। दोनों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है। नमस्कार दोस्तों, आप देख रहे हैं फील द रील बॉलीवुड दास्तान जहां हम लाते हैं आपके लिए वो किस्से जो सिर्फ कहानियां नहीं बल्कि बॉलीवुड की नीव में दर्ज दास्ताने हैं। वही रहमान ने अपने करियर में हर स्टार के साथ काम किया है।
लेकिन गुरुदत्त के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। दोनों ने साथ में कई हिट फिल्में दी। दोनों के अफेयर के चर्चे भी खूब हुआ करते थे। वहीदा रहमान की सादगी, खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस देख तो गुरुदत्त का दिल धड़क उठा था। साल 1950 के करीब गुरुदत्त और वहीदा रहमान की मुलाकात हुई थी। उस वक्त गुरुदत्त भारतीय सिनेमा के सबसे टैलेंटेड फिल्मकारों में गिने जाने लगे थे। अपनी अलग सोच और इमोशनल कहानी कहने की शैली के लिए मशहूर गुरुदत्त हमेशा नए टैलेंट की तलाश में रहते थे। कुछ इसी दौरान उनकी नजर वही रहमान पर पड़ी। उनकी सादगी, खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस ने गुरु दत्त को ऐसा प्रभावित किया कि उन्होंने एक्ट्रेस को हिंदी सिनेमा में बड़ा मौका दिया।
उन्होंने 1956 में रिलीज हुई फिल्म सीआईडी में उन्हें देव आनंद के साथ कास्ट कर लिया। फिल्म बड़ी हिट साबित हुई। यह फिल्म वहीदा के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई और उन्हें पूरे देश में पहचान मिली। फिल्म में देवानंद और वहीदा की जोड़ी को भी काफी पसंद किया गया। इसके बाद गुरुदत्त और वहीदा ने कई फिल्मों में काम किया। दोनों ने साथ मिलकर प्यासा साल 1957, कागज के फूल साल 1959, 14वीं का चांद साल 1960 और साहिब बीवी और गुलाम साल 1962 जैसी क्लासिक फिल्मों में काम किया। दोनों को साथ देखना लोगों के लिए एक बड़ा सरप्राइज़ होता था। फिल्मों में उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री की तारीफ होती थी। वहीं ऑफ स्क्रीन रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चाएं होने लगी। उस समय गुरुदत्त की शादी मशहूर गायिका गीता दत्त से हो चुकी थी। कहा तो यह भी जाता है कि उस दौर में कामकाजी घंटों का असर गुरुदत्त के वैवाहिक जीवन पर भी पड़ने लगा था। गुरुदत्त और वहीदा रहमान ने जैसे-जैसे साथ काम करना शुरू किया,
उनके रिश्ते को लेकर अफवाहें भी तेज होने लगी। दोनों ने कभी इस तरह की अफवाहों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया। लेकिन हर फिल्म से पहले और बाद दोनों के खूब चर्चे होने लगे थे। कहा जाता है कि इन अफवाहों का असर गुरुदत्त की शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ा। इसी बीच गुरुदत्त के करियर में भी मुश्किलें बढ़ने लगी। आज भले ही कागज के फूल को एक क्लासिक फिल्म माना जाता है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी। इस नाकामी ने गुरुदत्त को आर्थिक और मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया। कई फिल्म इतिहासकार मानते हैं कि यही वह दौर था जब वे चिंता,
अवसाद और शराब की लत जैसी समस्याओं से जूझने लगे। बता दें इस तरह की अफवाहों पर कहा जाता है कि एक बार वहीदा रहमान ने भी चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने कहा था कि हमारा प्यार परफेक्ट नहीं था, लेकिन वह सच्चा था। यह प्यार सिनेमा के प्रति हमारे जुनून और साथ मिलकर कुछ खूबसूरत रचने की इच्छा से पैदा हुआ था। उनके इस बयान को लोगों ने अपने-अपने तरीके से समझा। किसी ने इसे प्रेम संबंध माना तो किसी ने दो स्टार्स के बीच गहरा जुड़ाव माना। लेकिन इतना जरूर था कि यह बयान दोनों के बीच मौजूद खास रिश्ते की झलक देता था। अगर आपको यह कहानी पसंद आई तो चैनल को सब्सक्राइब कीजिए क्योंकि अगली बार हम लाएंगे एक और सुपरस्टार की ऐसी ही अनसुनी अनकही दास्तान। फील दरील बॉलीवुड दास्तान में दीजिए इजाजत नमस्कार।